झारखंड के किसानों को बड़ी सौगात, नगड़ी में बनेगा 9.5 करोड़ का आधुनिक फूड प्रोसेसिंग सेंटर

रांची के नगड़ी में 9.5 करोड़ रुपये से आधुनिक फूड प्रोसेसिंग सेंटर बनेगा। इससे किसानों को बेहतर दाम, भंडारण, पैकेजिंग और निर्यात की सुविधा मिलेगी।

रांची के नगड़ी में 9.5 करोड़ रुपये की लागत से झारखंड-बिहार का पहला इंटीग्रेटेड पैक्ड हाउस बनाया जाएगा। इससे किसानों को बेहतर मूल्य, फसल संरक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच की सुविधा मिलेगी।

Ranchi: झारखंड सरकार किसानों की आय बढ़ाने और फसल बर्बादी कम करने के लिए रांची के नगड़ी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड पैक्ड हाउस स्थापित करने जा रही है। करीब 9.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र फल और सब्जियों के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, पैकेजिंग और भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ नए बाजारों तक पहुंच का अवसर भी मिलेगा।

झारखंड के किसानों को बड़ी सौगात

झारखंड के किसानों के लिए राहत और नए अवसरों की खबर है। राज्य सरकार रांची के नगड़ी में लगभग 9.5 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक इंटीग्रेटेड पैक्ड हाउस फॉर हैंडलिंग एंड पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट ऑफ फ्रूट एंड वेजिटेबल स्थापित करने की तैयारी कर रही है। यह झारखंड और बिहार का पहला ऐसा केंद्र होगा, जहां फलों और सब्जियों का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण, ग्रेडिंग और पैकेजिंग की जाएगी।

झारखंड के किसानों को बड़ी सौगात, नगड़ी में बनेगा 9.5 करोड़ का आधुनिक फूड प्रोसेसिंग सेंटर

इस परियोजना के शुरू होने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। साथ ही फसलों की बर्बादी कम होगी, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह केंद्र किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

फसल बर्बादी रुकेगी, किसानों को मिलेगा बेहतर दाम

राज्य में बड़ी मात्रा में फल और सब्जियां उचित भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं के अभाव में खराब हो जाती हैं। नई परियोजना के माध्यम से इस समस्या को काफी हद तक दूर करने का प्रयास किया जाएगा। जिन उत्पादों को बाजार में उचित कीमत नहीं मिलती, उन्हें प्रसंस्करण के जरिए मूल्यवर्धित उत्पादों में बदला जाएगा।

नगड़ी स्थित वेजफेड की एक एकड़ जमीन पर बनने वाले इस केंद्र में किसानों की उपज को बाजार की मांग के अनुसार तैयार किया जाएगा। इससे उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी और उनकी शेल्फ लाइफ भी बढ़ेगी। परिणामस्वरूप किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार होगा प्रसंस्करण

प्रस्तावित केंद्र में फलों और सब्जियों के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यहां फलों के लिए हॉट वाटर ट्रीटमेंट और वेपर हीट ट्रीटमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वहीं सब्जियों की सफाई, धुलाई, ग्रेडिंग और वैज्ञानिक पैकेजिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार कई देशों में कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए विशेष गुणवत्ता मानकों का पालन जरूरी होता है। जापान और अमेरिका जैसे देशों में निर्यात होने वाले उत्पादों के लिए विशेष उपचार प्रक्रिया अनिवार्य होती है। नगड़ी में बनने वाला यह केंद्र इन्हीं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य करेगा, जिससे किसानों के लिए वैश्विक बाजारों के दरवाजे खुल सकेंगे।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम पहल

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का कहना है कि आधुनिक कृषि केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रह सकती। किसानों को प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत यह परियोजना विकसित की जा रही है।

केंद्र में किसान मामूली शुल्क देकर अपनी उपज का वैज्ञानिक उपचार और पैकेजिंग करा सकेंगे। इससे उनकी उपज की गुणवत्ता बढ़ेगी और बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना बनेगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना हजारों किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ झारखंड को फल एवं सब्जी प्रसंस्करण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का काम करेगी।

यदि योजना तय समय पर पूरी होती है, तो यह न केवल किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

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