छोले भटूरे उत्तर भारत, खासकर पंजाब और दिल्ली का प्रसिद्ध व लोकप्रिय व्यंजन है। इसमें मसालेदार काबुली चने (छोले) और तेल में तले हुए फूले-फूले भटूरे परोसे जाते हैं। यह स्वाद में चटपटा, खुशबूदार और पेट भरने वाला भोजन माना जाता है, जिसे खास मौकों और सप्ताहांत में बड़े चाव से खाया जाता है।
सामग्री
छोले के लिए:
- काबुली चने – 1 कप (रात भर भिगोए हुए)
- प्याज़ – 2 (बारीक कटे)
- टमाटर – 2 (प्यूरी)
- अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 टेबलस्पून
- तेल – 2 टेबलस्पून
- जीरा – 1 टीस्पून
- तेजपत्ता – 1
- हल्दी – ½ टीस्पून
- धनिया पाउडर – 1 टीस्पून
- लाल मिर्च – ½ टीस्पून
- छोले मसाला – 1½ टीस्पून
- गरम मसाला – ½ टीस्पून
- नमक – स्वादानुसार
- हरा धनिया – सजाने के लिए
भटूरे के लिए:
- मैदा – 2 कप
- सूजी – 2 टेबलस्पून
- दही – ½ कप
- नमक – स्वादानुसार
- चीनी – 1 टीस्पून
- तेल – तलने के लिए
बनाने की विधि
छोले बनाने की विधि:
- भिगोए हुए चनों को कुकर में नमक और पानी डालकर 3–4 सीटी में उबाल लें।
- कढ़ाही में तेल गरम कर जीरा और तेजपत्ता डालें।
- प्याज़ डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
- अदरक-लहसुन पेस्ट और टमाटर प्यूरी डालकर तेल छोड़ने तक पकाएँ।
- सभी सूखे मसाले डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।
- उबले छोले और थोड़ा पानी डालकर 10–15 मिनट धीमी आँच पर पकाएँ।
- पकाने के बाद ऊपर से हरा धनिया डालें और गैस बंद करें।
भटूरे बनाने की विधि:
- मैदा, सूजी, नमक, चीनी और दही मिलाकर नरम आटा गूंथ लें।
- आटे को ढककर 2–3 घंटे रख दें।
- आटे की लोइयाँ बनाकर गोल भटूरे बेल लें।
- कढ़ाही में तेल गरम कर भटूरों को सुनहरा और फूला होने तक तल लें।
खाने के फायदे
- प्रोटीन और फाइबर की भरपूर मात्रा काबुली चनों में होती है।
- यह भोजन ऊर्जा देने वाला और देर तक पेट भरा रखने वाला है।
- इसमें मौजूद मसाले पाचन को बेहतर बनाते हैं।













