राजस्थान में तबादलों पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बड़ा बयान, बोले- अब कोई चर्चा नहीं, जहां ट्रांसफर हुआ वहीं देना होगा कार्यभार

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि तबादलों की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। जिनका ट्रांसफर हुआ है, उन्हें नए कार्यस्थल पर ही कार्यभार संभालना होगा।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादलों की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। अब किसी भी प्रकार के स्थानांतरण पर विचार नहीं होगा और जिनका तबादला हो चुका है, उन्हें नए स्थान पर कार्यभार संभालना होगा।

जोधपुर: राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने तबादलों को लेकर बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण की प्रक्रिया 10 जुलाई तक ही खुली थी, लेकिन अब उस पर पूरी तरह रोक लग चुकी है। मंत्री ने साफ किया कि जिन कर्मचारियों और शिक्षकों के तबादले हो चुके हैं, उन्हें अपने नए पदस्थापन स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण करना होगा।

तबादलों पर अब नहीं होगी कोई चर्चा

रविवार को जोधपुर दौरे पर पहुंचे शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य सरकार ने स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय पहले ही तय कर दिया था। 10 जुलाई तक तबादलों से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की गई, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह बंद हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब तबादलों को लेकर किसी भी प्रकार की चर्चा या पुनर्विचार नहीं किया जाएगा। जिन अधिकारियों, कर्मचारियों या शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी हो चुके हैं, उन्हें उसी स्थान पर जाकर कार्यभार संभालना होगा।

जोधपुर दौरे में विभिन्न संगठनों से की मुलाकात

अपने जोधपुर प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री ने सर्किट हाउस में निजी स्कूल संचालकों, निजी स्कूलों के शिक्षकों, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों, सरकारी शिक्षकों और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान कई संगठनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन भी सौंपे। मंत्री ने आश्वासन दिया कि विभागीय नियमों के तहत सभी मुद्दों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

पंचायत चुनाव पर विपक्ष को दिया जवाब

मीडिया से बातचीत में मदन दिलावर ने पंचायत चुनाव को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार राज्य सरकार सभी निर्णय संवैधानिक प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विपक्ष के आरोपों को गंभीरता से नहीं ले रही और सरकार पारदर्शिता के साथ अपना काम कर रही है।

'पूरा शिक्षा विभाग ही मेरा परिवार'

पूर्व शिक्षा मंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी मदन दिलावर ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए पूरा शिक्षा विभाग ही परिवार के समान है। सरकार किसी व्यक्ति विशेष या किसी परिवार के आधार पर फैसले नहीं करती, बल्कि विभागीय जरूरतों और नियमों के अनुसार ही नियुक्ति और पदस्थापन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने कहा कि जहां जिस कर्मचारी की आवश्यकता होती है, वहीं उसकी नियुक्ति की जाती है।

सरकार ने दिए स्पष्ट संकेत

शिक्षा मंत्री के इस बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि फिलहाल राज्य में तबादलों की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की संभावना नहीं है। ऐसे में जिन शिक्षकों और कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी हो चुके हैं, उन्हें नए कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। वहीं, तबादले की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारियों को फिलहाल अगले आदेश या नई स्थानांतरण नीति का इंतजार करना पड़ सकता है।

Leave a comment