Rajasthan में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को बढ़ावा देने तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।
जयपुर: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को मजबूत बनाने तथा रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस 2026 के अवसर पर एक बड़ा औद्योगिक पैकेज घोषित किया है। राज्य सरकार के अनुसार, जयपुर में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में हजारों उद्यमियों को वित्तीय सहायता, सब्सिडी, ऋण स्वीकृति पत्र और औद्योगिक भूमि आवंटन से जुड़े दस्तावेज प्रदान किए जाएंगे। इस पहल को राज्य में उद्योग, स्वरोजगार और निवेश को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजस्थान सरकार का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नई औद्योगिक नीतियों, डिजिटल सेवाओं और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले कई सुधारों की भी शुरुआत करेगा। इससे राज्य में MSME क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने और नए निवेश आकर्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
MSME क्षेत्र को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को 13 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित करेंगे। इसमें ऋण स्वीकृति पत्र, अनुदान, सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन शामिल होंगे।अधिकारियों का मानना है कि यह पहल विशेष रूप से उन उद्यमियों के लिए लाभकारी होगी जो अपने कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं या नए उद्योग स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। वित्तीय सहायता से छोटे व्यवसायों को पूंजी जुटाने में आसानी होगी, जिससे उत्पादन क्षमता और रोजगार दोनों में वृद्धि संभव है।
औद्योगिक भूमि आवंटन से निवेश को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) की विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित उद्यमियों को औद्योगिक भूखंडों के आवंटन पत्र और ऑफर लेटर भी सौंपे जाएंगे। औद्योगिक भूमि की उपलब्धता को किसी भी विनिर्माण इकाई की स्थापना का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। सरकार का लक्ष्य है कि भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाकर उद्योगों की स्थापना में लगने वाला समय कम किया जाए। इस कदम से राज्य में नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
नई औद्योगिक नीति और डिजिटल प्लेटफॉर्म की होगी शुरुआत
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राजस्थान सरकार इस अवसर पर नई औद्योगिक नीति भी लॉन्च करेगी। इस नीति का उद्देश्य निवेश प्रक्रियाओं को आसान बनाना, औद्योगिक मंजूरियों को तेज करना और घरेलू एवं विदेशी निवेशकों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल तैयार करना है। इसके साथ ही RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) पोर्टल की शुरुआत भी की जाएगी।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म MSME इकाइयों को सरकारी योजनाओं, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने में मदद करेगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए छोटे उद्योगों की उत्पादकता बढ़ेगी और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान देने पर जोर
कार्यक्रम में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना पर आधारित एक विशेष कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य राजस्थान के पारंपरिक हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पादों और स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेहतर पहचान दिलाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन से निर्यात बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
इन योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
राज्य सरकार की कई प्रमुख योजनाओं के लाभार्थियों को इस कार्यक्रम में सहायता प्रदान की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से:
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
- विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना
- डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित एवं आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना
- राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना
- एकीकृत क्लस्टर विकास योजना
- RIICO की डायरेक्ट लैंड अलॉटमेंट और रेंटल पॉलिसी
इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति समुदायों और नए उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना है।








