हिमाचल प्रदेश में पिछले दिनों बारिश के दौर के बाद अब मौसम ने राहत की ओर रुख किया है। सोमवार यानी 21 सितंबर को प्रदेश में बारिश को लेकर किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 21 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में कोई मौसम चेतावनी नहीं है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ या मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। इससे बारिश के कारण प्रभावित रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान भी मौसम लगभग शुष्क रहा। इस दौरान प्रदेश के किसी बड़े हिस्से में बारिश की सक्रिय स्थिति नहीं रही। तापमान की बात करें तो ऊना सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं राज्य के पहाड़ी इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत कम बना हुआ है। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ने लगा है।
शिमला में भी मौसम फिलहाल राहत वाला बना हुआ है। मौसम विभाग के शहरवार पूर्वानुमान के अनुसार 21 सितंबर को शिमला में मुख्य रूप से साफ आसमान रहने की संभावना है। यहां न्यूनतम तापमान करीब 15 डिग्री और अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इसके बाद 22 और 23 सितंबर को भी शिमला में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना जताई गई है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो ऊना में दिन के समय गर्मी का असर पहाड़ी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा महसूस किया जा सकता है। आईएमडी के ऊना पूर्वानुमान के अनुसार 21 सितंबर को यहां मुख्य रूप से साफ आसमान रहने और अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। 22 से 25 सितंबर के बीच भी ऊना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रह सकता है।
हिमाचल में मौसम का यह बदलाव लोगों के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। मानसून के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियों से कई इलाकों में परेशानी सामने आई थी। अब बारिश की गतिविधि कमजोर पड़ने से सड़क और परिवहन व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि पहाड़ी राज्य होने के कारण स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव की संभावना बनी रहती है, इसलिए पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में भी अंतर दिखाई दे रहा है। मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी बनी हुई है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह और रात ठंडी होने लगी है। पिछले 24 घंटे के दौरान शिमला का अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस, धर्मशाला का 30 डिग्री, मनाली का 25.4 डिग्री, मंडी का 31.8 डिग्री, सोलन का 29 डिग्री, नाहन का 27.9 डिग्री, कल्पा का 24.3 डिग्री, भुंतर का 31.6 डिग्री और सुंदरनगर का 32.8 डिग्री सेल्सियस रहा। कांगड़ा में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और बिलासपुर में 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तापमान में इस अंतर का असर पर्यटन क्षेत्रों में भी देखा जा सकता है। शिमला, मनाली और अन्य पहाड़ी इलाकों में दिन का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है, जबकि ऊना, बिलासपुर, सुंदरनगर और कांगड़ा जैसे निचले क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी अधिक महसूस हो सकती है। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी यात्रा की योजना बनाते समय दिन और रात के तापमान में अंतर का ध्यान रखना होगा।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 21 सितंबर को हिमाचल में किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। 22, 23 और 24 सितंबर के लिए भी आईएमडी की चेतावनी सूची में कोई चेतावनी नहीं है। यानी आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश में तत्काल तौर पर भारी बारिश या खराब मौसम का कोई अलर्ट नहीं है।
हालांकि मौसम पूरी तरह स्थिर रहने वाला नहीं है। राज्य के मौसम केंद्र के अनुसार 25 सितंबर से हिमाचल में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। 25 और 26 सितंबर को मैदानी, निचले और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम इस दौरान भी शुष्क रहने की संभावना है।
इसका मतलब यह है कि फिलहाल प्रदेश को बारिश से राहत मिलने वाली है, लेकिन यह राहत लंबे समय तक पूरी तरह शुष्क मौसम में बदलती हुई नजर नहीं आ रही है। 25 और 26 सितंबर के संभावित बारिश के दौर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों को पहले से तैयार रहना होगा। खासकर उन क्षेत्रों में जहां हाल की बारिश से सड़कें, ढलान या जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है, वहां मौसम में दोबारा बदलाव होने पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी।
किसानों के लिए भी मौसम में यह बदलाव महत्वपूर्ण है। लगातार बारिश के बाद धूप निकलने से खेतों में पानी की स्थिति कम होने और कृषि कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। वहीं जिन क्षेत्रों में मिट्टी में अधिक नमी है, वहां किसानों को खेतों में काम करते समय स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान रखना होगा। आने वाले दिनों में संभावित बारिश को देखते हुए फसलों और कृषि उपज के प्रबंधन की योजना भी मौसम के अनुसार बनानी होगी।
पर्यटन की दृष्टि से भी साफ मौसम राहत लेकर आ सकता है। बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने में जोखिम बढ़ जाता है और कई बार भूस्खलन या सड़क अवरोध के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। साफ मौसम रहने पर शिमला, मनाली, धर्मशाला, कुल्लू और अन्य पर्यटन स्थलों पर आवाजाही अपेक्षाकृत सामान्य रहने की उम्मीद है। हालांकि किसी भी पहाड़ी क्षेत्र में यात्रा करने से पहले स्थानीय सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी रहेगा।
राज्य में सुबह और रात के तापमान में गिरावट की शुरुआत भी महसूस की जा रही है। कुकुमसेरी में 4.6 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान दर्ज होना इस बात का संकेत है कि ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में सुबह-शाम ठंड और दिन में हल्की धूप वाला मौसम देखने को मिल सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि 21 सितंबर को हिमाचल प्रदेश के लिए बारिश या खराब मौसम का कोई चेतावनी अलर्ट जारी नहीं किया गया है। ऊना में जहां दिन का तापमान 34.2 डिग्री तक पहुंच गया है, वहीं शिमला जैसे पहाड़ी शहरों में मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान का अंतर लगातार बना रहेगा और ऊंचाई के अनुसार मौसम में बदलाव दिखाई देगा।
कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश में सोमवार को मौसम साफ रहने की संभावना है और फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। ऊना 34.2 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान काफी नीचे दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार 24 सितंबर तक मौसम में बड़ी बारिश की चेतावनी नहीं है, जबकि 25-26 सितंबर को मैदानी, निचले और मध्य पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बन रही है।











