देशभर में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। असम और केरल में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
नई दिल्ली: भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए 17 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। पूर्वोत्तर भारत, उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है, जबकि कुछ राज्यों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में तेज बारिश, आंधी और स्थानीय स्तर पर जलभराव की संभावना बनी रहेगी। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।
असम और केरल में बाढ़ जैसी स्थिति
पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। विशेष रूप से असम के कई जिलों में बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। दक्षिण भारत के राज्य केरल में भी लगातार बारिश ने चिंता बढ़ा दी है।
कई जिलों में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन और जलभराव का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने राज्य के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में अगले 48 घंटों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली राहत, लेकिन बढ़ी परेशानी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को हुई तेज बारिश ने एक ओर गर्मी से राहत दिलाई, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आईं। बारिश के कारण राजधानी के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में जारी रहेगा बारिश का दौर
उत्तर भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में भी व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है। पश्चिमी और पूर्वी दोनों क्षेत्रों में कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक वर्षा जारी रह सकती है। वहीं पड़ोसी राज्य बिहार में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। इससे कृषि क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है, हालांकि कुछ स्थानों पर जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम का असर
मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में तेज बारिश के साथ स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा सिक्किम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी संभावित चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में सक्रिय हुआ मानसून
राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा भी हुई है। मौसम विभाग ने जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में आगामी दिनों के दौरान तेज बारिश की संभावना जताई है। राज्य के जलाशयों और बांधों में जलस्तर बढ़ने से जल संसाधनों को लाभ मिल सकता है, लेकिन निचले इलाकों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता बनी हुई है।
मौसम विभाग ने हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी सहित कई क्षेत्रों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।









