अमेरिका-ईरान पीस डील पर पीएम मोदी का स्वागत, बोले- 'टिकाऊ और अंतिम समझौते की उम्मीद’

अमेरिका-ईरान पीस डील का पीएम मोदी ने स्वागत किया और कहा कि यह समझौता टिकाऊ और अंतिम समाधान की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है जताई उम्मीद कहा।

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद दोनों देशों के बीच शांति समझौते की घोषणा को वैश्विक स्तर पर एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। 

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव में अब राहत की उम्मीद नजर आ रही है। दोनों देशों के बीच हाल ही में घोषित शांति समझौते (Peace Framework) का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है। यह समझौता शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया जाएगा। वैश्विक स्तर पर इसे एक अहम कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस समझौते का स्वागत करते हुए लिखा कि भारत पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के इस प्रयास का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है और कई देशों में जान-माल की भारी क्षति हुई है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस समझौते के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी। इसके साथ ही व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में भी सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि आगे की बातचीत से एक “टिकाऊ और अंतिम शांति समझौता” संभव हो सकेगा।

अमेरिका-ईरान समझौता क्या है?

अमेरिका-ईरान पीस डील पर पीएम मोदी का स्वागत, बोले- 'टिकाऊ और अंतिम समझौते की उम्मीद’

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच यह फ्रेमवर्क समझौता तीन महीने से अधिक समय से चल रहे तनाव को समाप्त करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। दोनों देशों ने पुष्टि की है कि 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक औपचारिक MoU (Memorandum of Understanding) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

समझौते के तहत कई प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है, जिनमें सैन्य गतिविधियों को रोकना, रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को पुनः खोलना और अमेरिकी नौसेना की कुछ गतिविधियों पर लगी पाबंदियों को हटाना शामिल है। हालांकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर अभी भी आगे की बातचीत की जाएगी।

वैश्विक राजनीति में बड़ा बदलाव

इस समझौते में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल के बाद दोनों देशों ने कई मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस डील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घोषणा करते हुए कहा कि समझौता “पूरा हो चुका है” और इसे वैश्विक शांति की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि होर्मुज स्ट्रेट को व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए फिर से पूरी तरह खोला जाएगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में स्थिरता आने की उम्मीद है।

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