54,000 से अधिक लोगों पर हुई एक स्टडी में पाया गया कि सब्जियों से मिलने वाला nitrate Dementia के खतरे को कम कर सकता है, जबकि प्रोसेस्ड मीट, रेड मीट और पीने के पानी से मिलने वाला nitrate जोखिम बढ़ाने से जुड़ा मिला।
Denmark: Dementia और खानपान के संबंध पर हुई एक नई रिसर्च में nitrate के स्रोत को महत्वपूर्ण बताया गया है। अध्ययन के अनुसार, सब्जियों से प्राप्त nitrate मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है, जबकि रेड मीट, प्रोसेस्ड मीट और पीने के पानी से मिलने वाला nitrate Dementia के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा पाया गया। शोधकर्ताओं का कहना है कि केवल nitrate की मात्रा नहीं, बल्कि उसका स्रोत भी स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव डालता है।
54 हजार से अधिक लोगों पर किया गया अध्ययन
Dementia दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बनती जा रही है। वर्तमान में दुनिया भर में 5.7 करोड़ से अधिक लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं और हर साल करीब 1 करोड़ नए मामले सामने आते हैं। इसी बीच एक नए अध्ययन ने खानपान और Dementia के जोखिम के बीच महत्वपूर्ण संबंध उजागर किया है।
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शोध में 54,000 से अधिक वयस्कों के स्वास्थ्य और खानपान संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने विभिन्न खाद्य स्रोतों से मिलने वाले nitrate और Dementia के जोखिम के बीच संबंध को समझने का प्रयास किया। परिणामों में पाया गया कि nitrate का प्रभाव उसके स्रोत के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
सब्जियों से मिलने वाला nitrate क्यों माना गया बेहतर?
अध्ययन के अनुसार हरी पत्तेदार सब्जियों और अन्य ताजी सब्जियों से मिलने वाला nitrate शरीर में लाभकारी nitric oxide में बदल सकता है। यह प्रक्रिया रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने और कोशिकाओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि सब्जियों में मौजूद विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पौष्टिक तत्व nitrate को लाभकारी दिशा में काम करने में मदद करते हैं। यही कारण है कि सब्जियों से प्राप्त nitrate का संबंध Dementia के कम जोखिम से देखा गया।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से nitrate से भरपूर सब्जियां खाते थे, उनमें संज्ञानात्मक क्षमता बेहतर रहने की संभावना अधिक थी। शोधकर्ताओं ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रतिदिन लगभग एक कप बेबी पालक के बराबर nitrate लेने वाले लोगों में Dementia का जोखिम अपेक्षाकृत कम पाया गया।
रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट से बढ़ सकता है खतरा
दूसरी ओर, रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट से मिलने वाला nitrate अलग परिणामों से जुड़ा मिला। वैज्ञानिकों के अनुसार मांस में मौजूद heme iron शरीर में N-nitrosamine नामक यौगिकों के निर्माण को बढ़ावा दे सकता है।
ये यौगिक पहले से ही कैंसर के जोखिम से जुड़े माने जाते हैं और कुछ शोधों में इन्हें मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक बताया गया है। अध्ययन में ऐसे खाद्य स्रोतों से अधिक nitrate लेने वाले लोगों में Dementia का जोखिम अपेक्षाकृत ज्यादा देखा गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोसेस्ड मीट के अत्यधिक सेवन से बचना और संतुलित आहार अपनाना लंबे समय में मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।
पीने के पानी को लेकर भी सामने आया नया संकेत
अध्ययन की सबसे दिलचस्प बात पीने के पानी से जुड़े निष्कर्ष रहे। शोधकर्ताओं के अनुसार यह पहला अध्ययन है जिसमें drinking water में मौजूद nitrate और Dementia के जोखिम के बीच संभावित संबंध देखा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों के पीने के पानी में nitrate की मात्रा लगभग 5 मिलीग्राम प्रति लीटर थी, उनमें भी Dementia के मामले अपेक्षाकृत अधिक पाए गए। यह स्तर यूरोपीय संघ और डेनमार्क में निर्धारित 50 मिलीग्राम प्रति लीटर की सीमा से काफी कम है।
हालांकि वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि इस निष्कर्ष का मतलब यह नहीं है कि लोग पानी पीना कम कर दें। पानी शरीर के लिए आवश्यक है और मीठे पेय पदार्थों की तुलना में कहीं अधिक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बना हुआ है। शोधकर्ताओं का कहना है कि व्यक्तिगत स्तर पर जोखिम अभी भी बहुत कम है, लेकिन लंबे समय तक कम मात्रा में nitrate के संपर्क के प्रभावों पर और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।
संतुलित आहार पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए ताजी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और संतुलित आहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह अध्ययन संकेत देता है कि केवल पोषक तत्व की मात्रा ही नहीं, बल्कि उसका स्रोत भी स्वास्थ्य परिणामों को प्रभावित कर सकता है। आने वाले वर्षों में इस विषय पर और शोध Dementia की रोकथाम और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियां बनाने में मदद कर सकते हैं।









