कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार (21 जुलाई) को कहा कि वह अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह जश्न मनाने का नहीं, बल्कि सरकार से जवाबदेही मांगने का दिन है।
Mallikarjun Kharge Birthday: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार, 21 जुलाई को अपने जन्मदिन का जश्न नहीं मनाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां उत्सव मनाने की नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग करने की हैं।
खरगे ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वाले कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और देश के नागरिकों का आभार जताते हुए कहा कि लोगों का स्नेह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में वह अपना जन्मदिन किसी उत्सव के रूप में नहीं मनाएंगे।
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में युवाओं के प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन का जवाब संवाद के बजाय बल प्रयोग से दिया गया।
'आज जश्न नहीं, जवाबदेही मांगने का दिन'
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह जश्न मनाने का समय नहीं है, बल्कि जवाबदेही मांगने का अवसर है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली की मांग की। खरगे ने आरोप लगाया कि एक दिन पहले देश ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर कार्रवाई का दृश्य देखा। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग करने वाले छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके खिलाफ कथित रूप से बल का इस्तेमाल किया गया।
हालांकि, प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार या प्रशासन की ओर से सामने आने वाले आधिकारिक पक्ष को भी इस पूरे विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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पेपर लीक और छात्रों के भविष्य पर उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने परीक्षा व्यवस्था और कथित पेपर लीक के मुद्दे को भी अपने बयान का हिस्सा बनाया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर छात्र परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं, तो उनके प्रदर्शन पर बल प्रयोग क्यों किया गया। उन्होंने पूछा कि बार-बार सामने आने वाली पेपर लीक की घटनाओं और इससे प्रभावित होने वाले लाखों छात्रों की परेशानियों की जिम्मेदारी कौन लेगा। खरगे ने कहा कि देश के युवाओं को दमन नहीं, बल्कि न्याय और निष्पक्ष अवसर की जरूरत है।
उन्होंने केंद्र सरकार से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और छात्रों की चिंताओं का समाधान करना चाहिए।
संसद में तत्काल चर्चा की मांग
मल्लिकार्जुन खरगे ने पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में तत्काल विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह केवल छात्रों या किसी एक संगठन का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। खरगे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े विवादों और कथित अनियमितताओं की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए।









