बलिया में धान की रोपाई के दौरान किसान पर गिरी आकाशीय बिजली, अस्पताल में हुई मौत

बलिया में धान की रोपाई की तैयारी के दौरान किसान पर आकाशीय बिजली गिर गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, पुलिस ने जांच शुरू की।

बलिया के गड़वार क्षेत्र में धान की रोपाई की तैयारी कर रहे 66 वर्षीय किसान की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। गड़वार क्षेत्र के लारपुर गांव में खेत में धान की रोपाई की तैयारी कर रहे किसान अचानक वज्रपात की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से झुलसे किसान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

धान की रोपाई की तैयारी के दौरान हुआ हादसा

बलिया जिले के गड़वार थाना क्षेत्र स्थित लारपुर गांव में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के 66 वर्षीय किसान विजय गौड़ सुबह अपने खेत में धान की रोपाई की तैयारी के लिए पहुंचे थे। वह ट्यूबवेल चलाकर खेत की मेड़बंदी और सिंचाई से जुड़ा कार्य कर रहे थे। इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश के साथ गरज-चमक शुरू हो गई। खेत में काम कर रहे किसान को संभलने का मौका भी नहीं मिला और आकाशीय बिजली सीधे उनकी चपेट में आ गई।

अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत

वज्रपात की चपेट में आने के बाद विजय गौड़ गंभीर रूप से झुलस गए और खेत में ही गिर पड़े। आसपास मौजूद किसानों और ग्रामीणों ने घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें तत्काल खेत से बाहर निकाला। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में शोक का माहौल फैल गया।

पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही गड़वार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमानुसार सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। साथ ही प्रशासन को भी घटना की जानकारी दे दी गई है।

ग्रामीणों ने की आर्थिक सहायता की मांग

हादसे के बाद गांव के लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना है कि किसान की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले किसान के परिजनों को सरकारी सहायता और निर्धारित मुआवजा जल्द उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार को कुछ राहत मिल सके।

बारिश और वज्रपात के दौरान बरतें सावधानी

लगातार बदलते मौसम के बीच मौसम विभाग भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी के दौरान खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है। प्रशासन ने भी लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम में अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने की अपील की है।

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