इंडोनेशिया के अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी के पास आठ लोग समुद्र में लापता हो गए। इनमें पांच पत्रकार, दो क्रू सदस्य और एक गाइड शामिल हैं। बचाव दल पांच जहाजों की मदद से सुंडा जलडमरूमध्य में खोज अभियान चला रहा है।
जकार्ता: इंडोनेशिया में सक्रिय ज्वालामुखी अनाक क्राकाटोआ के आसपास समुद्री क्षेत्र में आठ लोगों के लापता होने के बाद बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, लापता लोगों में पांच फोटो पत्रकार, दो नाविक और एक रूट गाइड शामिल हैं। यह समूह ज्वालामुखी के हालिया विस्फोट की रिपोर्टिंग के लिए समुद्र के रास्ते द्वीप की ओर जा रहा था। लापता लोगों से संपर्क सोमवार शाम के बाद से नहीं हो पाया है। बचाव दल मंगलवार से उनकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन बुधवार तक उनका पता नहीं चल सका था। ज्वालामुखी की गतिविधियां अभी भी बढ़ी हुई हैं और अधिकारियों ने आगे भी विस्फोट की आशंका को लेकर चेतावनी दी है।
अनाक क्राकाटोआ की ओर जा रही स्पीडबोट से टूटा संपर्क
बांटेन प्रांत के सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस के प्रमुख अल अमरद के मुताबिक, आठ लोग एक स्पीडबोट में सवार होकर तटीय शहर कैरिटा से ज्वालामुखीय द्वीप की ओर रवाना हुए थे।
नाव में पांच फोटो पत्रकार, दो चालक दल के सदस्य और एक रूट गाइड मौजूद था। सोमवार शाम 6:13 बजे नाव पर सवार एक पत्रकार के परिजनों को अंतिम संदेश मिला। इसमें बताया गया था कि समूह अनाक क्राकाटोआ के आसपास के समुद्री क्षेत्र में पहुंच चुका है।
इसके बाद से समूह की कोई खबर नहीं मिली। उनका आखिरी ज्ञात स्थान समुद्र तट से करीब 18.5 किलोमीटर दूर बताया गया है।
अमरद ने कहा कि मंगलवार से बचाव दलों को तैनात किया गया है, लेकिन अब तक लापता लोगों से संपर्क स्थापित नहीं हो सका है और न ही उनकी सटीक स्थिति का पता लगाया जा सका है।
पांच पत्रकार अलग-अलग मीडिया संस्थानों से जुड़े
लापता पांच पत्रकार इंडोनेशिया और तुर्किये से जुड़े विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए काम करते हैं। इनमें इंडोनेशिया की सरकारी समाचार एजेंसी अंतरा, तुर्किये की अनादोलु एजेंसी, इंडोनेशिया के मर्डेका और iNews से जुड़े पत्रकार शामिल हैं।
पांचवां व्यक्ति एक स्वतंत्र फोटोग्राफर है। समूह का उद्देश्य ज्वालामुखी के आसपास हो रही गतिविधियों की तस्वीरें और रिपोर्टिंग करना था।
लापता पत्रकारों के परिवार कैरिटा स्थित बंदरगाह कार्यालय में पहुंचकर अपने परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा समुद्री क्षेत्र में खोज अभियान जारी रखने के बावजूद परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है।
सुंडा जलडमरूमध्य में बढ़ाया गया सर्च ऑपरेशन
बुधवार को बचाव अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया। अधिकारियों ने कैरिटा से लेकर राकाटा और पंजांग द्वीपों तक के समुद्री क्षेत्र में तलाश शुरू की। इसके अलावा सेबेसी और लेगुंडी द्वीपों के आसपास के पानी को भी खोज क्षेत्र में शामिल किया गया है।
अभियान में पांच पोत लगाए गए हैं, जिनमें नौसेना के दो जहाज भी शामिल हैं। राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के अलावा सेना और पुलिस के जवान भी ऑपरेशन में भाग ले रहे हैं।
बचाव एजेंसी द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो में कर्मियों को समुद्री क्षेत्र में नावों के जरिए तलाशी लेते देखा गया। टीम का ध्यान उस क्षेत्र पर है जहां लापता लोगों की नाव का आखिरी संपर्क हुआ था।
सप्ताहांत में करीब 25 घंटे तक फटा ज्वालामुखी
अनाक क्राकाटोआ में सप्ताहांत के दौरान करीब 25 घंटे तक लगातार ज्वालामुखीय गतिविधि देखी गई। इंडोनेशिया की जियोलॉजी एजेंसी के अनुसार, इसके बाद भी ज्वालामुखी रुक-रुककर सक्रिय है।
विस्फोट के दौरान क्रेटर से लावा, राख और अत्यधिक गर्म ज्वालामुखीय पदार्थ बाहर निकल रहे हैं। एजेंसी ने बुधवार को कहा कि ज्वालामुखी की गतिविधि अभी भी ऊंचे स्तर पर है और आगे और विस्फोट होने की संभावना बनी हुई है।
अधिकारियों के मुताबिक, लगातार विस्फोट शुरू होने की स्थिति में ज्वालामुखीय बम, भारी राख गिरने और लावा बहने जैसे खतरे पैदा हो सकते हैं।
लोगों को सक्रिय क्रेटर से दूर रहने की सलाह
अनाक क्राकाटोआ को लेकर अधिकारियों ने पहले से सुरक्षा संबंधी प्रतिबंध लागू कर रखे हैं। ज्वालामुखी जुलाई से इंडोनेशिया के दूसरे सबसे ऊंचे अलर्ट स्तर पर है।
