बेंगलुरु में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक और CBSE गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। हैदराबाद में सोनम वांगचुक ने भी संबोधित किया।
बेंगलुरु: भारत के कई शहरों में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। इसी क्रम में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने रविवार को बेंगलुरु में बड़ा प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।
इस प्रदर्शन में अभिनेता Prakash Raj भी शामिल हुए, जिन्होंने हाथ में फूल लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया।
बेंगलुरु में बारिश के बीच प्रदर्शन, बड़ी संख्या में जुटे लोग
बेंगलुरु में हुए इस प्रदर्शन के दौरान मौसम खराब होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों की भीड़ कम नहीं हुई। लोग पोस्टर, बैनर और छाते लेकर सड़कों पर पहुंचे और NEET पेपर लीक तथा CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
हैदराबाद में भी विरोध, सोनम वांगचुक ने दिया संबोधन
इसी अभियान के तहत हैदराबाद के धरना चौक पर भी प्रदर्शन हुआ, जहां सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने लोगों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के साथ हो रही गलतियों को सुधारने की दिशा में एक जन-जागरण है।
वांगचुक ने यह भी कहा कि देश में ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था की जरूरत है जहां भय और नफरत से मुक्त माहौल में हर नागरिक को स्वतंत्रता मिले।
देश के कई शहरों में फैला आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में यह आंदोलन पिछले कुछ दिनों में तेजी से देश के कई शहरों तक फैल गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 9 दिनों में यह अभियान दिल्ली, पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में पहुंच चुका है।
इस आंदोलन की शुरुआत 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से हुई थी, जिसके बाद इसे विभिन्न शहरों में लगातार विस्तार दिया गया।
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प्रकाश राज की मौजूदगी से बढ़ा ध्यान
बेंगलुरु प्रदर्शन में Prakash Raj की मौजूदगी ने इस आंदोलन को और अधिक ध्यान आकर्षित करने वाला बना दिया।
वे शांतिपूर्ण तरीके से हाथ में फूल लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए, जिसे प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल और मुख्य मांगें
प्रदर्शन का मुख्य फोकस देश की परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों पर रहा।
प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों और CBSE की डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर गंभीर चिंता जताई।
इसी के साथ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी लगातार उठाई जा रही है।
हैदराबाद में सोनम वांगचुक का संदेश
हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में Sonam Wangchuk ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ नाराजगी का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि व्यवस्था सुधार की दिशा में एक प्रयास है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें और शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए संगठित रहें।
CJP का विस्तार और सोशल मीडिया प्रभाव
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका में अध्ययन कर चुके हैं और पहले एक राजनीतिक दल से जुड़े सोशल मीडिया रणनीतिकार रह चुके हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आंदोलन ने सोशल मीडिया पर भी तेज़ी से लोकप्रियता हासिल की है, जहां इसके फॉलोअर्स की संख्या लाखों में पहुंच गई है।
CJP की शुरुआत कैसे हुई?
यह आंदोलन एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ बताया जाता है, जिसमें कथित रूप से युवाओं को लेकर की गई एक न्यायिक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।
इसके बाद अभिजीत दीपके ने इस अभियान की शुरुआत की और इसे “जनता की आवाज” के रूप में आगे बढ़ाया।









