राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का कार्यकाल 6 महीने बढ़ा, अब फरवरी 2027 तक संभालेंगे पद

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को केंद्र सरकार ने छह महीने का सेवा विस्तार दिया है। उनका कार्यकाल अब 28 फरवरी 2027 तक रहेगा। जिसे केंद्र ने मंजूरी दे दी

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को केंद्र सरकार ने छह महीने का सेवा विस्तार दिया है। उनका कार्यकाल अब 28 फरवरी 2027 तक रहेगा। राज्य सरकार ने 23 जुलाई को एक्सटेंशन का प्रस्ताव भेजा था, जिसे केंद्र ने मंजूरी दे दी है।

जयपुर: राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को केंद्र सरकार ने छह महीने का सेवा विस्तार दिया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 31 अगस्त 2026 को समाप्त होना था, लेकिन एक्सटेंशन मिलने के बाद वह 28 फरवरी 2027 तक राजस्थान के मुख्य सचिव के पद पर बने रहेंगे। राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। वी. श्रीनिवास ने नवंबर 2025 में राजस्थान के मुख्य सचिव का पद संभाला था। उनके कार्यकाल में विस्तार को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। इससे राज्य सरकार को अगले छह महीनों तक प्रशासनिक व्यवस्था में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

23 जुलाई को केंद्र को भेजा गया था प्रस्ताव

राजस्थान सरकार ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के कार्यकाल को बढ़ाने का प्रस्ताव 23 जुलाई को केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय को भेजा था। राज्य सरकार ने उनकी सेवाओं को छह महीने और जारी रखने का अनुरोध किया था।

केंद्र सरकार ने प्रस्ताव पर मंजूरी देते हुए राजस्थान के सामान्य प्रशासन विभाग को एक्सटेंशन संबंधी पत्र भेज दिया है। इसके साथ ही वी. श्रीनिवास के 31 अगस्त को होने वाले रिटायरमेंट की तारीख आगे बढ़ गई है।

अब वह 28 फरवरी 2027 तक राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।

नवंबर 2025 में बने थे राजस्थान के मुख्य सचिव

वी. श्रीनिवास ने 17 नवंबर 2025 को राजस्थान के मुख्य सचिव का कार्यभार संभाला था। उनसे पहले सुधांश पंत राजस्थान के मुख्य सचिव थे। पंत के कार्यकाल के दौरान उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद श्रीनिवास को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था।

श्रीनिवास 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS अधिकारी हैं। मुख्य सचिव बनने से पहले वह लंबे समय तक केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर काम कर चुके थे।

उनका प्रशासनिक अनुभव राजस्थान के साथ-साथ केंद्र सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में रहा है।

मुख्य सचिव बनने से पहले करीब 7 साल केंद्र में रहे

वी. श्रीनिवास मुख्य सचिव बनने से पहले लगभग सात वर्षों तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे थे। राजस्थान लौटने से पहले वह केंद्र सरकार में प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत, पेंशन और पेंशनर्स कल्याण से जुड़े विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे।

केंद्र में काम करने के दौरान उन्हें प्रशासनिक सुधार और सार्वजनिक शिकायतों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर काम करने का अनुभव मिला। इसके अलावा वह केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों में भी रहे हैं।

इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें राजस्थान के मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दी गई।

नरसिम्हा राव परिवार से भी जुड़ा है रिश्ता

वी. श्रीनिवास का पारिवारिक संबंध पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के परिवार से भी बताया जाता है। उनकी पत्नी नरसिम्हा राव की रिश्तेदारी में दोहिती हैं।

श्रीनिवास का प्रशासनिक करियर भी काफी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार के शीर्ष स्तर पर कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली NDA सरकार के दौरान वह तत्कालीन विदेश मंत्री और वित्त मंत्री जसवंत सिंह के निजी सचिव के तौर पर भी काम कर चुके हैं।

बाद में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF के वॉशिंगटन स्थित कार्यालय में भारत के कार्यकारी निदेशक के तकनीकी सहायक के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।

इस तरह राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर लंबे प्रशासनिक अनुभव के कारण श्रीनिवास को राजस्थान की नौकरशाही में अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है।

मीडिया ने पहले ही जताई थी एक्सटेंशन की संभावना

वी. श्रीनिवास के कार्यकाल में विस्तार को लेकर चर्चा पहले से चल रही थी। मीडिया में 28 जुलाई को प्रकाशित एक रिपोर्ट में उनके कार्यकाल में छह महीने के विस्तार की संभावना बताई थी।

अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यह संभावना आधिकारिक फैसले में बदल गई है। इससे श्रीनिवास का राजस्थान के मुख्य सचिव के रूप में कार्यकाल कुल मिलाकर फरवरी 2027 तक जारी रहेगा।

पहले भी राजस्थान के मुख्य सचिवों को मिला है एक्सटेंशन

राजस्थान में मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत अधिकारियों को पहले भी सेवा विस्तार मिलता रहा है। इससे पहले कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्य सचिव उषा शर्मा को छह महीने का एक्सटेंशन दिया गया था।

उषा शर्मा को 31 जनवरी 2022 को राजस्थान का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल 30 जून 2023 को समाप्त होना था, लेकिन छह महीने का सेवा विस्तार मिलने के बाद वह 31 दिसंबर 2023 तक पद पर बनी रहीं।

इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में मुख्य सचिव रहे सी.एस. राजन को भी छह महीने का एक्सटेंशन मिला था। उनका कार्यकाल दिसंबर 2015 में समाप्त होना था, लेकिन विस्तार के बाद वह 30 जून 2016 तक मुख्य सचिव के पद पर रहे।

इससे स्पष्ट है कि राजस्थान में प्रशासनिक निरंतरता और सरकार की जरूरतों के आधार पर मुख्य सचिवों को सेवा विस्तार दिए जाने के उदाहरण पहले भी मौजूद रहे हैं।

छह महीने का एक्सटेंशन क्यों महत्वपूर्ण है?

मुख्य सचिव राज्य सरकार का सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होता है। मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के साथ समन्वय से लेकर विभिन्न विभागों के बीच प्रशासनिक तालमेल बनाए रखने तक मुख्य सचिव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

वी. श्रीनिवास को छह महीने का विस्तार मिलने से राज्य सरकार को प्रशासनिक नेतृत्व में तत्काल बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी। इससे मौजूदा नीतियों और योजनाओं को आगे बढ़ाने में निरंतरता बनी रह सकती है।

खास तौर पर बड़े प्रशासनिक फैसलों, विभागीय समन्वय और सरकार की प्राथमिक परियोजनाओं की निगरानी के लिहाज से किसी अनुभवी मुख्य सचिव की निरंतरता सरकार के लिए उपयोगी हो सकती है।

फरवरी 2027 तक जारी रहेगी जिम्मेदारी

केंद्र की मंजूरी के बाद वी. श्रीनिवास अब 28 फरवरी 2027 तक राजस्थान के मुख्य सचिव बने रहेंगे। उनका एक्सटेंशन ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार विभिन्न प्रशासनिक और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने पर काम कर रही है।

उनके अनुभव और केंद्र में लंबे कार्यकाल को देखते हुए छह महीने का यह विस्तार राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल उनका कार्यकाल फरवरी 2027 तक तय हो गया है और इसके बाद राज्य में अगले मुख्य सचिव को लेकर फैसला किया जाएगा।

Leave a comment