आर्यना सबालेंका ने US Open के दूसरे दौर में पोलिना इयात्सेंको को 53 मिनट में 6-1, 6-1 से हराया। दो बार की मौजूदा चैंपियन अब तीसरे दौर में कमिला राखिमोवा से भिड़ेंगी। हालांकि, जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह पत्रकार के सवाल से नाराज दिखीं।
US OPEN 2026: दो बार की मौजूदा चैंपियन आर्यना सबालेंका ने US Open 2026 के दूसरे दौर में शानदार प्रदर्शन करते हुए पोलिना इयात्सेंको को सिर्फ 53 मिनट में 6-1, 6-1 से हरा दिया। दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी के लिए यह ग्रैंड स्लैम करियर की सबसे तेज जीतों में से एक रही। हालांकि, मुकाबला एकतरफा होने के बावजूद सबालेंका के चेहरे और बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तनाव की झलक दिखाई दी।
53 मिनट में दर्ज की एकतरफा जीत
28 वर्षीय सबालेंका ने मुकाबले की शुरुआत से ही अपनी आक्रामक शैली का प्रदर्शन किया। US Open में पहली बार मुख्य ड्रॉ में खेल रही 22 वर्षीय क्वालीफायर पोलिना इयात्सेंको उनके सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकीं।सबालेंका ने दोनों सेट में 6-1 के समान स्कोर के साथ मुकाबला अपने नाम किया। उनकी पावरफुल सर्विस, तेज ग्राउंडस्ट्रोक और आक्रामक रिटर्न के सामने इयात्सेंको लगातार दबाव में नजर आईं।
हालांकि, इस जीत को सबालेंका के मौजूदा फॉर्म का पूरी तरह पैमाना नहीं माना जा सकता, क्योंकि इयात्सेंको के पास दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी को चुनौती देने का ज्यादा अनुभव नहीं था। इसके बावजूद इतनी तेजी से मुकाबला खत्म करना सबालेंका के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला जरूर है।
तीसरी बार US Open जीतने की कोशिश
सबालेंका लगातार तीसरी बार US Open खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ न्यूयॉर्क पहुंची हैं। अगर वह ऐसा करने में सफल होती हैं तो महिला टेनिस के इतिहास में लगातार तीन US Open खिताब जीतने वाली खिलाड़ियों की खास सूची में अपना नाम दर्ज करा सकती हैं।
दूसरे दौर की जीत के बाद सबालेंका ने अपने प्रदर्शन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि वह अपने खेल के स्तर, फोकस और अगले दौर में पहुंचने से खुश हैं।अब तीसरे दौर में उनका सामना उज्बेकिस्तान की कमिला राखिमोवा से होगा। यह मुकाबला सबालेंका के लिए पिछले दौर की तुलना में ज्यादा कठिन परीक्षा हो सकता है।
नंबर-1 रैंकिंग पर भी नजर
US Open का यह अभियान सबालेंका के लिए सिर्फ खिताब बचाने की चुनौती नहीं है। उनकी दुनिया की नंबर-1 रैंकिंग भी दांव पर लगी हुई है। कजाकिस्तान की एलेना रिबाकिना शीर्ष स्थान हासिल करने की स्थिति में हैं।
सबालेंका को न्यूयॉर्क में खिताब जीतना होगा ताकि वह रैंकिंग में शीर्ष स्थान बचाने की अपनी संभावनाओं को मजबूत कर सकें। हालांकि, अगर सबालेंका US Open का खिताब भी बरकरार रखती हैं, तब भी रिबाकिना के सेमीफाइनल में पहुंचने पर वह दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बन सकती हैं।
इसलिए टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टेनिस प्रशंसकों की खास नजर रहेगी।
सीजन की शुरुआत में सबालेंका का था दबदबा
2026 की शुरुआत सबालेंका के लिए बेहद शानदार रही थी। साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन में वह फाइनल तक पहुंची थीं। हालांकि, वहां उन्हें रिबाकिना के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
इसके बाद सबालेंका ने इंडियन वेल्स और मियामी में लगातार खिताब जीतकर शानदार लय हासिल की। सीजन के शुरुआती 27 मुकाबलों में उनकी सिर्फ एक हार थी। उस समय उनके प्रदर्शन को देखते हुए यह कल्पना करना मुश्किल था कि वह साल के अंत तक नंबर-1 रैंकिंग को लेकर दबाव में आ सकती हैं।
लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।
पिछले पांच महीनों में गिरा प्रदर्शन
