कीर स्टारमर के इस्तीफे के बाद PM की रेस में एंडी बर्नहम सबसे आगे

ब्रिटेन में कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी में नए नेता की दौड़ तेज हो गई है। एंडी बर्नहम सबसे आगे माने जा रहे हैं, जबकि अन्य सांसद भी दावेदार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी में नए नेता को लेकर हलचल बढ़ गई है। एंडी बर्नहम प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं, जबकि कई सांसद नेतृत्व चुनाव की मांग कर रहे हैं ताकि उम्मीदवारों की नीतियों की जांच हो सके।

लंदन: ब्रिटेन की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता सर कीर स्टारमर के इस्तीफे की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच, पूर्व ग्रेटर मैनचेस्टर मेयर और हाल ही में सांसद बने एंडी बर्नहम को स्टारमर का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी के कई वरिष्ठ सांसद चाहते हैं कि नए नेता का चयन बिना प्रतिस्पर्धा के न हो और इसके लिए औपचारिक नेतृत्व चुनाव कराया जाए।

एंडी बर्नहम को मिल रही मजबूत बढ़त

लेबर पार्टी के भीतर एंडी बर्नहम को नए नेता और संभावित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव में उनकी प्रभावशाली जीत ने उनकी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत कर दिया है। संसद में औपचारिक रूप से सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद बर्नहम ने स्पष्ट कर दिया कि वह पार्टी नेतृत्व की दौड़ में हिस्सा लेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उन्हें पर्याप्त समर्थन मिल जाता है और कोई मजबूत प्रतिद्वंद्वी सामने नहीं आता, तो वे 17 जुलाई के आसपास ही पार्टी नेतृत्व संभाल सकते हैं। यही कारण है कि लेबर पार्टी के भीतर कई सांसद नेतृत्व चयन प्रक्रिया को अधिक प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं।

अल कार्न्स और डैरेन जोन्स भी संभावित दावेदार

पूर्व रक्षा मंत्री अल कार्न्स ने संकेत दिया है कि वह नेतृत्व चुनाव लड़ने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। एक टेलीविजन इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह अभी अंतिम निर्णय लेने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन देश और पार्टी के दीर्घकालिक लक्ष्यों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

कार्न्स का कहना है कि राजनीति को केवल रणनीतिक चालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि 2029 और 2034-35 जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान देना चाहिए। उनके इस बयान को नेतृत्व चुनाव में संभावित रुचि के रूप में देखा जा रहा है।

वहीं, प्रधानमंत्री के करीबी सहयोगी और चीफ सेक्रेटरी डैरेन जोन्स का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में लिया जा रहा है। हालांकि उनके चुनाव लड़ने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है, लेकिन उन्होंने भी किसी चुनौती से इनकार नहीं किया है। पार्टी के कुछ सांसद उन्हें नेतृत्व की दौड़ में उतरने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

क्या होगा औपचारिक नेतृत्व चुनाव?

कीर स्टारमर ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति से नए नेता के चयन की समय-सारिणी तय करने को कहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 9 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 16 जुलाई तक उम्मीदवारों को आवश्यक समर्थन जुटाना होगा।

किसी भी उम्मीदवार को नेतृत्व की दौड़ में शामिल होने के लिए कम से कम 81 लेबर सांसदों का समर्थन प्राप्त करना होगा। यदि केवल एक उम्मीदवार यह समर्थन हासिल कर पाता है, तो नेतृत्व चुनाव बिना मतदान के भी समाप्त हो सकता है। यही संभावना एंडी बर्नहम को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

पार्टी के भीतर बढ़ रही असहजता

लेबर पार्टी के कई सांसदों का मानना है कि बिना प्रतिस्पर्धी चुनाव के किसी नेता को प्रधानमंत्री बनने देना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं होगा। उनका कहना है कि देश के सर्वोच्च पद के दावेदार को सार्वजनिक बहस, नीतिगत चर्चा और राजनीतिक जांच की प्रक्रिया से गुजरना चाहिए।

