गाजियाबाद में अवैध वेयरहाउस पर चलेगा बुलडोजर, GDA ने अधिकारियों से मांगी पूरी रिपोर्ट

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने अवैध वेयरहाउसों की जांच तेज कर दी है। 500 से अधिक गोदामों की समीक्षा के बाद सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण अवैध रूप से संचालित वेयरहाउसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के सभी गोदामों की प्रमाणित सूची प्रस्तुत करने और किसी भी वेयरहाउस के छूटने पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं।

 गाजियाबाद: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित वेयरहाउसों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। प्राधिकरण अब ऐसे गोदामों की पहचान, सत्यापन और कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज करने जा रहा है। अधिकारियों को अपने क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट के साथ यह भी प्रमाणित करना होगा कि सूची में कोई अवैध वेयरहाउस छूटा नहीं है।

अवैध वेयरहाउसों की होगी व्यापक समीक्षा

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बड़ी संख्या में वेयरहाउस संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई गोदाम ऐसे हैं जिन पर नक्शा स्वीकृति, भूमि उपयोग और अन्य नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन न करने के आरोप हैं। इसी को देखते हुए जीडीए ने सभी प्रवर्तन अधिकारियों को अपने-अपने जोन की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

गाजियाबाद में अवैध वेयरहाउस पर चलेगा बुलडोजर, GDA ने अधिकारियों से मांगी पूरी रिपोर्ट

प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी समीक्षा बैठक में इन रिपोर्टों का परीक्षण करेंगे। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र में संचालित सभी वेयरहाउसों की जानकारी सूची में शामिल हो। रिपोर्ट पर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर भी अनिवार्य किए गए हैं ताकि जवाबदेही तय की जा सके।

500 से अधिक वेयरहाउसों की हो रही जांच

सूत्रों के अनुसार जीडीए क्षेत्र में 500 से अधिक वेयरहाउस संचालित हैं। इनमें से कई मालिकों ने नियमों के तहत शमन कराने के लिए आवेदन किया है। हालांकि भूमि स्वामित्व और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ी रिपोर्ट समय पर उपलब्ध न होने के कारण कई मामलों में शमन प्रक्रिया लंबित है।

प्राधिकरण अब यह भी जांच करेगा कि किन गोदामों ने नियमानुसार नक्शा स्वीकृत कराया है और कौन से वेयरहाउस बिना अनुमति या नियमों के उल्लंघन के साथ संचालित हो रहे हैं। इस प्रक्रिया के बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा और स्पष्ट होगा।

सील और ध्वस्तीकरण की स्थिति का होगा सत्यापन

GDA विशेष रूप से उन वेयरहाउसों की स्थिति की समीक्षा करेगा जिनके खिलाफ पहले कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें सील किए गए और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया से गुजर चुके गोदाम शामिल हैं। अधिकारियों को इन परिसरों की वर्तमान स्थिति की जानकारी देनी होगी।

इसके लिए जियोटैग तस्वीरों और अन्य साक्ष्यों की मांग की गई है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन परिसरों को सील किया गया था, वहां दोबारा अवैध गतिविधियां शुरू न हो गई हों। यदि किसी स्थान पर नियमों का दोबारा उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

वैध और अवैध गोदामों का तैयार होगा रिकॉर्ड

बैठक का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य वैध और अवैध वेयरहाउसों का स्पष्ट डेटा तैयार करना भी है। जीडीए यह जानना चाहता है कि कितने गोदामों ने विधिवत नक्शा स्वीकृत कराया है और कितनों को नियमों के उल्लंघन के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।

इसके अलावा उन मामलों की भी समीक्षा होगी जहां गोदाम मालिकों ने जुर्माना जमा कर या अन्य कमियां दूर कर शमन प्राप्त कर लिया है। ऐसे मामलों की फाइलों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रक्रिया नियमानुसार पूरी हुई है।

सख्त कार्रवाई के संकेत

प्राधिकरण के रुख से साफ है कि अवैध निर्माण और नियमों के विरुद्ध संचालित वेयरहाउसों के खिलाफ आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है। समीक्षा बैठक के बाद चिन्हित गोदामों पर सीलिंग, ध्वस्तीकरण या अन्य कानूनी कदम उठाए जाने की संभावना है।

अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से न केवल अवैध निर्माणों पर अंकुश लगेगा बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को नियमानुसार संचालित करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में बिना अनुमति संचालित होने वाले गोदामों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

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