JPSC-JSSC आंदोलन पर सियासत तेज, BJP ने सरकार को घेरा; कांग्रेस ने वार्ता से समाधान की अपील की

JPSC-JSSC आंदोलन के बीच BJP ने सरकार पर छात्रों की मांगें नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने सरकार और छात्रों से बातचीत कर समाधान की अपील की।

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों की फिर वार्ता होनी है। BJP ने सरकार पर सवाल उठाए, जबकि कांग्रेस ने दोनों पक्षों से जिद छोड़कर समाधान निकालने की अपील की।

रांची: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच फिर वार्ता होने जा रही है। बातचीत से पहले इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। BJP ने सरकार पर छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस ने सरकार और छात्रों दोनों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

वार्ता से पहले BJP ने सरकार पर उठाए सवाल

JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच होने वाली सरकार और छात्रों की वार्ता को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। BJP के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत होना जरूरी है, लेकिन अब तक हुई चर्चाओं से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

प्रतुल शाहदेव ने सरकार से आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने वार्ता में शामिल चार मंत्रियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि ये मंत्री पहले भी छात्रों के साथ बातचीत में शामिल रहे हैं, लेकिन पिछली बैठकों से समाधान नहीं निकल पाया।

BJP नेता ने आरोप लगाया कि इनमें से दो मंत्रियों की ओर से छात्रों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गई थीं। उन्होंने कहा कि ऐसे में अगर इन्हें वार्ता से अलग रखा जाता तो सकारात्मक संदेश जाता।

BJP बोली- मुख्यमंत्री को खुद बातचीत में शामिल होना चाहिए

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को स्वयं छात्र प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में शामिल होना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार को छात्रों की मांगों पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए ताकि आंदोलन को खत्म करने की दिशा में रास्ता निकले।

उन्होंने सरकार पर आंदोलन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और मुकदमे दर्ज करने जैसे कदम उठाने का आरोप भी लगाया। BJP ने सरकार से छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की है।

कांग्रेस ने दोनों पक्षों से जिद छोड़ने की अपील की

वहीं, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने सरकार और छात्रों दोनों से अपनी-अपनी जिद छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।

राजेश ठाकुर के मुताबिक, किसी भी बातचीत को सफल बनाने के लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे की बात सुननी होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को केंद्र में रखकर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच संवाद होना चाहिए, ताकि ऐसा समाधान निकले जो अभ्यर्थियों की चिंताओं को दूर कर सके।

उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि केवल आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त करने के बजाय भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर दबाव बनाए रखना जरूरी है। उनके अनुसार, व्यवस्था में स्थायी बदलाव के लिए छात्रों को अपनी मांगों पर लगातार आवाज उठानी चाहिए।

बाबूलाल मरांडी पर कांग्रेस का निशाना

राजेश ठाकुर ने BJP नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी छात्रों के आंदोलन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने छात्रों से राजनीतिक दलों की राजनीति से दूरी बनाए रखने और भर्ती व्यवस्था में सुधार की अपनी मूल मांग पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।

आज की वार्ता पर टिकी नजर

JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, जांच और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार जैसी मांगों को लेकर जारी है। छात्र मामले में CBI जांच समेत कई मांगें उठा रहे हैं।

ऐसे में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अगली वार्ता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर विपक्ष सरकार पर दबाव बना रहा है, वहीं कांग्रेस बातचीत के जरिए समाधान की बात कर रही है। अब वार्ता में दोनों पक्षों के बीच कितनी सहमति बनती है और क्या आंदोलन खत्म करने का कोई रास्ता निकलता है, इस पर सभी की नजर है।

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