जयपुर में लॉन्च हुआ EKA 55T इलेक्ट्रिक ट्रक, 50% तक घटेगी ऑपरेटिंग कॉस्ट

जयपुर में EKA 55T इलेक्ट्रिक ट्रक लॉन्च हुआ। 55 टन क्षमता वाले इस ट्रक में 50% तक कम ऑपरेटिंग कॉस्ट और 70% तक कम मेंटेनेंस का दावा।

जयपुर के जेईसीसी में आयोजित ट्रक, ट्रेलर एंड टायर एक्सपो में एका मोबिलिटी ने 55 टन क्षमता वाला इलेक्ट्रिक ट्रक पेश किया। कंपनी का दावा है कि यह वाहन डीजल ट्रकों की तुलना में परिचालन और मेंटेनेंस खर्च को काफी कम कर सकता है।

 Jaipur: जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित ट्रक, ट्रेलर एंड टायर एक्सपो के दौरान एका मोबिलिटी ने अपना EKA 55T इलेक्ट्रिक ट्रक लॉन्च किया। 55 टन क्षमता वाले इस वाहन को लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह ट्रक कम परिचालन लागत, बेहतर पावर और कम कार्बन उत्सर्जन के साथ डीजल वाहनों का विकल्प बन सकता है।

जयपुर एक्सपो में पेश हुआ नया इलेक्ट्रिक हैवी-ड्यूटी ट्रक

जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित ट्रक, ट्रेलर एंड टायर एक्सपो के दौरान पुणे की कंपनी एका मोबिलिटी ने अपना नया EKA 55T इलेक्ट्रिक ट्रक पेश किया। यह ट्रक देश के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल बाजार को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल भारी माल परिवहन के लिए तैयार किया गया है और डीजल ट्रकों का एक प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है।

जयपुर में लॉन्च हुआ EKA 55T इलेक्ट्रिक ट्रक, 50% तक घटेगी ऑपरेटिंग कॉस्ट

देश में अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी केवल दोपहिया और कारों तक सीमित नहीं रही है। बसों, ऑटो और लाइट कमर्शियल वाहनों के बाद अब हैवी-ड्यूटी ट्रक सेगमेंट में भी इलेक्ट्रिक तकनीक तेजी से जगह बना रही है। इसी दिशा में EKA 55T को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दमदार पावर और लंबी दूरी की क्षमता

EKA 55T को 55 टन ग्रॉस कंबाइंड वेट (GCW) के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह ट्रक नियमानुसार 40 टन तक का ट्रेलर आसानी से खींच सकता है। इसमें 6X4 ड्राइव कॉन्फिगरेशन दिया गया है, जिसका उपयोग आमतौर पर भारी माल ढुलाई में किया जाता है।

ट्रक में 400 किलोवाट पीक पावर और 2500 न्यूटन मीटर पीक टॉर्क मिलता है। कंपनी का दावा है कि इसकी ताकत बाजार में मौजूद कई 320 हॉर्सपावर डीजल ट्रकों से अधिक है। वाहन की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह 30 प्रतिशत तक की चढ़ाई वाले रास्तों पर भी प्रभावी प्रदर्शन कर सकता है।

बैटरी के लिए 282 kWh और 424 kWh के दो विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। दोनों बैटरियां लिथियम फेरो फॉस्फेट (LFP) तकनीक पर आधारित हैं। कंपनी के मुताबिक, ट्रक एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 200 किलोमीटर तक चल सकता है। हालांकि वास्तविक रेंज लोड, सड़क की स्थिति और ड्राइविंग शैली के अनुसार बदल सकती है।

कम ऑपरेटिंग कॉस्ट और बेहतर ड्राइवर सुविधा

कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक ट्रक का सबसे बड़ा फायदा इसकी कम परिचालन लागत है। अनुमान के अनुसार, जो डीजल ट्रक हर महीने करीब 7 हजार किलोमीटर चलता है, उस पर सालाना 32 से 33 लाख रुपये तक ईंधन खर्च हो सकता है। वहीं इलेक्ट्रिक मॉडल में यह खर्च लगभग 50 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है।

मेंटेनेंस के मामले में भी इलेक्ट्रिक ट्रक लाभदायक माना जा रहा है। इसमें इंजन, क्लच और कई पारंपरिक मैकेनिकल पार्ट्स नहीं होते, जिससे रखरखाव की जरूरत कम हो जाती है। कंपनी का दावा है कि डीजल ट्रकों की तुलना में मेंटेनेंस खर्च करीब 70 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। हालांकि इसकी शुरुआती कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये है, लेकिन लंबे समय में ईंधन और मेंटेनेंस बचत से अतिरिक्त निवेश की भरपाई संभव है।

ड्राइवर की सुविधा के लिए ट्रक में पूरी तरह एयर-कंडीशंड केबिन, स्लीपर बर्थ, पावर स्टीयरिंग और ऑटोमैटिक एएमटी ट्रांसमिशन जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इसके अलावा डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के जरिए बैटरी स्तर, अनुमानित रेंज, चार्जिंग स्टेटस और वाहन की तकनीकी जानकारी रियल टाइम में देखी जा सकती है।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कंपनी ने एचपीसीएल के साथ साझेदारी की है। इसके तहत प्रमुख फ्रेट कॉरिडोर पर हाई-स्पीड चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। कंपनी का मानना है कि इससे इलेक्ट्रिक ट्रकों को अपनाने में आसानी होगी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिलेगी।

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