स्थानीय प्रशासन ने निवासियों, पर्यटकों और मछुआरों को सक्रिय क्रेटर से कम से कम 3 किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी है। मौजूदा ज्वालामुखीय गतिविधि को देखते हुए समुद्र में आवाजाही भी जोखिमपूर्ण हो सकती है।
लापता लोगों की नाव के ज्वालामुखी के आसपास पहुंचने और उसके बाद संपर्क टूटने की घटना ने ऐसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा निर्देशों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि नाव ने किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया था या नहीं।
ज्वालामुखी गतिविधि से हवाई यातायात भी प्रभावित
अनाक क्राकाटोआ के हालिया विस्फोटों का असर केवल आसपास के समुद्री क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। ज्वालामुखीय राख के कारण रविवार और सोमवार को हवाई अड्डों को बंद करना पड़ा।
इससे कुल 2,961 उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें 622 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल थीं। करीब 3.41 लाख यात्रियों पर इसका असर पड़ा।
ज्वालामुखीय राख विमानों के संचालन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। इसी कारण राख के फैलाव और दृश्यता जैसी परिस्थितियों को देखते हुए हवाई यातायात पर प्रतिबंध लगाए गए।
राख से प्रभावित क्षेत्रों में ऑनलाइन पढ़ाई की अनुमति
ज्वालामुखीय राख के प्रभाव वाले इलाकों में सरकार ने स्कूलों को अस्थायी रूप से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दी है।
इस कदम का उद्देश्य छात्रों को हवा में मौजूद ज्वालामुखीय राख के सीधे संपर्क से बचाना है। प्रभावित क्षेत्रों में राख की मौजूदगी लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों पर असर डाल सकती है।
सरकार और स्थानीय प्रशासन फिलहाल ज्वालामुखी की गतिविधि तथा राख के फैलाव पर नजर बनाए हुए हैं।
अनाक क्राकाटोआ का इतिहास भी रहा है बेहद विनाशकारी
अनाक क्राकाटोआ का अर्थ इंडोनेशियाई भाषा में “क्राकाटोआ का बच्चा” है। यह ज्वालामुखी उस क्षेत्र में क्राकाटोआ के अवशेषों से उभरा, जिसका 1883 का विशाल विस्फोट इतिहास की सबसे विनाशकारी ज्वालामुखीय घटनाओं में गिना जाता है।
1883 के विस्फोट ने क्राकाटोआ ज्वालामुखी को बड़े पैमाने पर नष्ट कर दिया था और इसके प्रभाव से वैश्विक स्तर पर कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट देखी गई थी।
दिसंबर 2018 में अनाक क्राकाटोआ के विस्फोट से एक सुनामी पैदा हुई थी। इस आपदा में सुमात्रा और जावा द्वीपों पर कम से कम 430 लोगों की मौत हुई थी।
इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण अनाक क्राकाटोआ की मौजूदा गतिविधि को लेकर अधिकारियों और वैज्ञानिक एजेंसियों की निगरानी लगातार बनी हुई है।
रिंग ऑफ फायर के कारण इंडोनेशिया में लगातार ज्वालामुखीय गतिविधि
इंडोनेशिया में 120 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी हैं। देश प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है। यह प्रशांत महासागर के आसपास फैली भूकंपीय भ्रंश रेखाओं की एक श्रृंखला है, जहां दुनिया की अधिकांश भूकंपीय गतिविधि होती है।
इसी भौगोलिक स्थिति के कारण इंडोनेशिया में भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट आम घटनाएं हैं। अनाक क्राकाटोआ की मौजूदा गतिविधि इसी व्यापक भूगर्भीय क्षेत्र का हिस्सा है।
आठ लोगों की तलाश जारी
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता आठ लोगों का पता लगाना है। बचाव एजेंसियों ने समुद्री तलाशी का क्षेत्र बढ़ा दिया है और नौसेना, सेना, पुलिस तथा राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी की टीमें संयुक्त अभियान में जुटी हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार तक लापता समूह से संपर्क स्थापित नहीं हो सका था। बचाव दल समुद्री परिस्थितियों और ज्वालामुखी की सक्रियता के बीच उनकी तलाश कर रहे हैं।
अनाक क्राकाटोआ के लगातार सक्रिय रहने के कारण अभियान में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। ज्वालामुखी से निकलने वाले लावा, राख और गर्म पदार्थ के संभावित खतरे को देखते हुए बचावकर्मियों के लिए भी यह अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि समुद्र में लापता हुए पांच पत्रकारों, दो चालक दल सदस्यों और एक रूट गाइड का पता कब तक लगाया जा सकेगा।








