मुंबई के कांदिवली वेस्ट में सोमवार तड़के अभिराई होटल की व्यावसायिक इमारत में लेवल-1 आग लग गई। दमकल कर्मियों ने दूसरी मंजिल के लॉजिंग हाउस से 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कांदिवली वेस्ट इलाके में सोमवार तड़के एक व्यावसायिक इमारत में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना कांदिवली स्टेशन रोड स्थित अभिराई होटल में हुई। आग की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। इस दौरान इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित लॉजिंग हाउस से 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
सुबह करीब 4:14 बजे मिली आग की सूचना
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुंबई फायर ब्रिगेड कंट्रोल को सोमवार सुबह करीब 4:14 बजे कांदिवली स्टेशन रोड पर आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और घटनास्थल पर अग्निशमन एवं बचाव दल भेजे गए।
आग कांदिवली वेस्ट स्थित अभिराई होटल की व्यावसायिक इमारत में लगी थी। दमकल विभाग ने शुरुआती आकलन के आधार पर इसे लेवल-1 श्रेणी की आग के रूप में वर्गीकृत किया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों ने तेजी से अभियान चलाया।
इमारत में भर गया था धुआं
घटना के दौरान पूरी इमारत धुएं से भर गई थी। संबंधित व्यावसायिक भवन में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार ऊपरी मंजिलें हैं। धुएं के कारण अंदर मौजूद लोगों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती थी, लेकिन दमकल कर्मियों ने समय रहते बचाव अभियान शुरू कर दिया।
फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित लॉजिंग हाउस में मौजूद 11 लोगों को सीढ़ियों के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला। बचाव अभियान के दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई।
विद्युत वायरिंग और कई सामान आग की चपेट में
मुंबई फायर ब्रिगेड के अनुसार, आग मुख्य रूप से विद्युत वायरिंग और विद्युत प्रतिष्ठानों तक सीमित थी। इसके अलावा पास में स्थित एक अस्थायी फल की दुकान में रखे लकड़ी के फर्नीचर, तिरपाल, बांस और प्लास्टिक की सामग्री भी आग की चपेट में आ गई।
आग का असर इमारत की चौथी मंजिल तक भी पहुंचा। वहां करीब 50 वर्ग फुट क्षेत्र में कपड़े, लकड़ी का फर्नीचर और फॉल्स सीलिंग प्रभावित हुई। इमारत के बाहरी हिस्से में लगे एल्युमिनियम और प्लास्टिक के सजावटी शीट भी आग से प्रभावित हुए।
करीब दो घंटे में आग पर पाया गया काबू
दमकल विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित निकालने का काम एक साथ शुरू किया। लगातार प्रयासों के बाद सुबह करीब 6:07 बजे आग को पूरी तरह नियंत्रित कर बुझा दिया गया।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई के कारण आग को समय रहते सीमित करने में सफलता मिली। इमारत से 11 लोगों को सुरक्षित निकालना इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। घटना के बाद दमकल कर्मियों ने मौके पर स्थिति की जांच की और यह सुनिश्चित किया कि आग दोबारा न भड़के।
किसी के घायल होने की सूचना नहीं
मुंबई फायर ब्रिगेड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। दूसरी मंजिल के लॉजिंग हाउस में मौजूद सभी 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
आग जैसी घटनाओं में धुआं अक्सर बड़ा खतरा पैदा करता है। इस घटना में भी पूरी इमारत के धुएं से भर जाने की जानकारी सामने आई, लेकिन समय पर दमकल दल के पहुंचने और बचाव अभियान शुरू होने से संभावित बड़े नुकसान को टालने में मदद मिली।
आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं
दमकल विभाग की शुरुआती जानकारी में आग से प्रभावित सामग्री और स्थान का विवरण दिया गया है, लेकिन आग लगने के सटीक कारण की जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं कराई गई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विद्युत वायरिंग में तकनीकी खराबी के कारण आग शुरू हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
आग के कारणों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन और संबंधित विभाग घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर सकते हैं, जिसमें आग की शुरुआत कहां से हुई और कितनी तेजी से फैली, जैसे पहलुओं को देखा जाएगा।
कांदिवली घटना ने फिर बढ़ाई अग्नि सुरक्षा की चिंता
व्यावसायिक इमारतों में आग लगने की घटनाएं मुंबई जैसे घनी आबादी वाले महानगर में गंभीर चिंता का विषय रही हैं। ऐसी इमारतों में एक साथ कई लोग मौजूद हो सकते हैं और धुआं फैलने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कांदिवली की इस घटना में दमकल कर्मियों ने सीढ़ियों के जरिए 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना में कोई जनहानि या चोट की सूचना नहीं मिलने से राहत मिली है। हालांकि, इस तरह की घटनाएं व्यावसायिक परिसरों में विद्युत व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की नियमित जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
इसी महीने विले पार्ले में हुई थी गंभीर आग की घटना
मुंबई में इसी महीने एक अन्य गंभीर आग की घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल था। अधिकारियों के अनुसार, विले पार्ले वेस्ट की एक आवासीय इमारत में लगी भीषण आग में छह अन्य लोग घायल हुए थे।
मुंबई फायर ब्रिगेड के अनुसार, उस घटना को शुरुआती स्तर पर लेवल-1 आग माना गया था, लेकिन बाद में स्थिति बढ़कर लेवल-2 तक पहुंच गई। लगातार प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, उस अभियान में आठ फायर टेंडर के साथ विशेष उपकरणों का भी इस्तेमाल किया गया था।
विले पार्ले की घटना में जनहानि होने के बाद कांदिवली की घटना में 11 लोगों का सुरक्षित बच निकलना राहत की बात है। दोनों घटनाएं अलग-अलग परिस्थितियों में हुईं, इसलिए इनके कारणों और परिस्थितियों को अलग-अलग जांच के आधार पर देखा जाना जरूरी है।
समय पर बचाव अभियान से टली बड़ी अनहोनी
कांदिवली वेस्ट की घटना में सबसे महत्वपूर्ण पहलू दमकल विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया रही। सुबह-सुबह आग लगने के समय इमारत में मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालना प्राथमिक चुनौती थी। दूसरी मंजिल के लॉजिंग हाउस से 11 लोगों को सीढ़ियों के रास्ते बाहर निकाला गया।
पूरी इमारत के धुएं से प्रभावित होने के बावजूद बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके बाद आग बुझाने का अभियान जारी रखा गया और सुबह 6:07 बजे आग पर नियंत्रण पा लिया गया।
आगे की जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार आग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। आग से विद्युत प्रतिष्ठानों, लकड़ी के सामान, प्लास्टिक सामग्री, तिरपाल, फॉल्स सीलिंग और बाहरी सजावटी शीट को नुकसान पहुंचा।
आग लगने के कारण और संपत्ति को हुए कुल नुकसान का विस्तृत आकलन आगे की जांच के बाद स्पष्ट हो सकता है। फिलहाल दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई और 11 लोगों के सुरक्षित बचाव ने घटना को बड़ी जनहानि में बदलने से रोक दिया।













