देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 7 अगस्त के लिए एक और गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है।
नई दिल्ली: भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और कई राज्यों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 12 से 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, गुजरात और महाराष्ट्र समेत 15 राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और उत्तर भारत के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। इसके प्रभाव से कई क्षेत्रों में अचानक भारी वर्षा, जलभराव, नदी-नालों के उफान और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्र में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कई जिलों में भारी वर्षा के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान जताया गया है। राजधानी में कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा के साथ भूस्खलन और सड़क अवरोध की स्थिति बन सकती है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
किसानों और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

IMD ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में आवश्यक सावधानी बरतें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां फसलों की सुरक्षा के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की जरूरत है। नदी किनारे रहने वाले लोगों और मछुआरों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। समुद्री और नदीय क्षेत्रों में तेज हवाओं तथा खराब मौसम की स्थिति के कारण अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
बिजली गिरने का बढ़ा खतरा
पूर्वी भारत और गंगा के मैदानी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि आकाशीय बिजली मानसून के दौरान सबसे बड़े प्राकृतिक खतरों में से एक है और सावधानी बरतकर इससे होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को बादल छाए रहने, गरज के साथ बारिश होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे रह सकता है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे शहरों में मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ी चिंता
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है। जम्मू-कश्मीर में भी कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है, जिससे स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में है।











