ईरान विरोध प्रदर्शन के बीच ट्रंप का प्लान, एयरस्ट्राइक सहित सभी विकल्प खुले

ईरान में विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए। अब तक 648 मौतें और 10,000 से अधिक गिरफ्तारियां। अमेरिका ने सैन्य विकल्पों पर विचार की पुष्टि की।

ईरान में विरोध प्रदर्शन अब पूरे 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। आर्थिक कठिनाई और बेरोजगारी के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर हैं। अब तक 648 लोगों की मौत और 10,000 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं।

America: ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन दिसंबर 2025 से शुरू हुए हैं। ये प्रदर्शन अब पूरे देश के 31 प्रांतों तक फैल गए हैं। तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया है। अब तक 648 लोगों की मौत हो चुकी है और 10 हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। विरोध प्रदर्शन में बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक कठिनाइयों के कारण जनता सड़कों पर उतर रही है।

व्हाइट हाउस ने सैन्य विकल्पों पर विचार की पुष्टि की

व्हाइट हाउस ने सोमवार, 12 जनवरी को पुष्टि की कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में स्थिति को लेकर सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इसमें हवाई हमले (Airstrike) सहित सैन्य कदम शामिल हैं। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि ट्रंप हमेशा अपने विकल्प खुले रखते हैं। उन्होंने कहा कि कूटनीति (Diplomacy) राष्ट्रपति का पहला विकल्प है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई करने में कोई हिचक नहीं है।

ट्रंप की चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार कहा है कि अगर ईरानी सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाती है तो अमेरिका दखल देगा। व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि ट्रंप के लिए सैन्य विकल्प तैयार रखना महत्वपूर्ण है और ईरान इस बात को अच्छी तरह समझता है। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि किसी भी आपात परिस्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव है।

ईरान विरोध प्रदर्शन के बीच ट्रंप का प्लान, एयरस्ट्राइक सहित सभी विकल्प खुले

प्रदर्शन का कारण

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत बिगड़ती आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी और महंगाई से हुई। लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शन अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश में फैल चुके हैं। कई स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुके हैं और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।

सरकारी कार्रवाई 

ईरानी सरकार ने अब तक 10 हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा इंटरनेट और फोन कनेक्टिविटी पर पाबंदी लगाई गई है। सरकार का दावा है कि यह कदम सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक था। हालांकि इससे विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय निगरानी बढ़ गई है।

व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि कूटनीति हमेशा प्राथमिक विकल्प है। अगर प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया या हिंसा बढ़ती है, तो एयरस्ट्राइक सहित सैन्य विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य ईरानी सरकार पर दबाव डालना और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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