हल्द्वानी: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए हल्द्वानी में बड़ी रैली आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रस्तावित रैली को कांग्रेस की चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने रैली स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और दावा किया कि कार्यक्रम में करीब 20 हजार लोगों की भीड़ जुटेगी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रैली के जरिए पार्टी प्रदेश में अपने संगठन और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का संदेश देना चाहती है। विधानसभा चुनाव 2027 को अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में खड़गे की हल्द्वानी रैली को कांग्रेस के चुनावी अभियान की शुरुआती बड़ी गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है।
यशपाल आर्य ने रैली स्थल पर पहुंचकर मंच, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा, यातायात और कार्यकर्ताओं के पहुंचने से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं से तैयारियों को लेकर चर्चा की। नेताओं को जिम्मेदारियां भी सौंपी जा रही हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
कांग्रेस का दावा है कि रैली में हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों के अलावा कुमाऊं के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचेंगे। पार्टी संगठन ने भीड़ जुटाने के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। ब्लॉक और विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी गई है।
यशपाल आर्य ने कहा कि खड़गे की रैली को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उनका दावा है कि कार्यक्रम में करीब 20 हजार लोगों की भागीदारी होगी। पार्टी इसे केवल एक जनसभा के तौर पर नहीं बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने वाले कार्यक्रम के रूप में देख रही है।
उत्तराखंड में कांग्रेस लंबे समय से राज्य सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाती रही है। रोजगार, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़क और शिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी सरकार को घेरती रही है। आने वाले समय में इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस अपने अभियान को और तेज कर सकती है।
खड़गे की रैली के जरिए पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व को भी प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों से जोड़ना चाहती है। बड़े राष्ट्रीय नेताओं के कार्यक्रमों से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने और संगठन को सक्रिय करने की कोशिश की जाती है। हल्द्वानी को इसके लिए चुना जाना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कुमाऊं क्षेत्र उत्तराखंड की राजनीति में अहम भूमिका रखता है।
रैली की तैयारियों को लेकर कांग्रेस नेताओं की लगातार बैठकें हो रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर आने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं किए जाने की योजना है। पार्किंग को लेकर भी स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले वाहनों के कारण शहर में यातायात प्रभावित न हो।
पार्टी कार्यकर्ताओं को रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम तक लाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा महिला, युवा और विभिन्न संगठनात्मक इकाइयों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कांग्रेस के लिए हल्द्वानी की रैली इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी 2027 के चुनाव में सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला था और भाजपा ने सरकार बनाई थी। अब कांग्रेस संगठन को मजबूत कर आगामी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने की रणनीति पर काम कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य लगातार सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर हमला करते रहे हैं। विधानसभा के भीतर और बाहर वह विपक्ष की भूमिका को मजबूती से उठाते रहे हैं। ऐसे में उनके द्वारा रैली की तैयारियों का जायजा लेना पार्टी संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका को भी दर्शाता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि खड़गे की मौजूदगी से प्रदेश संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय नेतृत्व का संदेश सीधे सुनने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही आगामी चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति और मुद्दों की दिशा भी स्पष्ट हो सकती है।
रैली में किन मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी, इसको लेकर भी कांग्रेस के भीतर चर्चा चल रही है। प्रदेश सरकार के खिलाफ पार्टी जिन मुद्दों को पहले से उठाती रही है, उन्हें जनसभा में प्रमुखता मिलने की संभावना है। रोजगार, युवाओं के लिए अवसर, पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमला बोल सकती है।
उत्तराखंड में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। भाजपा जहां अपनी सरकार के कामकाज को लेकर जनता के बीच पहुंचने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस सरकार विरोधी मुद्दों को लेकर माहौल तैयार कर रही है।
हल्द्वानी की रैली कांग्रेस के लिए कुमाऊं क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन का मौका भी होगी। पार्टी का प्रयास रहेगा कि रैली में बड़ी संख्या में लोग जुटें और इसका संदेश प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक भी जाए। 20 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का दावा इसी रणनीति का हिस्सा है।
रैली स्थल के निरीक्षण के दौरान यशपाल आर्य ने व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। पार्टी नेताओं के मुताबिक, कार्यक्रम में किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए अलग-अलग समितियां बनाकर जिम्मेदारियां बांटी जा रही हैं।
कार्यकर्ताओं के बीच भी रैली को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में होने वाला कार्यक्रम पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि इससे संगठन के कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल कांग्रेस ने हल्द्वानी में खड़गे की रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य द्वारा तैयारियों का जायजा लेने के बाद पार्टी पदाधिकारियों में भी सक्रियता बढ़ी है। अब पार्टी की नजर इस बात पर है कि रैली में कितनी भीड़ जुटती है और खड़गे अपने संबोधन में 2027 के चुनाव को लेकर क्या संदेश देते हैं।
कांग्रेस के लिए यह रैली केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि चुनावी माहौल बनाने की शुरुआत के तौर पर देखी जा रही है। पार्टी का दावा है कि 20 हजार लोगों की भीड़ के साथ हल्द्वानी से 2027 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया जाएगा।










