चेहरे पर क्या लगा रही हैं, इससे ज्यादा जरूरी है पीरियड प्रोडक्ट में क्या है; गायनेकॉलोजिस्ट ने दी ये सलाह

सैनिटरी पैड खरीदते समय केवल लीकेज और अब्जॉर्बेंसी नहीं, सामग्री भी देखें। जानें Breathable, Fragrance-Free और मोरिंगा वाले पैड को लेकर डॉक्टरों की सलाह।

पीरियड्स के दौरान सैनिटरी पैड चुनते समय केवल लीकेज और अब्जॉर्बेंसी पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ सामग्री, त्वचा की संवेदनशीलता और खुशबू जैसे पहलुओं को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। Breathable और Fragrance-Free विकल्प कुछ महिलाओं को अधिक आराम दे सकते हैं।

Health Tips: मासिक धर्म के दौरान महिलाएं सैनिटरी पैड, टैम्पोन, मेंस्ट्रुअल कप और दूसरे हाइजीन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। आमतौर पर इन उत्पादों को चुनते समय सबसे ज्यादा ध्यान लीकेज कंट्रोल, अब्जॉर्बेंसी और आकार पर दिया जाता है। लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, किसी मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह शरीर की संवेदनशील त्वचा के सीधे संपर्क में लंबे समय तक रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को केवल यह नहीं देखना चाहिए कि कोई पैड कितना अधिक तरल सोख सकता है, बल्कि उसके लेबल पर इस्तेमाल की गई सामग्री, खुशबू और त्वचा से जुड़ी सुरक्षा संबंधी जानकारी भी देखनी चाहिए। खासकर संवेदनशील त्वचा वाली महिलाओं के लिए बिना अनावश्यक खुशबू वाले और आरामदायक सामग्री से बने उत्पाद बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट की सामग्री क्यों महत्वपूर्ण है?

मासिक धर्म के दौरान इस्तेमाल किया जाने वाला सैनिटरी पैड कई घंटों तक त्वचा के संपर्क में रहता है। गर्मी, नमी और लगातार घर्षण के कारण कुछ महिलाओं को लालिमा, खुजली, जलन या असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में उत्पाद की बाहरी परत और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

भारतीय चिकित्सा संघ (IMA), गाजियाबाद की अध्यक्ष डॉ. अल्पना कंसल के अनुसार, महिलाओं को ऐसे सैनिटरी पैड चुनने चाहिए जो अच्छी अवशोषण क्षमता के साथ त्वचा के लिए भी आरामदायक हों। उनके मुताबिक, सांस लेने योग्य सामग्री और त्वचा-अनुकूल घटक लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान आराम बढ़ा सकते हैं। हालांकि, किसी भी पैड की सामग्री को स्वच्छता का विकल्प नहीं माना जा सकता। नियमित अंतराल पर पैड बदलना और व्यक्तिगत साफ-सफाई बनाए रखना अब भी मासिक धर्म स्वास्थ्य का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Breathable पैड्स की ओर बढ़ रहा रुझान

आजकल बाजार में Breathable यानी सांस लेने योग्य सैनिटरी पैड्स की मांग बढ़ रही है। ऐसे उत्पादों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि हवा का आवागमन बेहतर हो और लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान गर्मी तथा नमी की परेशानी कम महसूस हो।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म मौसम, अधिक पसीने या शारीरिक गतिविधि के दौरान यह पहलू विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि हर महिला की त्वचा और आराम का स्तर अलग होता है, इसलिए किसी एक प्रकार के पैड को सभी के लिए सबसे बेहतर नहीं माना जा सकता। उत्पाद चुनते समय महिलाओं को यह देखना चाहिए कि पैड त्वचा पर आरामदायक है या नहीं और इस्तेमाल के बाद किसी तरह की जलन या असामान्य प्रतिक्रिया तो नहीं हो रही।

Fragrance-Free पैड क्यों हो सकते हैं बेहतर?

सैनिटरी पैड में कृत्रिम सुगंध का इस्तेमाल कुछ उपभोक्ताओं को पसंद आ सकता है, लेकिन संवेदनशील त्वचा वाली महिलाओं में सुगंध वाले उत्पाद परेशानी पैदा कर सकते हैं। कुछ मामलों में ऐसे उत्पादों से जलन या एलर्जिक रिएक्शन की संभावना हो सकती है।

इसी वजह से Fragrance-Free यानी बिना अनावश्यक खुशबू वाले पैड्स को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर किसी महिला को सुगंध वाले उत्पाद से बार-बार जलन या असहजता होती है, तो वह बिना खुशबू वाला विकल्प चुन सकती है। हालांकि किसी उत्पाद के Fragrance-Free होने का मतलब यह नहीं है कि उससे हर व्यक्ति को कोई प्रतिक्रिया नहीं होगी। व्यक्तिगत संवेदनशीलता को ध्यान में रखना जरूरी है।

सैनिटरी पैड में मोरिंगा का इस्तेमाल

मेंस्ट्रुअल केयर उत्पादों में मोरिंगा यानी सहजन के अर्क का इस्तेमाल भी एक नया रुझान बनकर सामने आया है। मोरिंगा ओलिफेरा एक पौधा है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से भोजन और पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों में किया जाता रहा है। वैज्ञानिक साहित्य में मोरिंगा की पत्तियों और अन्य हिस्सों में विभिन्न पौधों से प्राप्त यौगिकों, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य जैव सक्रिय तत्वों की मौजूदगी का उल्लेख मिलता है। कुछ शोधों में इसके सूजन-रोधी और रोगाणुरोधी गुणों पर भी चर्चा की गई है।

हालांकि, सैनिटरी पैड में मोरिंगा जैसे किसी वनस्पति घटक के इस्तेमाल को लेकर यह दावा नहीं किया जाना चाहिए कि वह पीरियड से जुड़ी किसी बीमारी का इलाज करता है या संक्रमण को निश्चित रूप से रोकता है। किसी विशेष उत्पाद की सुरक्षा और प्रभावशीलता उसके निर्माण, सामग्री, परीक्षण और नियामकीय मानकों पर निर्भर करती है।

पैड के लेबल को पढ़ना क्यों जरूरी?

