एयर इंडिया टिकट सस्ता करेगी, उड़ानों में खाना होगा वैकल्पिक

एअर इंडिया घरेलू और छोटी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भोजन व लाउंज को वैकल्पिक करने पर विचार कर रही है, जिससे यात्रियों को लगभग ₹250 तक सस्ता टिकट मिल सकता है।

एअर इंडिया घरेलू और छोटी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में खाने को वैकल्पिक करने पर विचार कर रही है, जिससे टिकट लगभग 250 रुपये सस्ते हो सकते हैं। बढ़ती लागत और कमाई के दबाव के चलते लाउंज सुविधा को भी अलग किया जा सकता है।

New Delhi: एअर इंडिया अपने उड़ान मॉडल में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है, जिसके तहत घरेलू और दो घंटे तक की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में इन-फ्लाइट भोजन को वैकल्पिक बनाया जा सकता है। इससे यात्रियों के टिकट में करीब 250 रुपये की कमी संभव है। बढ़ती ईंधन लागत और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच एयरलाइन लाउंज सुविधा को भी अलग विकल्प के रूप में पेश करने पर विचार कर रही है। यह कदम लागत नियंत्रण रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

एयर इंडिया की नई योजना: खाने और लाउंज सुविधा को टिकट से अलग करने पर विचार

नई दिल्ली में एअर इंडिया अपने किराया ढांचे में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के तहत घरेलू और करीब दो घंटे तक की छोटी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में मिलने वाला मुफ्त भोजन अब वैकल्पिक किया जा सकता है। यह बदलाव अगले एक से दो महीनों में लागू होने की संभावना जताई जा रही है, जिसका सीधा असर टिकट कीमतों पर पड़ सकता है।

नई व्यवस्था में जो यात्री भोजन नहीं लेंगे, उन्हें टिकट में करीब 250 रुपये तक की राहत मिल सकती है। एयरलाइन यह कदम बढ़ती परिचालन लागत, ईंधन कीमतों में वृद्धि और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के कारण बढ़े वित्तीय दबाव को देखते हुए उठा रही है।

लाउंज सुविधा भी हो सकती है अलग, किराए में आएगी और कमी

एअर इंडिया बिजनेस क्लास यात्रियों के लिए एयरपोर्ट लाउंज सुविधा को भी अलग से चार्ज करने पर विचार कर रही है। इसका मतलब यह होगा कि जो यात्री लाउंज का उपयोग नहीं करेंगे, उन्हें कम कीमत पर टिकट उपलब्ध हो सकता है। वर्तमान में लाउंज सुविधा पर प्रति यात्री लगभग 600 से 1400 रुपये तक का खर्च आता है।

कंपनी का मानना है कि कई बिजनेस यात्री समय की कमी के कारण लाउंज का उपयोग नहीं करते, ऐसे में इस सुविधा को वैकल्पिक बनाने से टिकट अधिक किफायती हो सकते हैं। इससे फुल सर्विस और लो-कॉस्ट एयरलाइंस के बीच अंतर भी धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है।

बढ़ती लागत और वित्तीय दबाव से जूझ रही एयरलाइन

एयरलाइन इंडस्ट्री पर बढ़ते एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम और रुपये की कमजोरी का बड़ा असर पड़ा है। इसी कारण एयर इंडिया पर परिचालन लागत का दबाव बढ़ा है और कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में भारी घाटा दर्ज किया है।

वित्तीय दबाव के चलते कंपनी अब अतिरिक्त राजस्व स्रोतों पर भी विचार कर रही है, जिनमें विज्ञापन मॉडल और सेवा आधारित मूल्य निर्धारण शामिल हैं। साथ ही एयर इंडिया एक्सप्रेस में कम लागत वाली संरचना को विस्तार देने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि संचालन अधिक कुशल और लाभकारी बनाया जा सके।

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