सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने दार्जिलिंग गवर्नमेंट कॉलेज के 78वें स्थापना दिवस पर अपने पुराने कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने शिक्षकों और सहपाठियों से मुलाकात कर छात्र जीवन की यादें ताजा कीं और संस्थान के योगदान की सराहना की।
गंगटोक: सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने दार्जिलिंग गवर्नमेंट कॉलेज के 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर अपने पुराने कॉलेज का दौरा किया। यह यात्रा उनके लिए केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से बेहद खास अवसर साबित हुई। वर्षों बाद अपने अल्मा मेटर लौटे मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर में बिताए छात्र जीवन के दिनों को याद किया और अपने शिक्षकों तथा पुराने सहपाठियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इस यात्रा को “दिल को छू लेने वाली घर वापसी” बताते हुए कहा कि कॉलेज की गलियों में दोबारा चलना और उन लोगों से मिलना, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और सोच को आकार दिया, उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।
78 वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा का जश्न
दार्जिलिंग गवर्नमेंट कॉलेज ने इस वर्ष अपनी स्थापना के 78 वर्ष पूरे किए। स्थापना दिवस समारोह में वर्तमान छात्रों, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। समारोह में कॉलेज की शैक्षणिक उपलब्धियों, सामाजिक योगदान और पूर्व छात्रों की सफलताओं को भी याद किया गया। संस्थान ने पिछले कई दशकों में शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, साहित्य और अन्य क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाओं को तैयार किया है।
छात्र जीवन की यादें हुईं ताजा
कॉलेज पहुंचने पर मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने परिसर का भ्रमण किया और उन स्थानों को देखा जहां उन्होंने अपने छात्र जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए थे। उन्होंने अपने पुराने शिक्षकों से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया और सहपाठियों के साथ पुराने दिनों की यादें साझा कीं। इस दौरान कई भावुक पल भी देखने को मिले, जब वर्षों बाद एक-दूसरे से मिले पूर्व छात्र कॉलेज के अनुभवों को याद करते नजर आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र जीवन में मिली शिक्षा और मार्गदर्शन ने उनके सार्वजनिक जीवन की नींव रखी और आज भी वे उन मूल्यों को अपने कार्यों में अपनाने का प्रयास करते हैं।
सोशल मीडिया पर साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कॉलेज यात्रा की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि दार्जिलिंग गवर्नमेंट कॉलेज के 78वें स्थापना दिवस पर लौटना उनके लिए बेहद भावनात्मक अनुभव रहा। कॉलेज की परिचित गलियों में दोबारा चलना, पुराने मित्रों से मिलना और शिक्षकों को याद करना उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह जीवनभर साथ रहने वाले रिश्ते, मूल्य और आत्मविश्वास भी प्रदान करती है।
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शिक्षकों की भूमिका को किया याद
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षकों की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे उसके शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने शिक्षकों से न केवल शिक्षा मिली बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता जैसे जीवन मूल्य भी सीखने को मिले। उन्होंने वर्तमान छात्रों से भी अपने शिक्षकों का सम्मान करने और शिक्षा के महत्व को समझने की अपील की।
पूर्व छात्रों और संस्थान का मजबूत रिश्ता
स्थापना दिवस समारोह का एक प्रमुख उद्देश्य पूर्व छात्रों और संस्थान के बीच संबंधों को और मजबूत बनाना भी था। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि पूर्व छात्र किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सबसे बड़ी पहचान होते हैं। उनकी उपलब्धियां संस्थान की गुणवत्ता और विरासत को दर्शाती हैं। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की मौजूदगी ने इस आयोजन को और अधिक विशेष बना दिया।
शिक्षा संस्थानों की सामाजिक भूमिका
दार्जिलिंग गवर्नमेंट कॉलेज जैसे पुराने संस्थान केवल डिग्री देने वाले केंद्र नहीं हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संस्थानों की विरासत नई पीढ़ी को प्रेरित करती है और उन्हें अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देती है।
छात्रों के लिए प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का रास्ता कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच से होकर गुजरता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को बदलने की सबसे बड़ी शक्ति है।
दार्जिलिंग गवर्नमेंट कॉलेज की विरासत
करीब आठ दशक पुराने इस कॉलेज ने क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है। समय के साथ संस्थान ने अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों का विस्तार किया और कई प्रतिष्ठित पूर्व छात्र देश के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।











