कोलकाता में योग दिवस पर पीएम मोदी का संदेश: 70 की उम्र में भी 50 जैसा स्वस्थ रहने में योग मददगार

कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि योग स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन की कुंजी है। लोगों के साथ योगाभ्यास कर फिटनेस का संदेश दिया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता में पीएम मोदी ने 35 हजार लोगों के साथ योग किया। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ, संतुलित और ऊर्जावान जीवन का आधार है तथा 70 वर्ष की उम्र में भी 50 जैसा फिट रहने में मदद करता है।

कोलकाता: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लिया। ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और बढ़ती उम्र में बेहतर स्वास्थ्य के लिए योग को महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाने का एक समग्र माध्यम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं ताकि उम्र बढ़ने के साथ भी शरीर और मन सक्रिय एवं स्वस्थ बने रहें।

‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम पर रहा इस वर्ष का फोकस

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” रखी गई है। इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि योग केवल फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ वृद्धावस्था केवल बुजुर्गों का विषय नहीं है, बल्कि युवाओं और मध्यम आयु वर्ग के लोगों को भी अभी से अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग जीवन के हर चरण में शरीर को मजबूत और मन को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है।

‘40 की उम्र में 20 जैसा लचीलापन और 70 में 50 जैसी सेहत’

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वस्थ जीवन के लिए एक प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लोगों का लक्ष्य केवल लंबा जीवन जीना नहीं होना चाहिए, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति को 40 वर्ष की उम्र में भी 20 वर्ष जैसी लचक बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। इसी तरह 50 वर्ष की उम्र में 30 वर्ष जैसी ऊर्जा और 70 वर्ष की उम्र में 50 वर्ष जैसा स्वास्थ्य बनाए रखना आदर्श लक्ष्य होना चाहिए।

प्रधानमंत्री के अनुसार, योग ऐसी जीवनशैली विकसित करने में मदद करता है, जिससे उम्र बढ़ने के बावजूद शारीरिक क्षमता और मानसिक ऊर्जा बनी रहती है।

रेड रोड पर हजारों लोगों ने किया योगाभ्यास

कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, छात्र, सरकारी कर्मचारी, खेल प्रेमी और योग साधक शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में लगभग 35 हजार लोगों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों के साथ विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। उन्होंने कई योग क्रियाओं का प्रदर्शन किया और लोगों को सही तरीके से योग करने के लिए प्रेरित किया।

योगाभ्यास के दौरान पूरा परिसर अनुशासन और उत्साह से भरा नजर आया। प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री के साथ सामूहिक रूप से योग कर स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

प्रधानमंत्री ने किए कई प्रमुख योगासन

सामूहिक योग सत्र के दौरान प्रधानमंत्री ने विभिन्न योगासन और वार्म-अप अभ्यासों में भाग लिया। इनमें ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन और त्रिकोणासन जैसे महत्वपूर्ण आसन शामिल थे।

इसके अलावा उन्होंने शरीर को सक्रिय करने वाली चालन क्रियाओं का भी अभ्यास किया। कंधों की जकड़न दूर करने के लिए स्कंध चक्र, कमर और रीढ़ को लचीला बनाने के लिए कटिचालन तथा घुटनों की मजबूती के लिए घुटनाचालन जैसे अभ्यास भी किए गए।

विशेषज्ञों के अनुसार ये योगासन और क्रियाएं शरीर के विभिन्न हिस्सों को सक्रिय करने, संतुलन बनाए रखने और लचीलापन बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं।

प्रतिभागियों के बीच पहुंचे प्रधानमंत्री

कार्यक्रम का एक विशेष दृश्य तब देखने को मिला जब प्रधानमंत्री योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों के बीच पहुंचे। उन्होंने लोगों से संवाद किया और कई प्रतिभागियों की योग मुद्राओं को सुधारने में मदद की।

प्रतिभागियों के साथ उनका यह संवाद कार्यक्रम का आकर्षण बना रहा। कई लोगों ने इसे प्रेरणादायक अनुभव बताया और कहा कि इससे उन्हें योग के प्रति और अधिक उत्साह मिला।

प्रधानमंत्री ने शीतली प्राणायाम के दौरान भी प्रतिभागियों को सही तकनीक समझाने का प्रयास किया और योगाभ्यास को सरल भाषा में समझाया।

योग को बताया वैश्विक एकता का माध्यम

प्रधानमंत्री ने कहा कि योग अब केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत नहीं रहा, बल्कि यह पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और संतुलन का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के विभिन्न देशों में लाखों लोग योग दिवस मना रहे हैं।

उनके अनुसार योग विभिन्न संस्कृतियों, समाजों और देशों को जोड़ने वाला माध्यम बन गया है। यह भाषा, धर्म और भौगोलिक सीमाओं से परे लोगों को एक साझा उद्देश्य—स्वस्थ जीवन—के लिए एक साथ लाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यही योग की सबसे बड़ी ताकत है कि यह मानवता को जोड़ता है और सामूहिक कल्याण का संदेश देता है।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है योग

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आधुनिक जीवनशैली की चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग तनाव, चिंता और असंतुलित दिनचर्या जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

ऐसे समय में योग केवल शारीरिक फिटनेस का साधन नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने का भी प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को आत्मनियंत्रण, एकाग्रता और मानसिक शांति प्रदान करता है।

विशेषज्ञ भी मानते हैं कि योग और प्राणायाम तनाव कम करने, नींद की गुणवत्ता सुधारने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं।

देशभर में मनाया गया योग दिवस

कोलकाता के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों, सैन्य प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक योग सत्र आयोजित हुए।

योग दिवस के अवसर पर लाखों लोगों ने स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योगाभ्यास किया। कई स्थानों पर युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन एक बार फिर यह दर्शाता है कि योग आज वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।

Leave a comment