पटना के बापू सभागार में रविवार को लव कुश सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा समेत कई नेता शामिल हुए।
Bihar Politics: पटना के बापू सभागार में आयोजित लव कुश सम्मान समारोह में सामाजिक एकजुटता और राजनीतिक सहयोग का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। रविवार, 20 सितंबर को हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा समेत कई नेता शामिल हुए। समारोह में वक्ताओं ने आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और समाज में भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया।
‘एक हैं तो सेफ हैं’, उपेंद्र कुशवाहा ने दिया एकता का संदेश
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कार्यक्रम में समाज की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हम एक हैं तो सेफ हैं, बंटेंगे तो कटेंगे।” कुशवाहा ने अपने संबोधन में आपसी मतभेदों को बातचीत के माध्यम से दूर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज के सदस्यों के बीच टकराव पैदा करने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन ऐसे मामलों में बातचीत और आपसी समझ को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका संदेश सामाजिक भाईचारे और मिलकर आगे बढ़ने पर केंद्रित रहा।
सम्राट चौधरी ने गिनाए 2010, 2020 और 2025 के आंकड़े
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में गठबंधन की एकजुटता को चुनावी प्रदर्शन से जोड़कर समझाया। उन्होंने 2010 और 2020 के चुनावों के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि साथ रहने और अलग होने के दौरान सीटों की संख्या में अंतर देखने को मिला। उन्होंने दावा किया कि 2010 में सहयोगी दलों के साथ रहने पर 206 सीटें मिली थीं, जबकि 2020 में अलगाव के बाद यह संख्या 127 रह गई।
चौधरी के अनुसार, 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), RLM और HAM ने एक साथ चुनाव लड़ा और गठबंधन 200 से अधिक सीटों तक पहुंचा।

‘पांच पांडव’ में कौन-कौन से दल शामिल हैं?
सम्राट चौधरी ने NDA के पांच सहयोगी दलों को महाभारत के पांच पांडवों के उदाहरण से संबोधित किया। इस संदर्भ में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) का उल्लेख किया। उनके संबोधन का मुख्य विषय गठबंधन में सहयोग और सामूहिक प्रयास रहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अलग-अलग दलों की भूमिका होने के बावजूद एकजुटता को महत्व देना जरूरी है।
समारोह में सामाजिक और राजनीतिक संदेश
लव कुश सम्मान समारोह में सामाजिक एकता के साथ बिहार के विकास, शिक्षा, संस्कृति और विरासत जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। नेताओं के संबोधनों में समाज के बीच संवाद बनाए रखने और मिलकर आगे बढ़ने की अपील प्रमुख रही। समारोह में दिए गए बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि सामाजिक एकजुटता और गठबंधन सहयोग दोनों ही चर्चा के केंद्र में रहे। सम्राट चौधरी ने जहां पांच सहयोगी दलों की एकता का उदाहरण दिया, वहीं उपेंद्र कुशवाहा ने सामाजिक स्तर पर आपसी भाईचारा बनाए रखने की बात कही।











