हरियाणा में 15 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, कचरा प्रबंधन बिगड़ा; हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

हरियाणा में 15 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से कई शहरों में कचरे के ढेर लग गए हैं। हाई कोर्ट ने सरकार से उठाए गए कदमों पर जवाब मांगा है।

हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की 15 दिन से जारी हड़ताल के कारण कई शहरों में कचरे के ढेर लग गए हैं। बिगड़ती व्यवस्था पर सिरसा विधायक की याचिका के बाद हाई कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।

हिसार: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की 15 दिन से जारी हड़ताल के कारण कई शहरों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था प्रभावित हो गई है। घरों, बाजारों और डंपिंग प्वाइंटों पर कचरे के ढेर बढ़ रहे हैं। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया की याचिका पर हाई कोर्ट ने स्थानीय शहरी निकाय विभाग को नोटिस जारी कर प्रशासन से उठाए गए कदमों की जानकारी शपथपत्र के जरिए मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

कई शहरों में बढ़ते जा रहे कचरे के ढेर

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने के साथ ही प्रदेश के कई शहरों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कुछ जगहों पर प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कचरा उठाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन हड़ताली कर्मचारियों के विरोध के कारण यह व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पा रही है।

सिरसा में चार कचरा प्वाइंटों पर आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं कई इलाकों में कचरा जमा होने से दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ गई है। इससे लोगों में बीमारियों के फैलने की आशंका भी बनी हुई है।

सिरसा विधायक की याचिका पर हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

कचरा प्रबंधन की बिगड़ती स्थिति को लेकर सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में हड़ताल के दौरान शहर में पैदा हुए हालात और प्रशासन की ओर से की जा रही वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए हैं।

मामले पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने स्थानीय शहरी निकाय विभाग को नोटिस जारी किया है। अदालत ने विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से हड़ताल के दौरान उठाए गए कदमों की जानकारी शपथपत्र के माध्यम से मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

फतेहाबाद में 1650 टन कचरा जमा होने का अनुमान

फतेहाबाद में करीब 1650 टन कचरा जमा होने का अनुमान है। निर्धारित 40 डंपिंग प्वाइंट के बजाय करीब 150 स्थानों पर कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं।

हांसी में प्रतिदिन करीब 40 टन कचरा निकलता है। यहां करीब 400 टन कचरा सड़कों पर जमा होने का अनुमान है। कैथल के पुराने शहर, बाजारों और दुकानों के बाहर कचरा जमा होने से स्थानीय लोग परेशान हैं।

भिवानी में बाजारों, सड़कों और गलियों में 1800 क्विंटल से अधिक कचरा फैला होने की बात सामने आई है।

हिसार में 3000 मीट्रिक टन से अधिक कचरा जमा

हिसार में करीब 667 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। शहर में रोजाना करीब 216 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। हड़ताल के 15 दिन पूरे होने के बाद यहां 3000 मीट्रिक टन से अधिक कचरा जमा होने का अनुमान है।

जींद में करीब 350 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। यहां हड़तालियों ने ठेकेदार के कर्मचारियों को भी कचरा उठाने से रोक दिया। यमुनानगर में 113 कर्मचारी हड़ताल पर हैं और एजेंसी के माध्यम से कचरा उठाने की कोशिश भी विरोध के कारण प्रभावित हो रही है।

पानीपत में डोर-टू-डोर कचरा उठान जारी

पानीपत में डोर-टू-डोर कचरा उठाने का काम जारी है, लेकिन नालों की सफाई और सड़कों पर झाड़ू लगाने का काम प्रभावित है।

अंबाला में 250 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। नगर परिषद 125 कर्मचारियों के सहारे सफाई व्यवस्था संभालने का प्रयास कर रही है। शहर के सात वार्डों में स्थिति खराब बताई जा रही है।

कुमारी सैलजा ने सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस महासचिव और सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर हरियाणा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, सिरसा, फरीदाबाद समेत प्रदेश के कई शहरों में सड़कों के किनारे कचरे के ढेर लग गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 15 दिन से हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों से सार्थक बातचीत के लिए आगे नहीं आ रही है। वहीं सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने कहा कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाता रहेगा और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

Leave a comment