लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी के भीतर ही विरोध के सुर सामने आ गए। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और विरोध जताते हुए ऐसी टी-शर्ट पहनी, जिन पर ‘बघेल गो बैक’ लिखा हुआ था। हंगामे के बीच पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘RSS दे चमचे’ कह दिया।
कार्यक्रम के दौरान जैसे ही विरोध शुरू हुआ, वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच तनाव की स्थिति बन गई। समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। विरोध कर रहे लोगों ने टी-शर्ट के जरिए भी अपना संदेश स्पष्ट किया।
बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री के समर्थक पार्टी के भीतर संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व की भूमिका को लेकर नाराज हैं। इसी नाराजगी के चलते कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ समर्थकों ने एक जैसी टी-शर्ट पहन रखी थी, जिन पर ‘बघेल गो बैक’ लिखा हुआ था। इसके बाद कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया।
विरोध कर रहे समर्थकों का कहना था कि पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओं की आवाज को सुना जाना चाहिए। उन्होंने नेतृत्व से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। नारेबाजी के दौरान वहां मौजूद अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें शांत कराने की कोशिश भी की।
हंगामे के बीच पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विरोध कर रहे लोगों को ‘RSS दे चमचे’ कहा। वड़िंग की इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।
कांग्रेस के कार्यक्रम में पार्टी के ही कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किए जाने की घटना ने पंजाब कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान को सामने ला दिया है। इससे पहले भी प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक फैसलों, नेताओं की भूमिका और पार्टी कार्यक्रमों को लेकर अलग-अलग गुटों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं।
विरोध कर रहे पूर्व मंत्री समर्थकों ने नारेबाजी के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की कि वे पार्टी नेतृत्व के कुछ फैसलों से संतुष्ट नहीं हैं। हालांकि कार्यक्रम के दौरान विवाद को बढ़ने से रोकने की कोशिश की गई और स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह का सार्वजनिक विरोध पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से भी चुनौती माना जा रहा है। पंजाब में कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में है और पार्टी आने वाले चुनावों को लेकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे समय में अंदरूनी मतभेदों का सार्वजनिक होना नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों के मुताबिक, विरोध अचानक तेज हुआ। नारेबाजी के दौरान समर्थकों ने ‘बघेल गो बैक’ लिखी टी-शर्ट पहनकर अपनी नाराजगी जताई। इससे कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों का ध्यान उनकी ओर गया और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से लगातार कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया जाता रहा है। पार्टी का जोर संगठन को मजबूत करने और आपसी मतभेदों को अंदरूनी स्तर पर सुलझाने पर रहा है। ऐसे में सार्वजनिक कार्यक्रम में विरोध का यह तरीका पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
राजा वड़िंग की टिप्पणी के बाद विवाद और बढ़ गया। उनके बयान को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा शुरू हो गई है। विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं की नाराजगी अब केवल संगठनात्मक मुद्दे तक सीमित नहीं रहकर राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बन गई है।
पार्टी के भीतर यह सवाल भी उठ सकता है कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी को कैसे दूर किया जाए। यदि अलग-अलग गुट सार्वजनिक कार्यक्रमों में एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते हैं तो इसका असर पार्टी की एकजुटता और संगठनात्मक छवि पर पड़ सकता है।
वहीं विरोध करने वाले समर्थकों का अपना पक्ष है। उनका कहना है कि वे पार्टी के हित में अपनी बात सामने रख रहे हैं। उनका विरोध किसी व्यक्तिगत विवाद के बजाय संगठन से जुड़े मुद्दों को लेकर है। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से इस विरोध को किस रूप में देखा जाता है, यह आगे स्पष्ट होगा।
पंजाब कांग्रेस में पहले भी कई मौकों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक हुए हैं। लुधियाना का यह घटनाक्रम भी उसी राजनीतिक खींचतान की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
विरोध के दौरान लगाए गए नारे और ‘बघेल गो बैक’ लिखी टी-शर्ट ने कार्यक्रम को राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया। सोशल मीडिया पर भी इस घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हो सकती है।
कांग्रेस के लिए फिलहाल चुनौती यह होगी कि इस विवाद को पार्टी के अंदर किस तरह शांत किया जाता है। नेतृत्व यदि नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी शिकायतों को सुनता है तो स्थिति सामान्य हो सकती है। वहीं विवाद लंबा खिंचने पर इसका असर संगठनात्मक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
राजा वड़िंग की ओर से विरोध करने वालों पर की गई टिप्पणी ने मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है। आने वाले दिनों में विरोधी गुट इस बयान को लेकर भी प्रतिक्रिया दे सकता है।
फिलहाल लुधियाना के कांग्रेस कार्यक्रम में हुआ हंगामा पार्टी के अंदर चल रही नाराजगी को सार्वजनिक तौर पर सामने ले आया है। पूर्व मंत्री समर्थकों की नारेबाजी, ‘बघेल गो बैक’ टी-शर्ट और राजा वड़िंग की ‘RSS दे चमचे’ वाली टिप्पणी ने पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है और विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं के साथ आगे किस स्तर पर बातचीत होती है। पार्टी के लिए संगठनात्मक एकता बनाए रखना इस समय सबसे बड़ी चुनौती होगी।












