भागलपुर जिले के कहलगांव और सन्हौला फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सूचना है। बिजली विभाग की ओर से फीडर के मेंटेनेंस और जरूरी तकनीकी कार्य के लिए शटडाउन लिया जाएगा। इस दौरान संबंधित इलाकों में करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की संभावना है। विभाग के अनुसार काम पूरा होने के बाद दोपहर करीब 1 बजे बिजली सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
मेंटेनेंस कार्य के दौरान बिजली लाइन और फीडर से जुड़े उपकरणों की जांच की जाएगी। जरूरत के मुताबिक लाइन, जंपर, इंसुलेटर, कनेक्शन और अन्य तकनीकी हिस्सों का निरीक्षण या मरम्मत की जा सकती है। विभाग का कहना है कि नियमित मेंटेनेंस का उद्देश्य बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर और सुरक्षित बनाए रखना है।
शटडाउन के कारण कहलगांव और सन्हौला फीडर से जुड़े कई इलाकों में बिजली नहीं रहेगी। इसका असर घरों, दुकानों और छोटे कारोबारों के साथ-साथ बिजली पर निर्भर अन्य कामकाज पर भी पड़ सकता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि निर्धारित शटडाउन अवधि को ध्यान में रखते हुए जरूरी बिजली संबंधी काम पहले ही निपटा लें।
बिजली कटौती की वजह से घरों में पानी की मोटर, पंखे, कूलर, फ्रिज और अन्य विद्युत उपकरण प्रभावित रहेंगे। दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के लिए भी यह अवधि महत्वपूर्ण है, इसलिए वे बिजली बंद रहने के समय को ध्यान में रखकर अपने जरूरी काम की योजना बना सकते हैं।
मेंटेनेंस के दौरान बिजली कर्मचारियों और तकनीकी टीम को लाइन पर काम करना होता है। ऐसे में सुरक्षा कारणों से फीडर की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रखी जाती है। काम पूरा होने के बाद लाइन की जांच कर सुरक्षित स्थिति सुनिश्चित की जाती है और फिर सप्लाई शुरू की जाती है।
विभाग की ओर से निर्धारित समय के आसपास बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि तकनीकी कार्य के दौरान यदि कोई अतिरिक्त समस्या सामने आती है तो शटडाउन की अवधि कुछ समय बढ़ भी सकती है। इसलिए उपभोक्ताओं को विभागीय सूचना पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
कहलगांव और सन्हौला फीडर से जुड़े लोगों के लिए यह शटडाउन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिजली कटौती की अवधि में दैनिक कामकाज प्रभावित हो सकता है। जिन घरों में बिजली से चलने वाले जरूरी उपकरण हैं, वे कटौती शुरू होने से पहले उन्हें चार्ज या तैयार रख सकते हैं।
मोबाइल फोन, इन्वर्टर, जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य बैकअप व्यवस्था पहले से तैयार रखने से उपभोक्ताओं को बिजली बंद रहने के दौरान परेशानी कम होगी। वहीं जिन लोगों को ऑनलाइन काम या जरूरी बिजली आधारित कार्य करना है, वे शटडाउन की अवधि से पहले उसे पूरा कर सकते हैं।
बिजली विभाग समय-समय पर फीडर और वितरण लाइन का मेंटेनेंस करता है। पुराने या कमजोर उपकरणों की जांच, तारों की स्थिति की समीक्षा और लाइन से जुड़े तकनीकी काम बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी होते हैं। इससे भविष्य में फॉल्ट और अचानक बिजली कटने की घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
मेंटेनेंस के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य होने पर उपभोक्ताओं को अपने विद्युत उपकरण सावधानी से चालू करने की सलाह दी जाती है। लंबे समय तक सप्लाई बंद रहने के बाद बिजली आने पर वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए संवेदनशील उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानी रखना बेहतर होगा।
स्थानीय उपभोक्ताओं से यह भी अपील की गई है कि बिजली लाइन, ट्रांसफॉर्मर या फीडर से जुड़े किसी भी तकनीकी उपकरण के पास खुद से काम करने की कोशिश न करें। मेंटेनेंस के दौरान लाइन को बंद रखा जाता है, लेकिन सुरक्षा के लिए आम लोगों का विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
अगर किसी इलाके में निर्धारित समय के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती है तो उपभोक्ता स्थानीय बिजली विभाग के शिकायत माध्यम पर इसकी जानकारी दे सकते हैं। तकनीकी कारणों से देरी होने पर विभाग की टीम स्थिति के अनुसार काम पूरा करके सप्लाई शुरू करेगी।
कुल मिलाकर, कहलगांव और सन्हौला फीडर से जुड़े इलाकों में मेंटेनेंस कार्य के कारण करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग का लक्ष्य काम पूरा करने के बाद दोपहर 1 बजे के आसपास सप्लाई बहाल करना है। उपभोक्ताओं से अपील है कि बिजली कटौती की अवधि को ध्यान में रखते हुए जरूरी काम और बैकअप की व्यवस्था पहले से कर लें।










