बिहार की राजनीति में इन दिनों नए मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का दौर तेज हो गया है। सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं के बीच कई वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिए हैं कि अगला मुख्यमंत्री संभवतः Bharatiya Janata Party से हो सकता है।
पटना: बिहार की राजनीति इन दिनों नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर गर्म है। सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच, कई वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिए हैं कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। इस बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से अलग बताया और खुद को ‘सेवक’ के रूप में पेश किया।
विजय सिन्हा ने साफ किया मुख्यमंत्री पद का रुझान
पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी CM विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि वह किसी पद की दौड़ में नहीं हैं। उनका कहना था, “मैं सेवक की भूमिका में हूं, किसी रेस में नहीं। हमारी सरकार पहले भी एनडीए की थी, अब भी है और आगे भी रहेगी। उन्होंने गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि इसमें कोई बड़ा भाई या छोटा नहीं है, सभी बराबरी के भागीदार हैं। उनके अनुसार यही भावना सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगी और राज्य के विकास को गति देगी।
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नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से बढ़ी सियासी हलचल
मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की तैयारी ने बिहार में राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के मुताबिक, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ ले सकते हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इसके बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा संभव है, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होगा।
बिहार में नए CM को लेकर अटकलें तेज हैं। कुछ हलकों में निशांत कुमार को राजनीति में सक्रिय करने और विधान परिषद के रास्ते उन्हें आगे बढ़ाने की चर्चाएं हो रही हैं। कई राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि निशांत कुमार के मुख्यमंत्री बनने की मांग भी उठ रही है, हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।








