बिहार में 11 जून को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की एंट्री हो गई है। 12 जून को राज्य के 21 जिलों में तेज बारिश, आंधी और 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
पटना: बिहार में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रवेश के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने 12 जून के लिए कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की आशंका जताई है। अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ दिनों में मॉनसून पूरे राज्य में फैल सकता है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
बिहार में तेजी से आगे बढ़ रहा है मॉनसून
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 11 जून को बिहार के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मॉनसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में मधुबनी क्षेत्र से होकर गुजर रही है। मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल होने के कारण अगले दो से तीन दिनों में मॉनसून के राज्य के अन्य जिलों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
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मॉनसून की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट और उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि इसके साथ कई इलाकों में तेज हवाएं और भारी बारिश भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
21 जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने 12 जून के लिए औरंगाबाद, भोजपुर, नवादा, नालंदा, पटना, गया, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, बेगूसराय, खगड़िया, शेखपुरा, मुंगेर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, जमुई, भागलपुर, पूर्णिया और कटिहार में तेज बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।
इन जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी है।
पटना में 12 जून को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में हुई जोरदार बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान बिहार के विभिन्न हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। सुपौल में सबसे अधिक 10 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, आईआईटी पटना और आसपास के क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।
बारिश के बावजूद राज्य के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी वर्षा के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक जाम, दृश्यता में कमी और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।










