Google Android में AutoFDO (Automatic Feedback Directed Optimisation) टेक्नोलॉजी ला रहा है, जो फोन की परफॉर्मेंस को तेज और एफिशिएंट बनाएगी। शुरुआती टेस्टिंग में बूट टाइम 2.1% और कोल्ड ऐप लॉन्च समय 4.3% तक सुधरा। यह अपडेट यूजर एक्सपीरियंस स्मूद बनाने और बैटरी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Android Performance Update: Google ने AutoFDO टेक्नोलॉजी पेश की है, जो एंड्रॉयड फोन के बूट टाइम और ऐप लॉन्चिंग को तेज करने के लिए बनाई गई है। यह कर्नेल लेवल पर काम करती है, हार्डवेयर, प्रोसेसर और ऐप्स के बीच इंटरैक्शन को बेहतर बनाती है और कंपाइलर को हॉट कोड पाथ के आधार पर ऑप्टिमाइजेशन का मार्गदर्शन देती है। तकनीक फोन की स्मूदनेस और बैटरी एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद करेगी और सुरक्षित मोड में डिफ़ॉल्ट रूप से काम करेगी, जिससे उपयोगकर्ता अनुभव बेहतर होगा।
फोन के बूट टाइम और ऐप लॉन्च में सुधार
Google ने Android के लिए AutoFDO (Automatic Feedback Directed Optimisation) टेक्नोलॉजी पर काम करना शुरू किया है, जिससे फोन की परफॉर्मेंस बेहतर होगी। शुरुआती इंटरनल टेस्टिंग में बूट टाइम 2.1 प्रतिशत तेज और कोल्ड ऐप लॉन्च समय में 4.3 प्रतिशत सुधार देखने को मिला है। यह अपडेट एंड्रॉयड डिवाइस को स्मूद यूजर एक्सपीरियंस देने और बैटरी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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कैसे काम करता है AutoFDO
AutoFDO कर्नेल लेवल पर काम करता है, जो हार्डवेयर, प्रोसेसर और ऐप्स के बीच पुल का काम करता है। यह टेक्नोलॉजी कंट्रोल्ड लैब डेटा के आधार पर कर्नेल के हॉट कोड पाथ का विश्लेषण करती है और कंपाइलर को मार्गदर्शन देती है। इसके जरिए सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले ऑपरेशन्स के आसपास कोड को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जाता है, जिससे परफॉर्मेंस में सुधार होता है।
सुरक्षित और स्मार्ट ऑप्टिमाइजेशन
Google का यह तरीका डिफ़ॉल्ट रूप से सुरक्षित मोड में काम करता है, ताकि डिवाइस स्टेबल और विश्वसनीय बना रहे। तकनीक का लक्ष्य न सिर्फ बूट और ऐप लॉन्चिंग समय कम करना है, बल्कि समग्र प्रोसेसर एफिशिएंसी और फोन की स्मूदनेस को भी बढ़ाना है।










