उत्तराखंड में ईवीसीएल क्रिकेट लीग की फ्रेंचाइजी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। नैनीताल पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का नाम इस्तेमाल कर निवेशकों को गुमराह करने वाले आयोजक को गिरफ्तार कर बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।
EVCL Cricket League Fraud: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में प्रस्तावित ईवीसीएल क्रिकेट लीग के नाम पर फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर दो निवेशकों से करीब 32 लाख रुपये की ठगी की गई। यह मामला काठगोदाम थाना क्षेत्र का है, जहां आयोजक विकास ढाका ने गौलापार इंटरनेशनल स्टेडियम में टूर्नामेंट कराने का दावा किया था। फरवरी 2026 में शुरू होने वाली लीग तय समय पर नहीं हुई, जिससे शक गहराया। जांच में सामने आया कि बड़े खिलाड़ियों के नाम बिना अनुमति इस्तेमाल किए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू की।
फ्रेंचाइजी के नाम पर कैसे हुई ठगी
मामला काठगोदाम थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां हरियाणा निवासी हेमंत शर्मा और सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि ईवीसीएल यानी एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग के आयोजक विकास ढाका ने गौलापार इंटरनेशनल स्टेडियम में टूर्नामेंट कराने का दावा किया।
हेमंत शर्मा से ‘यूपी वॉरियर्स’ टीम की फ्रेंचाइजी के लिए पहले 50 लाख रुपये मांगे गए। बाद में डिस्काउंट का लालच देकर सौदा 30 लाख में तय किया गया, जिसमें से 23 लाख रुपये का भुगतान कराया गया। वहीं नारायण पाल से ‘उत्तराखंड सोल्जर्स’ टीम के नाम पर 9 लाख रुपये लिए गए।

बड़े खिलाड़ियों के नाम का झांसा
आरोपी आयोजक ने प्रचार सामग्री में हरभजन सिंह और इरफान पठान जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के नाम इस्तेमाल किए। इससे निवेशकों को भरोसा हो गया कि टूर्नामेंट बड़े स्तर पर आयोजित होगा और अच्छी ब्रांड वैल्यू मिलेगी।
हालांकि पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जिन खिलाड़ियों के नाम प्रचार में लिए गए थे, उन्हें इस लीग की कोई जानकारी ही नहीं थी। यह बात सामने आते ही ठगी की परतें खुलनी शुरू हो गईं।
तय तारीख पर भी शुरू नहीं हुई लीग
ईवीसीएल क्रिकेट लीग की शुरुआत 1 फरवरी 2026 से होनी थी, लेकिन तय तारीख निकल जाने के बाद भी आयोजन शुरू नहीं हुआ। निवेशकों के सवाल पूछने पर आयोजक लगातार टालमटोल करता रहा।
शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर 6 फरवरी को आरोपी विकास ढाका को मल्ला काठगोदाम से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसके लेनदेन से जुड़े दो बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस तरह की ठगी में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।










