नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को पहली कमर्शियल यात्री उड़ान लखनऊ के लिए रवाना होगी। इस ऐतिहासिक सफर में एयरपोर्ट निर्माण के लिए जमीन देने वाले 172 किसान भी शामिल होंगे, जो पहली बार अपने ही क्षेत्र के एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करेंगे।
नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) 15 जून 2026 को अपने संचालन के नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है। एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल यात्री उड़ान लखनऊ के लिए रवाना होगी, जिसमें सबसे खास बात यह है कि यात्रा करने वाले प्रमुख यात्रियों में वे 172 किसान शामिल होंगे जिन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराई थी। यह अवसर उनके लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक दोनों माना जा रहा है।
172 किसानों के लिए यादगार बनेगा पहला हवाई सफर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू होने वाली पहली यात्री उड़ान केवल विमानन क्षेत्र की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन किसानों के योगदान का सम्मान भी है जिन्होंने इस परियोजना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी भूमि देने वाले 172 किसान पहली बार इसी एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करेंगे।
![]()
जेवर क्षेत्र के विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसान लखनऊ के लिए रवाना होंगे। यह सफर उनके लिए इसलिए भी विशेष होगा क्योंकि जिस जमीन पर कभी उनकी खेती होती थी, आज उसी स्थान से वे आसमान की उड़ान भरेंगे। स्थानीय स्तर पर इस पहल को किसानों के योगदान को सम्मान देने के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात
यात्रा के दौरान किसान प्रतिनिधिमंडल लखनऊ में योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा। बताया गया है कि किसान मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करेंगे और क्षेत्र के विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार तथा जेवर एयरपोर्ट परियोजना को साकार करने के लिए धन्यवाद देंगे।
इस मुलाकात को लेकर किसानों में खास उत्साह देखा जा रहा है। कई किसानों का कहना है कि उन्होंने विकास के लिए अपनी जमीन दी थी और अब एयरपोर्ट के रूप में उसका परिणाम सामने आ रहा है।
पहली फ्लाइट के स्वागत की विशेष तैयारी
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार पहले दिन उड़ान संचालन की जिम्मेदारी IndiGo Airlines संभालेगी। लखनऊ से उड़ान सुबह रवाना होकर जेवर एयरपोर्ट पर पहली बार लैंड करेगी। इसके बाद यही विमान यात्रियों और किसानों को लेकर वापस लखनऊ के लिए उड़ान भरेगा।
इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए एयरपोर्ट पर विशेष कार्यक्रमों की तैयारी की गई है। पहली लैंडिंग के दौरान विमान को पारंपरिक "वॉटर सैल्यूट" दिया जाएगा। इसके अलावा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत से जुड़े लोग और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर के साक्षी बनेंगे।
घरेलू उड़ानों के साथ शुरू होगा संचालन
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार शुरुआती चरण में घरेलू उड़ानों को प्राथमिकता दी जाएगी। 15 जून से लखनऊ और बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ानें शुरू होंगी। इसके बाद 16 जून से हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर के लिए भी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आने वाले महीनों में बरेली, श्रीनगर, जयपुर, धर्मशाला, भोपाल, चंडीगढ़, देहरादून, किशनगढ़ और नवी मुंबई जैसे शहरों को भी इस एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
Noida International Airport को देश की सबसे बड़ी विमानन परियोजनाओं में गिना जाता है। इसके शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों को नया विकल्प मिलेगा। साथ ही पर्यटन, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं खुलेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के संचालन से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना सिटी और आसपास के क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे। 15 जून की पहली उड़ान केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और किसानों के योगदान को सम्मान देने वाली ऐतिहासिक शुरुआत मानी जा रही है।








