मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, अलग-अलग अभियानों में पांच संदिग्ध गिरफ्तार

मणिपुर में सुरक्षा बलों और पुलिस ने 12 अगस्त को अलग-अलग अभियानों में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई चुराचांदपुर, इंफाल पश्चिम और थौबल जिलो मे हुई

मणिपुर में सुरक्षा बलों और पुलिस ने 12 अगस्त को अलग-अलग अभियानों में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई चुराचांदपुर, काकचिंग, इंफाल पश्चिम और थौबल जिलों में हुई। बरामद सामान में हथियार, गोला-बारूद, रेडियो सेट और एक मोटरसाइकिल शामिल हैं।

इंफाल: मणिपुर में सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस ने उग्रवादी संगठनों तथा कथित जबरन वसूली नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज करते हुए पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, 12 अगस्त को चुराचांदपुर, काकचिंग, इंफाल पश्चिम और थौबल जिलों में अलग-अलग अभियानों के दौरान ये गिरफ्तारियां की गईं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पकड़े गए लोगों के कथित तौर पर विभिन्न प्रतिबंधित या उग्रवादी संगठनों से संबंध हैं। मामलों की जांच जारी है और एजेंसियां गिरफ्तार लोगों की गतिविधियों तथा उनके नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों का पता लगाने में जुटी हैं।

चुराचांदपुर में दो कथित UKNA सहयोगी गिरफ्तार

चुराचांदपुर जिले में सुरक्षा बलों ने खेंगजांग गांव में अभियान चलाकर दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्हें कथित तौर पर यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) से जुड़ा हुआ बताया गया है। सुरक्षा बलों के मुताबिक, अभियान के दौरान दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने एक AK राइफल और उसकी मैगजीन, 7.62 मिमी कैलिबर के 12 कारतूस, एक 9 मिमी पिस्तौल और उसकी मैगजीन बरामद की। इसके अलावा एक Baofeng रेडियो सेट और Royal Enfield मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।

अधिकारियों के अनुसार, बरामद हथियारों और संचार उपकरणों को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों संदिग्धों की कथित संगठन से किस स्तर तक संबद्धता थी और क्या वे क्षेत्र में किसी अन्य गतिविधि में भी शामिल थे।

दोनों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां उनके संपर्कों, आवाजाही और कथित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

काकचिंग में RPF/PLA का कथित कैडर पकड़ा गया

दूसरी कार्रवाई काकचिंग जिले में हुई। सुरक्षा बलों ने हियांगलाम अवांग लीकाई इलाके में अभियान चलाकर 45 वर्षीय वाहेंगबाम अपोइचा मेइतेई उर्फ माइकेल को गिरफ्तार किया।

सुरक्षा एजेंसियों ने उसे रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट/पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (RPF/PLA) का कथित सक्रिय कैडर बताया है। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है ताकि उसकी कथित संगठनात्मक भूमिका और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के पीछे मिली विशेष खुफिया जानकारी महत्वपूर्ण रही। सुरक्षा बल मणिपुर में सक्रिय कथित उग्रवादी नेटवर्क और उनके स्थानीय संपर्कों पर लगातार नजर रख रहे हैं।

इंफाल पश्चिम में कथित वसूली आरोपी गिरफ्तार

मणिपुर पुलिस ने इंफाल पश्चिम जिले में एक अन्य अभियान के दौरान 38 वर्षीय लोंगजाम अर्जुन उर्फ नाओबी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर जबरन वसूली गतिविधियों में शामिल था और प्रतिबंधित संगठन KCP (MJC) का सक्रिय कैडर बताया गया है।

पुलिस ने उसे सेकमाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत उसके वर्तमान ठिकाने से पकड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, अर्जुन मूल रूप से समरौ माखा लीकाई का रहने वाला है और कथित तौर पर सेनजाम चिरांग इलाके में रह रहा था।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित वसूली गतिविधियों में उसकी क्या भूमिका थी और उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। जांच के दौरान उसके संपर्कों और नेटवर्क की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

थौबल में KYKL का कथित सक्रिय कैडर पकड़ा गया

एक अन्य अभियान थौबल जिले में चलाया गया। थौबल CDO की टीमों ने विशेष खुफिया सूचना के आधार पर खोंगजोम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सपाम इलाके में तलाशी अभियान चलाया।

इस कार्रवाई के दौरान 41 वर्षीय चोंगथम प्रेमचंद सिंह को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने उसे कथित तौर पर जबरन वसूली गतिविधियों में शामिल और KYKL का सक्रिय कैडर बताया है।

सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर रही हैं। जांच का उद्देश्य कथित वसूली गतिविधियों और संगठन से उसके संबंधों के बारे में अधिक जानकारी हासिल करना है।

चार जिलों में एक साथ कार्रवाई

इन गिरफ्तारियों से यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा एजेंसियां मणिपुर में अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय कथित उग्रवादी और वसूली नेटवर्क पर एक साथ कार्रवाई कर रही हैं। चुराचांदपुर, काकचिंग, इंफाल पश्चिम और थौबल में हुई कार्रवाई के दौरान अलग-अलग संदिग्धों को निशाना बनाया गया।

सुरक्षा बलों का ध्यान केवल कथित उग्रवादी संगठनों से जुड़े लोगों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके हथियारों, संचार माध्यमों और स्थानीय संपर्कों का पता लगाने पर भी है। चुराचांदपुर की कार्रवाई में हथियार और रेडियो सेट की बरामदगी को इसी जांच के संदर्भ में देखा जा रहा है।

हथियारों की बरामदगी से जांच को मिली अहम जानकारी

चुराचांदपुर में दो संदिग्धों के पास से AK राइफल, 7.62 मिमी के कारतूस और 9 मिमी पिस्तौल बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा संचार के लिए इस्तेमाल होने वाला रेडियो सेट भी जब्त किया गया।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि हथियार कहां से आए और उनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जाना था। हालांकि, इन हथियारों के इस्तेमाल या किसी विशेष घटना से जुड़े होने की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

उग्रवाद और जबरन वसूली नेटवर्क पर फोकस

मणिपुर लंबे समय से जातीय तनाव, सशस्त्र समूहों और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करता रहा है। ऐसे माहौल में कथित उग्रवादी गतिविधियों और जबरन वसूली के मामलों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

हालिया कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए पांचों लोगों पर लगे आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। किसी व्यक्ति को आरोपी या कथित कैडर बताए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत में उसका अपराध साबित हो चुका है। अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारियों के बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरफ्तार लोगों के बीच कोई आपसी संपर्क था या वे अलग-अलग नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे।

पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां या तलाशी अभियान किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य कथित उग्रवादी और जबरन वसूली नेटवर्क की गतिविधियों तथा उनके स्थानीय संपर्कों की पहचान करना है।

मणिपुर के चार जिलों में हुई यह कार्रवाई राज्य में सुरक्षा बलों की जारी रणनीति का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ अभियान और जांच आगे भी जारी रहेगी।

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