मणिपुर सरकार ने नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ समन्वय बढ़ाकर नशा उन्मूलन का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने NDPS कानून के प्रभावी पालन और ग्रामीण जल परियोजना की समीक्षा कर हर घर जल योजना को मजबूत करने पर जोर दिया।
इम्फाल: मणिपुर सरकार ने राज्य में बढ़ते नशा कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद ने कहा कि राज्य सरकार नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर समन्वित और सख्त कार्रवाई के जरिए नशा उन्मूलन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में ड्रग नेटवर्क को खत्म करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
एनसीबी अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक
राज्य सचिवालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में एनसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान एनसीबी के डीडीजी (उत्तर-पूर्व क्षेत्र) आर. सुधाकर (IPS) और अतिरिक्त निदेशक पी. के. मिश्रा मौजूद रहे। बैठक में मुख्य रूप से खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान, अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग और NDPS Act, 1985 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।
ड्रग नेटवर्क पर निगरानी और कार्रवाई मजबूत करने पर जोर
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा ताकि ड्रग तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके। सरकार ने कहा कि खुफिया तंत्र को मजबूत करना और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करना इस अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है।

NDPS कानून के सख्त पालन पर जोर
अधिकारियों ने NDPS (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) अधिनियम, 1985 के प्रभावी अनुपालन पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कानून के तहत सभी मामलों में तेजी से कार्रवाई हो और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए। सरकार का मानना है कि सख्त कानून प्रवर्तन ही नशे के खतरे को नियंत्रित कर सकता है।
ग्रामीण जल आपूर्ति परियोजना की समीक्षा
नशा विरोधी अभियान के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान NDB पैकेज IX मणिपुर जल आपूर्ति परियोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के सचिव, मुख्य अभियंता, उप मुख्यमंत्री एल. दीखो और विधायक एल. सुषिंद्रो मैतेई भी उपस्थित थे।
हर घर जल योजना पर फोकस
यह परियोजना केंद्र सरकार की “हर घर जल” पहल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। परियोजना का लक्ष्य प्रत्येक घर तक नल से जल पहुंचाना और ग्रामीण जल अवसंरचना को मजबूत बनाना है।
ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य पर प्रभाव
सरकार का मानना है कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुधार होगा और जलजनित बीमारियों में कमी आएगी। इसके साथ ही ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को भी बढ़ावा मिलेगा।
डबल फोकस: सुरक्षा और विकास
मणिपुर सरकार ने एक ओर नशा उन्मूलन जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे पर सख्त कदम उठाने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर विकास परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी है। यह रणनीति राज्य में सुरक्षा और विकास दोनों को संतुलित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।












