जयपुर में दरारें आने से झुका तीन मंजिला मकान, 40 लोगों को सुरक्षित निकाला; नगर निगम ने जारी किया नोटिस

परकोटा क्षेत्र मे तीन मंजिला जर्जर मकान मे दरारें आने के बाद पुलिस और सिविल डिफेंस ने करीब 40 लोगो को सुरक्षित निकाला। नगर निगम ने मकान मालिक को नोटिस जारी किया

जयपुर के परकोटा क्षेत्र में एक तीन मंजिला जर्जर मकान अचानक झुक गया और दीवारों में दरारें आ गईं। हादसे की आशंका के चलते पुलिस और सिविल डिफेंस ने करीब 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला तथा इलाके की आवाजाही रोक दी।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र में शुक्रवार को एक संभावित बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब एक तीन मंजिला जर्जर मकान अचानक सामने की ओर झुक गया और उसकी दीवारों में गहरी दरारें दिखाई देने लगीं। स्थिति गंभीर होते ही स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस, सिविल डिफेंस और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और एहतियात के तौर पर इमारत में रह रहे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

प्रशासन के अनुसार, इमारत कभी भी गिर सकती थी। इसी आशंका को देखते हुए आसपास के पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई।

परकोटा क्षेत्र के टिक्कीग्रान मोहल्ले की घटना

यह घटना जयपुर के गलतागेट थाना क्षेत्र स्थित टिक्कीग्रान मोहल्ले की है। बताया गया कि करीब 30 गज क्षेत्रफल में बनी तीन मंजिला इमारत में अचानक दरारें उभरने लगीं और पूरी संरचना आगे की ओर झुक गई। स्थानीय लोगों ने जैसे ही भवन की स्थिति बिगड़ती देखी, तुरंत प्रशासन को सूचना दी।

सूचना मिलने के बाद पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

राहत अभियान के दौरान इमारत में रह रहे करीब आठ परिवारों के लगभग 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन ने सभी निवासियों को आवश्यक सामान निकालने के लिए सीमित समय दिया और फिर पूरी इमारत को खाली करा दिया।

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई, क्योंकि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया। प्रभावित परिवारों को फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।

पुलिस ने तीनों गलियों में लगाई बैरिकेडिंग

इमारत की अस्थिर स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मकान के आसपास की तीनों गलियों में बैरिकेडिंग कर दी। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को भवन के नजदीक जाने से रोक दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे सुरक्षा घेरा पार करने की कोशिश न करें, क्योंकि भवन की संरचना बेहद कमजोर हो चुकी है और उसके गिरने का खतरा बना हुआ है।

स्थानीय लोगों ने जताई चिंता

घटना के बाद इलाके के निवासियों ने बताया कि भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बावजूद वहां बड़ी संख्या में किराएदार रह रहे थे।

कुछ निवासियों के अनुसार, भवन में 40 से अधिक लोग रह रहे थे, जिससे संभावित दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया था। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुराने और जर्जर भवनों का समय-समय पर निरीक्षण कराने की भी मांग की।

मकान मालकिन का पक्ष

मकान की मालकिन रेहना सुल्ताना ने बताया कि यह संपत्ति उन्हें लगभग दो वर्ष पहले पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे के दौरान मिली थी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस भवन में नहीं रहतीं और दूसरे इलाके में निवास करती हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि भवन में केवल पांच से छह लोग रह रहे थे। हालांकि स्थानीय निवासियों का कहना है कि वहां रहने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक थी। इस संबंध में प्रशासन वास्तविक स्थिति की जांच कर रहा है।

सिविल डिफेंस की टीम मौके पर तैनात

भवन की स्थिति को देखते हुए सिविल डिफेंस की टीम को घटनास्थल पर तैनात रखा गया है। विशेषज्ञ लगातार भवन की स्थिति का आकलन कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन ने आसपास रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

नगर निगम ने जारी किया नोटिस

घटना के बाद नगर निगम ने भवन मालिक को औपचारिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में निर्देश दिया गया है कि 24 घंटे के भीतर विशेषज्ञ इंजीनियर की निगरानी में भवन की तकनीकी जांच कराई जाए और आवश्यक मरम्मत या सुरक्षा उपाय किए जाएं।

नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो निगम अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करेगा।

पुराने भवनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर पुराने शहरों में मौजूद जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जयपुर के परकोटा क्षेत्र में कई दशक पुराने भवन मौजूद हैं, जिनमें से अनेक को नियमित रखरखाव और संरचनात्मक मरम्मत की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय के साथ भवनों की मजबूती कम होती जाती है। यदि नियमित तकनीकी निरीक्षण और मरम्मत नहीं कराई जाए तो ऐसी इमारतें लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती हैं।

समय रहते कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस, सिविल डिफेंस और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई से सभी निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और पूरे क्षेत्र को एहतियातन सील कर दिया गया।

अब विशेषज्ञ भवन की संरचनात्मक स्थिति की विस्तृत जांच करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि भवन की मरम्मत संभव है या उसे पूरी तरह गिराना आवश्यक होगा। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्र से दूर रहें और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।

Leave a comment