Hindustan Aeronautics Limited (HAL) के 22वें अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में Ravi Kumar ने शुक्रवार को पदभार संभाल लिया। उन्होंने Dr. D.K. Sunil का स्थान लिया, जो 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे।
नई दिल्ली: भारत की प्रमुख एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने नए नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अनुभवी एयरोस्पेस प्रोफेशनल रवि कुमार ने कंपनी के 22वें अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) के रूप में पदभार संभाल लिया है। उन्होंने डॉ. डी.के. सुनील का स्थान लिया, जो 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए।
30 वर्षों का अनुभव, मजबूत नेतृत्व
रवि कुमार के पास अनुसंधान एवं विकास, विनिर्माण और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में 30 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। HAL में अपनी नई भूमिका से पहले, वे निदेशक (संचालन) के पद पर कार्यरत थे और कंपनी को ‘महारत्न’ का दर्जा दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में HAL ने कई रणनीतिक और तकनीकी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे कंपनी की वैश्विक पहचान और मजबूती बढ़ी है।
रवि कुमार को भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम HAL Tejas (LCA Tejas) और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर HAL Prachand (LCH Prachand) के विकास और संचालन में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने भारतीय वायु सेना को 180 तेजस विमानों और भारतीय सेना एवं वायु सेना को 156 प्रचंड हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति से जुड़े बड़े अनुबंधों को सफलतापूर्वक पूरा करने में नेतृत्व किया।
उनके प्रयासों से तेजस बेड़े की सेवाक्षमता में सुधार हुआ और वायु सेना के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया गया। डेटा संचार प्रणाली को आधुनिक बनाकर और ग्राहक समर्थन के लिए एकल संपर्क प्रणाली (SPOC) लागू कर उन्होंने परिचालन दक्षता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
नवाचार और AI पर रहेगा फोकस
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CMD का पद संभालने के बाद रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य HAL को एक “इनोवेशन-ड्रिवन, AI-सक्षम और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एयरोस्पेस कंपनी” बनाना है। वे ऑपरेशनल एक्सीलेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और कर्मचारी-आधारित नवाचार पर विशेष जोर देना चाहते हैं। यह रणनीति HAL को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद कर सकती है।
रवि कुमार ने कर्नाटक के मालनाड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा, वे Indian Institute of Management Ahmedabad (IIM Ahmedabad) और ISAE-SUPAERO, टूलूज (फ्रांस) के पूर्व छात्र हैं। उनका यह अंतरराष्ट्रीय exposure उन्हें वैश्विक एयरोस्पेस बाजार की समझ देता है, जो HAL के भविष्य के विस्तार में सहायक साबित हो सकता है।
स्वदेशीकरण और उत्पादन क्षमता में वृद्धि
रवि कुमार ने स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने तेजस प्रोग्राम में लोकलाइजेशन बढ़ाने और नासिक में उत्पादन क्षमता के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया। इसके साथ ही, निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी कर प्रमुख विमान असेंबली को आउटसोर्स करने की रणनीति अपनाई, जिससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक कुशल और तेज हुई। यह मॉडल अब निरंतर डिलीवरी सुनिश्चित कर रहा है।
उनकी रणनीतिक पहलों के तहत HAL ने सिविल एविएशन मैन्युफैक्चरिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) जैसे क्षेत्रों में भी कदम बढ़ाया है। इससे कंपनी के लिए नए राजस्व स्रोत खुले हैं और बाजार में इसकी उपस्थिति मजबूत हुई है।









