Donald Trump ने AI Force बनाने का ऐलान किया, जल्द नियुक्त होगा AI Chief; चीन से आगे रहने पर जोर

Donald Trump ने AI Force बनाने और नए AI Chief की नियुक्ति का ऐलान किया। अमेरिका ने AI विकास तेज रखने और चीन से आगे रहने को प्राथमिकता दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर को AI Force बनाने और नए AI Chief की नियुक्ति की घोषणा की। उन्होंने AI विकास को धीमा करने से इनकार करते हुए चीन से आगे रहने को प्राथमिकता दी।

Tech: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI के विकास को धीमा करने की मांगों के बीच नई AI Force बनाने और उसके प्रमुख की नियुक्ति करने की घोषणा की है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को AI में चीन से आगे रहना जरूरी है। हालांकि, उन्होंने प्रस्तावित AI Force की संरचना और इसे लागू करने की समयसीमा को लेकर अभी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।

Trump ने AI Force और नए AI Chief का किया ऐलान

डोनाल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर को कहा कि अमेरिका एक नई AI Force बनाएगा और इसके लिए AI Chief यानी AI सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने AI उद्योग के विकास को रोकने या धीमा करने से इनकार किया। हालांकि, प्रस्तावित Force का ढांचा, अधिकार और गठन की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं की गई है।

ट्रंप का कहना है कि AI अमेरिकी अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए अहम है। उन्होंने अतिरिक्त नियमों को लेकर भी आपत्ति जताई है और कहा है कि AI के गलत इस्तेमाल से निपटने के लिए मौजूदा आपराधिक और सिविल कानूनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

AI Safety को लेकर बढ़ी बहस

AI के तेजी से विकास को लेकर टेक इंडस्ट्री में सुरक्षा और नियमन पर बहस तेज हुई है। Anthropic के CEO Dario Amodei और OpenAI के CEO Sam Altman समेत कुछ प्रमुख टेक लीडर्स ने AI विकास के साथ सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है। OpenAI ने हाल में अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मानकों, साझा मापदंडों और AI से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए वैश्विक व्यवस्था की वकालत की है।

वहीं, ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि विकास को धीमा करने से चीन को AI प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। अमेरिका और चीन के बीच AI सुरक्षा, तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बातचीत भी चल रही है। दोनों पक्ष AI से जुड़ी गंभीर घटनाओं के लिए एक नोटिफिकेशन मैकेनिज्म पर चर्चा कर चुके हैं।

अमेरिका-चीन AI Competition पर फोकस

AI अब अमेरिका और चीन के बीच व्यापक तकनीकी प्रतिस्पर्धा का प्रमुख हिस्सा बन चुका है। दोनों देश AI को आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानते हैं। Reuters के अनुसार, अमेरिकी और चीनी नेताओं की आगामी बातचीत में AI, उन्नत चिप्स, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और नियमन जैसे मुद्दे प्रमुख विषयों में शामिल हैं।

अमेरिका में OpenAI, Anthropic और Google जैसी कंपनियां उन्नत AI मॉडल विकसित कर रही हैं, जबकि चीन में DeepSeek और अन्य कंपनियां तेजी से अपनी AI क्षमताएं बढ़ा रही हैं। दोनों देशों के बीच AI विकास की दूरी कम होने को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आए हैं।

इसी बीच अमेरिका और चीन AI Safety पर औपचारिक संवाद और आपातकालीन संचार व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा कर रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर AI incidents की स्थिति में दोनों देशों के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया बनाना है।

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