मालपुआ भारत का एक बहुत ही पुराना और पारंपरिक मिष्ठान है, जिसे अक्सर "देसी पैनकेक" भी कहा जाता है। यह उत्तर भारत, विशेषकर राजस्थान और बिहार में होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर ज़रूर बनाया जाता है। यह बाहर से किनारों पर कुरकुरा और बीच में बेहद नरम और रसीला होता है।
आवश्यक सामग्री
घोल के लिए:
- मैदा: 1 कप
- सूजी (रवा): 2 बड़े चम्मच (कुरकुरेपन के लिए)
- मावा (खोया): ½ कप (कद्दूकस किया हुआ - इससे शाही स्वाद आता है)
- दूध: 1.5 से 2 कप (हल्का गुनगुना)
- सौंफ पाउडर: 1 छोटा चम्मच (मालपुआ की जान, इसे ज़रूर डालें)
- इलायची पाउडर: ½ छोटा चम्मच
- चीनी: 1 चम्मच (घोल में मिठास के लिए)
चाशनी के लिए:
- चीनी: 1 कप
- पानी: 1 कप
- केसर: 8-10 धागे
- इलायची: 2-3 कुटी हुई
- तलने और सजावट के लिए:
- देसी घी: तलने के लिए (तेल भी ले सकते हैं, पर घी में स्वाद बेहतर आता है)
- रबड़ी: परोसने के लिए (वैकल्पिक)
- मेवे: बादाम-पिस्ता कटे हुए
बनाने की विधि
घोल (Batter) तैयार करना
- एक बड़े बर्तन में मैदा, सूजी, चीनी, सौंफ पाउडर और इलायची पाउडर मिलाएं।
- अब इसमें कद्दूकस किया हुआ मावा (खोया) मिलाएं।
- धीरे-धीरे गुनगुना दूध डालते हुए फेंटें (Whisk करें)।
- ध्यान रहे, घोल में कोई गांठ (lumps) न रहे। घोल न बहुत गाढ़ा होना चाहिए और न बहुत पतला (जैसे इडली या डोसा का घोल होता है, 'Poring Consistency' वाला)।
- ज़रूरी टिप: घोल को ढककर 30 मिनट के लिए रख दें। इससे सूजी फूल जाएगी और मालपुआ बहुत अच्छा बनेगा।
चाशनी बनाना
- एक पतीले में चीनी और पानी डालकर उबालें।
- इसमें केसर और इलायची डाल दें।
- इसे 5-7 मिनट तक उबालें जब तक कि यह थोड़ी चिपचिपी (गुलाब जामुन की चाशनी जैसी) न हो जाए। इसमें तार बनाने की ज़रूरत नहीं है।
मालपुआ तलना
- एक समतल तली वाली कड़ाही (Flat Pan) में घी गरम करें। मालपुआ के लिए गहरी कड़ाही का इस्तेमाल न करें, फ्लैट पैन ही लें।
- घी मध्यम गरम होना चाहिए।
- अब एक बड़ा चमचा भरकर घोल घी के बीच में डालें। इसे फैलाने की ज़रूरत नहीं है, यह अपने आप गोल आकार ले लेगा।
- आंच को धीमा-मध्यम रखें। जब किनारे सुनहरे (Golden) होने लगें, तो इसे पलट दें।
- दोनों तरफ से सुनहरा भूरा होने तक तलें।
चाशनी में डुबोना
- तले हुए मालपुआ को कड़ाही से निकालकर सीधा हल्की गरम चाशनी में डाल दें।
- इसे 2-3 मिनट तक चाशनी में डूबा रहने दें ताकि यह रस सोख ले।
- फिर इसे एक प्लेट में निकाल लें।
परोसने का तरीका
- रबड़ी के साथ: मालपुआ का सबसे बेहतरीन साथी 'रबड़ी' है। गरम मालपुआ के ऊपर ठंडी रबड़ी डालकर परोसें। इसे "शाही मालपुआ" कहते हैं।
- सूखे मेवे: ऊपर से पिस्ता और बादाम की कतरन डालकर सजाएं।
खाने के फायदे
मालपुआ में दूध, मावा और मेवों का इस्तेमाल होता है, जो शरीर को कैल्शियम और ऊर्जा देते हैं। इसमें डाली गई सौंफ पाचन (Digestion) के लिए बहुत अच्छी होती है और भारीपन कम करती है। घी हड्डियों और जोड़ों के लिए फायदेमंद होता है। (यह उच्च कैलोरी वाली डिश है, इसलिए इसका आनंद सीमित मात्रा में लें)।