सनशाइन डबल पूरा करने के बाद सबालेंका के प्रदर्शन में गिरावट आई। US Open से पहले तक उनके रिकॉर्ड में 17 जीत और 7 हार दर्ज हो चुकी थीं। पिछले पांच महीनों में वह सिर्फ एक WTA टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंच सकी थीं।
यह प्रदर्शन उनके सीजन के शुरुआती हिस्से की तुलना में काफी कमजोर था। खुद सबालेंका ने US Open से पहले स्वीकार किया था कि वह कुछ निजी और अन्य परिस्थितियों से जूझ रही थीं और यह दौर उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी नीचे था।
ऐसे में दूसरे दौर में महज 53 मिनट में मिली जीत उनके लिए मानसिक और प्रतिस्पर्धी दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण हो सकती है।
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जीत के बाद भी नजर आई नाराजगी
इयात्सेंको के खिलाफ मुकाबला खत्म करने के बाद सबालेंका ने जीत जरूर दर्ज की, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनका मूड पूरी तरह सहज नहीं दिखा।
एक पत्रकार के सवाल से सबालेंका नाराज हो गईं। उन्हें ऐसा लगा कि सवाल में यह संकेत दिया जा रहा है कि US Open से पहले वह काफी पार्टियों में शामिल हो रही थीं और ट्रेनिंग पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही थीं।
सबालेंका ने इस सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि केवल ब्रांड्स के साथ अपनी गतिविधियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने के आधार पर यह कैसे माना जा सकता है कि वह पार्टी कर रही थीं और अभ्यास नहीं कर रही थीं।
उन्होंने साफ किया कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली गतिविधियां उनके पूरे जीवन या ट्रेनिंग शेड्यूल की तस्वीर नहीं बतातीं।
पत्रकार से हुआ तीखा संवाद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनसे पूछा गया कि क्या टूर्नामेंट शुरू होने के बाद वह अब गंभीर हो गई हैं, तो सबालेंका ने व्यंग्यात्मक अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि हां, अब वह गंभीर हैं और फिर पलटकर पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि वह इससे पहले गंभीर नहीं थीं। इसके बाद उन्होंने अगला सवाल लेने को कहा।
उनकी प्रतिक्रिया से साफ था कि वह अपने पेशेवर रवैये पर सवाल उठाए जाने से खुश नहीं थीं। सबालेंका लंबे समय से अपनी फिटनेस और ट्रेनिंग को लेकर बेहद प्रतिस्पर्धी रवैया रखने वाली खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं।
US Open में चुनौती अभी बाकी
इयात्सेंको के खिलाफ शानदार जीत ने सबालेंका को अगले दौर में जरूर पहुंचा दिया है, लेकिन असली परीक्षा आगे होगी। तीसरे दौर में राखिमोवा के खिलाफ उन्हें अपने खेल का स्तर बनाए रखना होगा।
US Open जैसे ग्रैंड स्लैम में शुरुआती दौर में आसान जीत के बाद आगे के मुकाबले तेजी से कठिन होते जाते हैं। ऐसे में सबालेंका को अपनी सर्विस, पावर गेम और मानसिक स्थिरता पर लगातार काम करना होगा।
उनका लक्ष्य सिर्फ तीसरे दौर से आगे बढ़ना नहीं, बल्कि न्यूयॉर्क में लगातार तीसरी ट्रॉफी जीतना है।
खिताब के साथ रैंकिंग बचाने की चुनौती
सबालेंका के लिए इस बार US Open का महत्व इसलिए और बढ़ गया है क्योंकि यहां उनके पास दोहरी चुनौती है। एक तरफ उन्हें लगातार तीसरा खिताब जीतने की कोशिश करनी है, वहीं दूसरी ओर दुनिया की नंबर-1 रैंकिंग बचाने के लिए भी मजबूत प्रदर्शन करना होगा।
रिबाकिना की मौजूदगी इस रैंकिंग मुकाबले को और दिलचस्प बना रही है। टूर्नामेंट के हर दौर के साथ यह स्पष्ट होता जाएगा कि साल के अंत में महिला टेनिस की शीर्ष खिलाड़ी कौन रहने वाली है।
फिलहाल सबालेंका ने दूसरे दौर में अपने खेल से जोरदार संदेश दिया है। 53 मिनट की जीत बताती है कि वह US Open में अपने खिताब की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, उनके हालिया प्रदर्शन और रैंकिंग की स्थिति को देखते हुए टूर्नामेंट का आगे का सफर उनके लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।









