Hindustan Zinc Rare Earth Mining: चीन के दबदबे वाले रेयर अर्थ सेक्टर में उतरेगी हिंदुस्तान जिंक, कर्नाटक में मिला बड़ा माइनिंग ब्लॉक

Hindustan Zinc Rare Earth Mining: हिंदुस्तान जिंक को कर्नाटक के 314.21 हेक्टेयर के Gundlupet REE और Yttrium ब्लॉक के लिए माइनिंग लीज का LoI मिला है

चीन रेयर अर्थ एलिमेंट्स का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है और इन महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात को लेकर समय-समय पर सख्त कदम उठाता रहा है। अब भारत में अनिल अग्रवाल की कंपनी ने रेयर अर्थ एलिमेंट्स के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाया है।

Hindustan Zinc Rare Earth Mining: भारत में रणनीतिक खनिजों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में हिंदुस्तान जिंक को बड़ी कामयाबी मिली है। अनिल अग्रवाल समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक को कर्नाटक के चामराजनगर जिले में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) और यट्रियम वाले एक माइनिंग ब्लॉक के लिए Letter of Intent (LoI) जारी किया गया है। कंपनी ने इस ब्लॉक की नीलामी में सफल बोली लगाई थी, जिसके बाद राज्य सरकार की ओर से यह औपचारिक कदम उठाया गया है।

रेयर अर्थ एलिमेंट्स को रणनीतिक महत्व वाले खनिजों में गिना जाता है। इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रक्षा उपकरण और क्लीन एनर्जी जैसे कई क्षेत्रों में किया जाता है। ऐसे में नए खनन ब्लॉक से हिंदुस्तान जिंक के कारोबार को विविधता देने की संभावना बढ़ सकती है।

हिंदुस्तान जिंक को कैसे मिला माइनिंग ब्लॉक?

हिंदुस्तान जिंक के मुताबिक, कंपनी को कर्नाटक के गुंडलुपेट REE और यट्रियम ब्लॉक के लिए Preferred Bidder घोषित किया गया था। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने Mineral (Auction) Rules, 2015 के नियम 10(2) के तहत कंपनी के पक्ष में माइनिंग लीज के लिए Letter of Intent जारी किया है। यह ब्लॉक कर्नाटक के चामराजनगर जिले के गुंडलुपेट तालुका में स्थित है। करीब 314.21 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह माइनिंग ब्लॉक मुख्य रूप से मल्लयानपुर गांव के अंतर्गत आता है।

LoI मिलने का मतलब यह है कि कंपनी को खनन पट्टे की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरण पार करने का अवसर मिला है। हालांकि, अंतिम खनन गतिविधियां शुरू होने से पहले संबंधित वैधानिक मंजूरियां और निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी करना आवश्यक होगा।

क्या होते हैं Rare Earth Elements?

Hindustan Zinc Rare Earth Mining: चीन के दबदबे वाले रेयर अर्थ सेक्टर में उतरेगी हिंदुस्तान जिंक, कर्नाटक में मिला बड़ा माइनिंग ब्लॉक

रेयर अर्थ एलिमेंट्स ऐसे खनिजों का समूह हैं, जिनके विशेष भौतिक और रासायनिक गुण उन्हें आधुनिक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। इनके इस्तेमाल हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स, स्थायी चुंबक, इलेक्ट्रिक वाहनों, विंड टर्बाइन, रक्षा प्रणालियों और विभिन्न उन्नत तकनीकी उत्पादों में किया जाता है। यट्रियम भी एक महत्वपूर्ण तत्व है, जिसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, लेजर, सिरेमिक और अन्य औद्योगिक अनुप्रयोगों में किया जाता है।

इन खनिजों की वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक चिंता बढ़ी है। चीन रेयर अर्थ माइनिंग और प्रोसेसिंग में दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल है। इसी कारण भारत समेत कई देश घरेलू उत्पादन और वैकल्पिक सप्लाई चेन विकसित करने पर जोर दे रहे हैं।

हिंदुस्तान जिंक के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

हिंदुस्तान जिंक मुख्य रूप से जिंक, लेड और सिल्वर के उत्पादन के लिए जानी जाती है। रेयर अर्थ एलिमेंट्स और यट्रियम वाले ब्लॉक में प्रवेश कंपनी के मौजूदा माइनिंग कारोबार के दायरे को बढ़ा सकता है। अगर परियोजना निर्धारित प्रक्रियाओं के बाद उत्पादन चरण तक पहुंचती है, तो इससे कंपनी को रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में नया कारोबारी अवसर मिल सकता है। साथ ही, भारत में महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने की व्यापक कोशिशों में भी निजी क्षेत्र की भागीदारी मजबूत हो सकती है।

भारत के लिए भी बढ़ेगी रणनीतिक अहमियत

रेयर अर्थ एलिमेंट्स की मांग इलेक्ट्रिक वाहनों, रिन्यूएबल एनर्जी और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स के विस्तार के साथ बढ़ने की उम्मीद की जाती है। भारत के लिए इन खनिजों का घरेलू स्रोत विकसित करना आयात पर निर्भरता कम करने और सप्लाई चेन को अधिक लचीला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया के कई देश महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित और विविध सप्लाई सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रहे हैं। भारत भी घरेलू खोज, खनन, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन की क्षमता विकसित करने की कोशिश कर रहा है।

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