नई स्टडी में पता चला है कि पिता की स्मोकिंग की आदत बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज, लिवर की बीमारियों और मेटाबॉलिक समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, स्मोकिंग से पुरुषों के स्पर्म प्रभावित होते हैं, जिससे बच्चों के मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन रेस्पॉन्स पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।
पिता की स्मोकिंग का असर बच्चों पर: नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि पिता की स्मोकिंग की आदत बच्चों की सेहत पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया और इसे जर्नल ऑफ द एंडोक्राइन सोसाइटी में प्रकाशित किया। अध्ययन में शामिल 1,000 पुरुषों के बच्चे जिनके पिता स्मोकर थे, उनमें 30 प्रतिशत को डायबिटीज और लिवर से जुड़ी समस्याएं मिलीं। शोध से पता चलता है कि पिता की स्मोकिंग से बच्चों का मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन रेस्पॉन्स प्रभावित हो सकता है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं।
पिता की स्मोकिंग और बच्चों पर खतरा
नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि पिता की स्मोकिंग की आदत बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज, लिवर की बीमारियों और मेटाबॉलिक समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया और इसे जर्नल ऑफ द एंडोक्राइन सोसाइटी में प्रकाशित किया गया। रिसर्च में पाया गया कि स्मोकिंग करने वाले पुरुषों के बच्चे में मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन रेस्पॉन्स प्रभावित हो सकता है।

स्पर्म में बदलाव और बच्चों की सेहत
शोध के अनुसार, स्मोकिंग करने वाले पुरुषों के स्पर्म में बदलाव आते हैं। इन बदलावों के कारण जन्म के समय बच्चे के शरीर में शुगर मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन के काम करने का तरीका प्रभावित हो सकता है। रिसर्च में शामिल 1,000 पुरुषों के बच्चों में 30 प्रतिशत को डायबिटीज और लिवर से जुड़ी समस्याएं पाई गईं।
स्मोकिंग के दौरान निकोटिन शरीर में कई मेटाबॉलिक प्रोसेस को प्रभावित करता है। इसका असर सिर्फ व्यक्ति पर ही नहीं बल्कि उसके होने वाले बच्चों पर भी पड़ सकता है। बच्चों के मेटाबॉलिज्म और लिवर फंक्शन पर इसके दीर्घकालिक असर की संभावना बताई जा रही है।
रोकथाम और सावधानी
डॉक्टरों का कहना है कि अगर कोई पिता बनने की योजना बना रहा है तो उसे स्मोकिंग से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। इससे न सिर्फ व्यक्ति की अपनी सेहत सुरक्षित रहती है बल्कि होने वाले बच्चे में बीमारियों का जोखिम भी कम होता है।
यह स्टडी दिखाती है कि पिता की स्मोकिंग का प्रभाव बच्चों की सेहत पर भी पड़ सकता है। टाइप-2 डायबिटीज और लिवर संबंधी समस्याओं के खतरे को देखते हुए, भविष्य के माता-पिता के लिए स्मोकिंग छोड़ना न केवल जरूरी बल्कि आवश्यक है।











