लातेहार सड़क हादसा: खड़े हाइवा से कार टकराई, एक की मौत, 10 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल

लातेहार के बालूमाथ में खड़े हाइवा से कार टकराने से बड़ा हादसा हुआ। एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 10 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल होकर रिम्स रेफर किया गया।

लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र में खड़े हाइवा से कार टकराने पर एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 10 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है।

लातेहार झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 10 साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा टमटम टोला के पास उस समय हुआ जब सड़क किनारे खड़े एक हाइवा में तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, मृतक जुल्फिकार आलम अपने 10 वर्षीय भतीजे मोहम्मद कुनेन के साथ कार से रांची से चतरा जा रहे थे। यात्रा के दौरान जैसे ही उनकी गाड़ी Balumath थाना क्षेत्र के टमटम टोला के पास पहुंची, सड़क किनारे खड़े एक हाइवा से उनकी कार की सीधी और जोरदार टक्कर हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की गति तेज थी और चालक को खड़े वाहन का अंदाजा समय पर नहीं लग पाया, जिसके कारण यह भीषण हादसा हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

मौके पर मची अफरा-तफरी

हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई। कार में फंसे दोनों लोगों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस की मदद से बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद जुल्फिकार आलम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 10 वर्षीय बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया।

मृतक और घायल की पहचान

इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान जुल्फिकार आलम के रूप में की गई है। वह अपने भतीजे के साथ पारिवारिक यात्रा पर निकले थे। घायल बच्चे की पहचान मोहम्मद कुनेन (10 वर्ष) के रूप में हुई है, जो अभी जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है, क्योंकि एक ही पल में खुशी का सफर मातम में बदल गया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

घटना की जानकारी मिलते ही Balumath Police Station की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि सड़क किनारे खड़ा हाइवा संभवतः बिना पर्याप्त चेतावनी संकेतों के खड़ा था, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर राष्ट्रीय और ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहन बिना संकेत दिए खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सड़क किनारे खड़े वाहनों के लिए उचित चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

जुल्फिकार आलम की अचानक मौत से उनका परिवार सदमे में है। परिजनों का कहना है कि वे सामान्य यात्रा पर निकले थे और किसी को अंदेशा नहीं था कि यह यात्रा उनकी आखिरी साबित होगी। वहीं घायल बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण परिवार रांची के अस्पताल में उसके इलाज के लिए रवाना हो गया है। डॉक्टरों के अनुसार, अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं।

प्रशासन से उठी सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसी जगहों पर नियमित गश्त बढ़ाई जाए। लोगों का कहना है कि अगर सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

Leave a comment