बिहार में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद चंद्रशेखर आजाद ने एनडीए सरकार पर “डर, दमन और बदले की राजनीति” का आरोप लगाया। समर्थकों के विरोध और पुलिस के बीच टकराव के बीच पप्पू यादव को हिरासत में लिया गया। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
Pappu Yadav Arrest: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया, 31 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में। गिरफ्तारी के समय उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस के साथ टकराव हुआ। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इसे “डर, दमन और बदले की राजनीति” करार देते हुए एनडीए सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सत्ता जनता के सवालों से घबरा जाती है और ऐसे तरीके से जननेताओं को निशाना बनाना कानून का नहीं, बल्कि अहंकार का प्रतीक है।
चंद्रशेखर आजाद ने साधा निशाना
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने इसे डर, दमन और बदले की राजनीति करार दिया और कहा कि यह कानून का राज नहीं बल्कि सत्ता का अहंकार है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा कि बीमारी के बावजूद पप्पू यादव को निशाना बनाना सरकार की संवेदनहीनता और क्रूर मानसिकता दिखाता है।
आजाद ने यह भी चेतावनी दी कि बिहार की जनता स्थिति को समझ रही है और तानाशाही के खिलाफ यह लड़ाई और तेज होगी। उन्होंने बताया कि सत्ता जनता के सवालों से घबरा जाती है और आधी रात में जननेताओं को निशाना बनाती है।

गिरफ्तारी के समय विरोध और तनाव
पुलिस जब पप्पू यादव के आवास पहुंची तो बड़ी संख्या में समर्थक इकट्ठा हो गए। समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। लंबी मशक्कत के बाद ही पुलिस ने रात 12 बजे उन्हें हिरासत में लिया। इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। चंद्रशेखर आजाद का आरोप और समर्थकों का विरोध राज्य सरकार के लिए एक चुनौती पेश करता है। आने वाले दिनों में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की निगाहें रहेंगी।












