झुंझुनूं में दर्दनाक हादसा: 11KV बिजली लाइन की चपेट में आने से मजदूर की मौत, परिजनों ने 1 करोड़ मुआवजे की मांग

झुंझुनूं में 11KV लाइन की चपेट में आने से निर्माण कार्य कर रहे युवक की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए 1 करोड़ मुआवजे और कार्रवाई की मांग की।

झुंझुनूं में निर्माणाधीन मकान की छत पर काम कर रहे युवक की 11KV बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की।

झुंझुनूं: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र के अणगासर रोड पर निर्माणाधीन मकान की छत पर काम कर रहे एक 45 वर्षीय मजदूर की 11 किलोवोल्ट (11KV) हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह दीवार निर्माण और छत की मरम्मत का कार्य कर रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही मजदूर का संपर्क हाईटेंशन लाइन से हुआ, जोरदार धमाका हुआ और वह लगभग 16 फीट की ऊंचाई से उछलकर नीचे गली में बने नाले में जा गिरा। आसपास काम कर रहे लोगों ने तुरंत शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

हादसे की जगह पर मची अफरा-तफरी, पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद मजदूर को नाले से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। घटना के बाद अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।

मृतक की पहचान और पारिवारिक स्थिति

मृतक की पहचान रतन नायक (45) के रूप में हुई है, जो पेशे से मिस्त्री का काम करते थे। परिजनों के अनुसार, रतन नायक परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है और इस हादसे के बाद परिवार पूरी तरह संकट में आ गया है। परिजनों का कहना है कि अब घर चलाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

11KV लाइन से टकराने के बाद हुआ धमाका

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मजदूर छत पर काम करते समय अनजाने में ऊपर से गुजर रही 11KV हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। जैसे ही करंट लगा, जोरदार विस्फोट जैसी आवाज आई और वह संतुलन खोकर नीचे गिर गया। करीब 16 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई का आरोप

स्थानीय लोगों और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता ने दावा किया कि दुकान मालिक द्वारा कई बार मौखिक रूप से बिजली विभाग के JEN (जूनियर इंजीनियर) को हाईटेंशन लाइन के खतरे को लेकर शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।

परिजनों की 1 करोड़ मुआवजे और नौकरी की मांग

मृतक के परिवार ने प्रशासन से 1 करोड़ रुपये मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि रतन नायक परिवार के एकमात्र सहारा थे, और उनकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को असहाय स्थिति में पहुंचा दिया है। परिवार और ग्रामीणों ने बीडीके अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन भी शुरू किया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बिजली विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि 11KV लाइन का मकान के इतने करीब होना ही गंभीर सुरक्षा लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की ओर से सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ऐसे कई निर्माण स्थलों पर हाईटेंशन लाइनें खतरे की स्थिति में हैं, लेकिन विभाग समय रहते कोई कदम नहीं उठाता।

JEN और लाइनमैन पर कार्रवाई की मांग

घटना के बाद राजनीतिक और स्थानीय संगठनों ने संबंधित JEN और लाइनमैन को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शिकायतों पर समय रहते ध्यान दिया जाता, तो यह हादसा नहीं होता। स्थानीय नेताओं ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि केवल हादसे के बाद ही विभाग सक्रिय होता है, जबकि पहले से खतरे को नजरअंदाज किया जाता है।

प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बिजली विभाग से भी रिपोर्ट मांगी जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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