प्रवर्तन निदेशालय ने TMC सांसद नदीमुल हक से जुड़े परिसरों पर 24 घंटे से अधिक तलाशी ली। ED के मुताबिक, करीब 60 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन में विसंगतियां मिली हैं। एजेंसी धन के स्रोत और संभावित हवाला कनेक्शन की जांच कर रही है।
कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सदस्य नदीमुल हक से जुड़े एक उर्दू अखबार के परिसरों और अन्य ठिकानों पर 24 घंटे से अधिक समय तक तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान करीब 60 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन में विसंगतियां सामने आई हैं। एजेंसी अब इन लेन-देन की प्रकृति, धन के स्रोत और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है।
ED की कार्रवाई सोमवार सुबह शुरू हुई और मंगलवार तड़के तक जारी रही। इस दौरान कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में स्थित अखबार के कार्यालय के अलावा नदीमुल हक से जुड़े आवासीय और अन्य परिसरों की तलाशी ली गई। जांच का दायरा कोलकाता तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली और रांची में भी सात अन्य ठिकानों पर एजेंसी ने तलाशी अभियान चलाया।
बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों की जांच
जांच से जुड़े ED अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान बैंक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल सामग्री की जांच की गई। एजेंसी का उद्देश्य कथित वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी को समझना और यह पता लगाना है कि जांच के दायरे में आई रकम का वास्तविक स्रोत क्या था।
अधिकारियों के मुताबिक, करीब 60 करोड़ रुपये से जुड़े कुछ लेन-देन में ऐसी विसंगतियां मिली हैं, जिनके संबंध में तलाशी के दौरान तत्काल पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। हालांकि, इन लेन-देन की वास्तविक प्रकृति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित लेन-देन वास्तविक कारोबारी गतिविधियों से जुड़े थे या इनके जरिए धन को किसी अन्य माध्यम से स्थानांतरित किया गया।
हवाला के एंगल की भी पड़ताल
जांच एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ हवाला जैसे अनौपचारिक वित्तीय माध्यमों के संभावित इस्तेमाल के एंगल की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या जांच के दायरे में आई रकम का कोई हिस्सा औपचारिक बैंकिंग चैनल से बाहर भेजा गया था।
फिलहाल यह जांच का एक संभावित पहलू है और ED की पड़ताल के पूरा होने तक इसे अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री के आधार पर लेन-देन की वास्तविक प्रकृति का मिलान कर रही है।
नदीमुल हक से भी पूछताछ
तलाशी अभियान के दौरान ED अधिकारियों ने नदीमुल हक से भी पूछताछ की। अधिकारियों के मुताबिक, जब एजेंसी ने तलाशी शुरू की, उस समय TMC सांसद रांची में थे। इसके बाद सोमवार रात उन्हें कोलकाता लाया गया।
कोलकाता पहुंचने के बाद उनके आवास और कार्यालय में तलाशी के दौरान उनसे पूछताछ की गई। जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर अखबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन के अलावा कुछ ऐसे वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की, जिनका संबंध TMC से होने का संदेह एजेंसी की जांच में सामने आया है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ED ने अभी तक मामले में किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया है।
FIR के बाद ED ने दर्ज किया ECIR
ED की कार्रवाई एक पुलिस प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू हुई। यह प्राथमिकी बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय में दर्ज की गई थी। इसके आधार पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट यानी ECIR दर्ज की।
ECIR दर्ज होने के बाद एजेंसी ने कथित अवैध और बेहिसाबी वित्तीय लेन-देन तथा संदिग्ध स्रोतों से धन प्राप्त होने के आरोपों की जांच शुरू की। तलाशी अभियान इसी जांच का हिस्सा बताया जा रहा है।
जांच एजेंसी अब दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री का विश्लेषण कर रही है। इसका उद्देश्य कथित लेन-देन से जुड़े पक्षों, धन के स्रोत और रकम के इस्तेमाल की पूरी कड़ी को स्थापित करना है।
24 घंटे से ज्यादा चला तलाशी अभियान
ED की कार्रवाई की शुरुआत सोमवार सुबह हुई थी। कोलकाता में अखबार के कार्यालय और नदीमुल हक से जुड़े परिसरों के अलावा दिल्ली तथा रांची में भी एजेंसी की टीमें पहुंचीं। अधिकारियों के अनुसार, कुल मिलाकर सात अन्य ठिकानों पर भी तलाशी ली गई।
इतने लंबे समय तक चले अभियान के दौरान जांचकर्ताओं ने वित्तीय और डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाला। किसी भी तलाशी अभियान में एजेंसी द्वारा जब्त या एकत्र किए गए दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ED ने अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष या आरोप को न्यायिक रूप से स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया है।
जांच के केंद्र में 60 करोड़ रुपये के लेन-देन
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु करीब 60 करोड़ रुपये से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन हैं। ED के अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान कुछ लेन-देन को लेकर ऐसी विसंगतियां मिलीं, जिनके समर्थन में तत्काल संतोषजनक रिकॉर्ड नहीं मिले।
अब एजेंसी यह निर्धारित करने की कोशिश कर रही है कि इन लेन-देन के पीछे वास्तविक कारोबारी गतिविधियां थीं या धन के हस्तांतरण के लिए किसी अन्य व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया। बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेज और डिजिटल डेटा के विश्लेषण से जांचकर्ताओं को इन सवालों के जवाब तलाशने में मदद मिल सकती है।
गिरफ्तारी नहीं, जांच जारी
मंगलवार तक ED ने इस मामले में किसी गिरफ्तारी की घोषणा नहीं की थी। नदीमुल हक से पूछताछ और विभिन्न परिसरों से जुटाई गई वित्तीय एवं डिजिटल सामग्री की जांच आगे भी जारी रहने की संभावना है।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। किसी भी लेन-देन को अवैध साबित करने के लिए जांच एजेंसी को संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना मामला स्थापित करना होगा।
फिलहाल ED का ध्यान कथित 60 करोड़ रुपये के लेन-देन की प्रकृति, धन के स्रोत और संभावित हवाला कनेक्शन की पड़ताल पर है। आगे की जांच के आधार पर एजेंसी इस मामले में अपनी कार्रवाई को लेकर निर्णय लेगी।










