Jammu-Kashmir: कटरा में वैष्णो देवी रोपवे के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, कई पुलिस अधिकारी घायल, जानिए पूरा मामला

कटरा में वैष्णो देवी रोपवे परियोजना के विरोध में प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल पुलिस और CRPF की तैनाती, स्थिति को शांत करने की कोशिश जारी

जम्मू और कश्मीर के कटरा में रोपवे प्रोजेक्ट के विरोध में चल रहा प्रदर्शन सोमवार 25 नवंबर को हिंसक हो गया। विरोध कर रही भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिससे एक SHO और अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए।

Jammu Kashmir ropeway protest: कटरा, जम्मू और कश्मीर में रोपवे प्रोजेक्ट के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन सोमवार 25 नवंबर को उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कटरा के SHO चमन गोरख समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

प्रदर्शनकारियों का पुलिस से टकराव

Jammu-Kashmir: कटरा में वैष्णो देवी रोपवे के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, कई पुलिस अधिकारी घायल, जानिए पूरा मामला

पिछले तीन दिनों से रोपवे परियोजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोग सोमवार को एकजुट हुए। कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह जोक के नेतृत्व में लगभग दो हजार मजदूरों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया और आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कटरा SHO चमन गोरख पर हमला कर दिया और पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

सुरक्षा ले लिए पुलिस और CRPF की तैनाती

घटना के बाद पुलिस प्रशासन और CRPF की छह बटालियन मौके पर तैनात की गई हैं। प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से समझौता करने की कोशिश कर रहा है और स्थिति को शांत करने की दिशा में प्रयास कर रहा है।

रोपवे परियोजना का उद्देश्य और विरोध

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श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कटरा से ताराकोटे मार्ग तक 12 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना की घोषणा की थी, जिसका कुल बजट 250 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आसान और सुरक्षित यात्रा की सुविधा प्रदान करना है। हालांकि, परियोजना का विरोध करने वाले स्थानीय दुकानदारों और खच्चर-पालकी मालिकों ने 22 नवंबर से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी थी, जिसके कारण कई श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

श्राइन बोर्ड के CEO अंशुल गर्ग ने इस परियोजना को तीर्थयात्रियों के लिए एक 'गेम चेंजर' बताया है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें मंदिर तक पहुंचने में कठिनाई होती है। रोपवे परियोजना से यात्रा को सुरक्षित और तेज बनाने की योजना है, लेकिन पहले की तरह विरोध के कारण इस परियोजना को स्थगित किया गया था।

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