Ladakh में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। प्रशासन ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग, बिक्री और भंडारण के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने पर कड़ा प्रतिबंध लागू कर दिया है।
Ladakh Plastic Ban: पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लद्दाख प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र शासित प्रदेश में सिंगल-यूज प्लास्टिक (Single-Use Plastic) के इस्तेमाल, बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने के खिलाफ सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। नए निर्देशों के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि लद्दाख का संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र बढ़ते प्लास्टिक कचरे और अनियंत्रित पर्यटन के दबाव से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक हो गया है।
सिंगल-यूज प्लास्टिक पर लगेगा 10 हजार रुपये तक का जुर्माना
नए नियमों के अनुसार, प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक वस्तुओं का निर्माण, बिक्री, भंडारण या उपयोग करने वाले व्यक्तियों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, होटलों, रेस्तरां और अन्य संस्थानों पर 10,000 रुपये तक का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है।
लद्दाख प्रशासन ने सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। सड़कों, पर्यटन स्थलों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में कूड़ा फेंकने वालों पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना और प्राकृतिक संसाधनों को प्रदूषण से बचाना है।
इन प्लास्टिक वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध
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प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में कई आम उपयोग की चीजें शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल दैनिक जीवन और पर्यटन गतिविधियों में बड़े पैमाने पर होता है। इनमें शामिल हैं:
- प्लास्टिक चम्मच, कांटे और अन्य कटलरी
- प्लास्टिक कप और प्लेट
- प्लास्टिक स्ट्रॉ
- प्लास्टिक ट्रे
- पैकिंग और रैपिंग फिल्म
- थर्मोकोल से बनी सजावटी सामग्री
- प्लास्टिक झंडे
- प्लास्टिक स्टिरर
- निर्धारित मानकों से कम मोटाई वाले प्लास्टिक बैनर
इन वस्तुओं के उपयोग को कम करके पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को घटाने की कोशिश की जा रही है।
एयरपोर्ट और प्रवेश मार्गों पर होगी जांच
प्रशासन ने यह भी तय किया है कि लद्दाख में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों और हवाई अड्डों पर सिंगल-यूज प्लास्टिक की जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य बाहरी क्षेत्रों से प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के प्रवेश को रोकना है। विशेष रूप से पर्यटन सीजन के दौरान इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को व्यापक अधिकार दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान वे फोटो, वीडियो रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का उपयोग कर सकेंगे। अचानक निरीक्षण अभियान चलाकर उल्लंघन करने वालों की पहचान की जाएगी और मौके पर ही कार्रवाई की जा सकेगी। नए प्रावधानों के तहत विभिन्न प्रशासनिक और स्थानीय अधिकारियों को नियमों के पालन की निगरानी और जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है।
इनमें उप-मंडल अधिकारी (SDM), तहसीलदार, कार्यकारी मजिस्ट्रेट, प्रदूषण नियंत्रण समिति के अधिकारी, पर्यटन विभाग, पंचायत और नगर निकायों के अधिकारी, वन विभाग के कर्मचारी तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य अधिकारी शामिल हैं।