रग्बी से सांसद जॉन स्लिंगर ने कहा कि जनता यह उम्मीद करती है कि प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखने वाले नेताओं की नीतियों और दृष्टिकोण की खुली समीक्षा हो। उनके अनुसार, एक औपचारिक नेतृत्व चुनाव पार्टी और लोकतंत्र दोनों के हित में होगा।

कीर स्टारमर के इस्तीफे के बाद PM की रेस में एंडी बर्नहम सबसे आगे

वेस स्ट्रीटिंग के समर्थन से बर्नहम की स्थिति मजबूत

स्वास्थ्य सचिव रह चुके वेस स्ट्रीटिंग को शुरुआत में एंडी बर्नहम का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा था। लेकिन स्टारमर के इस्तीफे के तुरंत बाद उन्होंने बर्नहम को अपना समर्थन दे दिया। इस कदम ने बर्नहम की दावेदारी को और मजबूत कर दिया है तथा यह संभावना बढ़ा दी है कि उन्हें बिना कड़े मुकाबले के नेतृत्व मिल सकता है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि अन्य बड़े नेता चुनाव नहीं लड़ते, तो बर्नहम की जीत लगभग तय मानी जा सकती है।

विपक्षी दलों ने साधा निशाना

लेबर पार्टी के नेतृत्व संकट पर विपक्षी दलों ने भी प्रतिक्रिया दी है। कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बेडेनॉक ने लेबर सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी की मूल नीतियां नहीं बदलेंगी, चाहे उसका नेता कोई भी हो।

लिबरल डेमोक्रेट नेता एड डेवी ने कहा कि ब्रिटिश जनता लगातार बदलते प्रधानमंत्रियों से थक चुकी है और देश को स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता है। वहीं, रिफॉर्म यूके के नेता निगेल फराज ने नए प्रधानमंत्री के चयन के बजाय आम चुनाव कराने की मांग की। उनका कहना है कि जनता को नए नेतृत्व पर सीधे फैसला करने का अवसर मिलना चाहिए। ग्रीन पार्टी के नेता जैक पोलांस्की ने कहा कि एंडी बर्नहम बदलाव की उम्मीद जरूर जगा सकते हैं, लेकिन यह देखना बाकी है कि वे वास्तविक परिवर्तन ला पाएंगे या नहीं।

अर्थव्यवस्था और वित्तीय अनुशासन पर रहेगा फोकस

सूत्रों के अनुसार, एंडी बर्नहम जल्द ही एक महत्वपूर्ण भाषण देने वाले हैं, जिसमें वह आर्थिक विकास को अपनी प्राथमिकता बताएंगे। साथ ही वह सरकार के मौजूदा वित्तीय नियमों को बनाए रखने का भी वादा कर सकते हैं।

इन नियमों का उद्देश्य सार्वजनिक वित्त को नियंत्रित रखना और सरकारी खर्च को कर राजस्व के माध्यम से संतुलित करना है। बर्नहम के सहयोगियों का कहना है कि उन्होंने अभी तक किसी संभावित वित्त मंत्री का चयन नहीं किया है और न ही किसी पद को लेकर कोई समझौता हुआ है।

ब्रिटेन को मिलने वाला है सातवां प्रधानमंत्री

कीर स्टारमर अप्रैल 2020 में लेबर पार्टी के नेता बने थे और जुलाई 2024 में भारी चुनावी जीत के बाद प्रधानमंत्री बने। उनके इस्तीफे के साथ ब्रिटेन 2016 के बाद अपना सातवां प्रधानमंत्री देखने जा रहा है।

यह स्थिति ब्रिटिश राजनीति में लगातार बढ़ती अस्थिरता को दर्शाती है। अब पूरी नजर लेबर पार्टी की नेतृत्व प्रक्रिया पर है, क्योंकि आने वाले सप्ताह न केवल पार्टी बल्कि पूरे ब्रिटेन की राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।

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