बांकेबिहारी मंदिर में भी मिलेगी तिरुपति जैसी प्रसाद सुविधा, तैयारी तेज

वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में तिरुपति मॉडल पर प्रसाद वितरण व्यवस्था शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए बड़े प्रसाद निर्माण केंद्र हेतु स्थान तलाशा जा रहा है।

वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए तिरुपति मंदिर की तर्ज पर प्रसाद वितरण व्यवस्था शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए मंदिर के आसपास बड़े स्तर पर प्रसाद निर्माण हेतु उपयुक्त स्थान तलाशा जा रहा है।

Vrindavan: वृंदावन स्थित Banke Bihari Temple में आने वाले श्रद्धालुओं को जल्द ही संगठित प्रसाद वितरण सुविधा मिल सकती है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रबंधन समिति मंदिर में तिरुपति मॉडल की तरह भोग भंडार और प्रसाद व्यवस्था शुरू करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे हर भक्त को दर्शन के बाद प्रसाद उपलब्ध कराया जा सकेगा।

श्रद्धालुओं को मिलेगा व्यवस्थित प्रसाद वितरण का लाभ

देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हालांकि वर्तमान में मंदिर में ऐसी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है, जिसके तहत सभी श्रद्धालुओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से प्रसाद उपलब्ध कराया जा सके। इसी कमी को दूर करने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति नई योजना पर काम कर रही है।

बांकेबिहारी मंदिर में भी मिलेगी तिरुपति जैसी प्रसाद सुविधा, तैयारी तेज

समिति का उद्देश्य है कि दर्शन के बाद प्रत्येक श्रद्धालु को मंदिर की ओर से प्रसाद प्राप्त हो सके। इसके लिए तिरुपति मंदिर की व्यवस्था का अध्ययन किया गया है, जहां भक्तों को व्यवस्थित तरीके से प्रसाद उपलब्ध कराया जाता है।

बड़े स्तर पर प्रसाद निर्माण के लिए स्थान की तलाश

प्रबंधन समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रसाद निर्माण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराना है। समिति ऐसे स्थान की तलाश कर रही है जो मंदिर के निकट हो और जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रसाद तैयार किया जा सके।

समिति का मानना है कि यदि प्रसाद निर्माण केंद्र मंदिर के पास स्थापित होता है तो वितरण व्यवस्था अधिक सुचारु और प्रभावी बनाई जा सकेगी। इसके साथ ही स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों को भी बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा।

वर्तमान व्यवस्था में श्रद्धालुओं को होती है परेशानी

अभी मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बाजार से पेड़ा या अन्य मिठाइयां खरीदकर भोग के रूप में अर्पित करते हैं। मंदिर परिसर में मौजूद सेवायतों और भंडारियों की मदद से यह प्रक्रिया पूरी की जाती है। लेकिन भीड़भाड़ वाले दिनों में कई श्रद्धालुओं को भोग अर्पित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

कई बार श्रद्धालु दूर से ही प्रसाद अर्पित करने का प्रयास करते हैं, जिससे अव्यवस्था की स्थिति भी बन जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस प्रकार की परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है।

वर्ष 2002 तक संचालित होता था भोग भंडार

बांकेबिहारी मंदिर में भोग भंडार की व्यवस्था कोई नई बात नहीं है। वर्ष 2002 तक मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण की व्यवस्था संचालित होती थी। श्रद्धालु निर्धारित शुल्क देकर प्रसाद प्राप्त कर सकते थे।

हालांकि समय के साथ विभिन्न कारणों से यह व्यवस्था बंद हो गई। अब करीब दो दशक बाद एक बार फिर इसे नए स्वरूप में शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। समिति का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी और मंदिर में दर्शन का अनुभव भी बेहतर होगा।

तिरुपति मॉडल से मिलेगी प्रेरणा

आंध्र प्रदेश स्थित Tirumala Venkateswara Temple में प्रसाद वितरण की व्यवस्था देशभर में एक सफल मॉडल के रूप में देखी जाती है। वहां श्रद्धालु निर्धारित काउंटरों से प्रसाद प्राप्त करते हैं और इसे अपने साथ घर भी ले जा सकते हैं।

इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए बांकेबिहारी मंदिर में भी ऐसी व्यवस्था विकसित करने की तैयारी है। यदि योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो आने वाले समय में लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ-साथ व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण प्रसाद की सुविधा भी मिल सकेगी।

प्रबंधन समिति के अनुसार स्थान चयन और अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद इस व्यवस्था को जल्द ही मूर्त रूप दिया जाएगा, जिससे वृंदावन आने वाले भक्तों को एक नई और बेहतर सुविधा का लाभ मिल सके।

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