क्लाउडनाइन अस्पताल, दिल्ली की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋचा सिंघल के अनुसार, महिलाओं में पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर जागरूकता बढ़ी है। उनका कहना है कि केवल पैड के आकार और अवशोषण क्षमता को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।

उत्पाद का लेबल पढ़ना, इस्तेमाल की गई सामग्री की जानकारी लेना और अपनी त्वचा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखना जरूरी है। खासतौर पर जिन महिलाओं को बार-बार जलन, खुजली या रैश की समस्या होती है, उन्हें ऐसे उत्पादों से बचना चाहिए जिनसे पहले परेशानी हो चुकी हो।

Intimate area की सफाई में भी सावधानी जरूरी

विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि मासिक धर्म के दौरान बाहरी निजी अंगों की सफाई के लिए बहुत तेज या कठोर साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अत्यधिक सफाई या सुगंधित उत्पादों का इस्तेमाल त्वचा में जलन पैदा कर सकता है।

बाहरी हिस्से को साफ रखने के लिए सामान्य स्वच्छता पर्याप्त होती है। यदि किसी विशेष उत्पाद की जरूरत महसूस हो, तो उसके इस्तेमाल से पहले यह देखना चाहिए कि वह संवेदनशील त्वचा के लिए उपयुक्त है या नहीं। योनि के अंदर किसी तरह का साबुन, परफ्यूम या क्लीनिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल करना उचित नहीं है। लगातार असामान्य गंध, जलन, खुजली, दर्द या असामान्य डिस्चार्ज जैसी समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

समय पर पैड बदलना सबसे जरूरी

चाहे सैनिटरी पैड कितना भी उच्च गुणवत्ता वाला क्यों न हो, उसे बहुत लंबे समय तक इस्तेमाल करना उचित नहीं है। मासिक धर्म के दौरान पैड को जरूरत और रक्तस्राव की मात्रा के अनुसार नियमित रूप से बदलना चाहिए। लंबे समय तक एक ही पैड इस्तेमाल करने से नमी और गर्मी बढ़ सकती है, जिससे असहजता और त्वचा संबंधी परेशानी का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए किसी विशेष सामग्री वाले पैड पर निर्भर रहने के बजाय नियमित बदलाव और स्वच्छता को प्राथमिकता देना जरूरी है।

हर महिला के लिए एक जैसा पैड सही नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार, मासिक धर्म उत्पाद का चुनाव व्यक्तिगत जरूरत पर निर्भर करता है। किसी महिला के लिए Fragrance-Free पैड आरामदायक हो सकता है, जबकि दूसरी महिला अलग सामग्री वाला उत्पाद पसंद कर सकती है।

इसी तरह, अधिक अवशोषण क्षमता हमेशा बेहतर विकल्प नहीं होती। पैड का आकार, फिट, त्वचा से संपर्क, नमी नियंत्रण और व्यक्तिगत आराम जैसे कई पहलू महत्वपूर्ण हैं। यदि किसी उत्पाद के इस्तेमाल के बाद बार-बार रैश या जलन होती है, तो दूसरे विकल्प को आजमाने के साथ डॉक्टर से सलाह लेना भी जरूरी हो सकता है।

जागरूक उपभोक्ता बनना है सबसे जरूरी

मासिक धर्म से जुड़े उत्पादों को लेकर जागरूकता अब केवल लीकेज रोकने तक सीमित नहीं रह गई है। महिलाएं उत्पाद की सामग्री, आराम, त्वचा की सुरक्षा और निर्माण प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी चाहती हैं। मोरिंगा जैसे Botanical Ingredients, Breathable Materials और Fragrance-Free विकल्प बाजार में नए रुझानों को दिखाते हैं। लेकिन किसी भी नए उत्पाद को केवल प्राकृतिक या हर्बल नाम के आधार पर सुरक्षित मान लेना सही नहीं है। सबसे बेहतर तरीका है कि महिलाएं उत्पाद की सामग्री और निर्माता की जानकारी पढ़ें, अपनी त्वचा की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें और नियमित मासिक धर्म स्वच्छता का पालन करें।

डॉक्टर की सलाह को न करें नजरअंदाज

मासिक धर्म के दौरान हल्की असहजता आम हो सकती है, लेकिन लगातार खुजली, जलन, रैश, सूजन, दर्द या असामान्य डिस्चार्ज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में इस्तेमाल किए जा रहे उत्पाद को बदलने के साथ स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

कुल मिलाकर, मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट चुनते समय केवल उसकी अब्जॉर्बेंसी या लीकेज कंट्रोल पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। सामग्री, त्वचा के साथ उसका संपर्क, खुशबू, आराम और व्यक्तिगत संवेदनशीलता भी महत्वपूर्ण हैं। लेकिन इन सबसे ऊपर नियमित रूप से प्रोडक्ट बदलना और अच्छी मासिक धर्म स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।

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